इन्दिरा हृदयेश, डाॅ. हरक सिंह रावत, हरीश रावतआई एन वी सी,
देहरादून ,

नाबार्ड उत्तराखण्ड को कृषि, विलेज टूरिज्म, एम.एस.एम.ई. जैसे अन्य क्षेत्रों में राज्य सरकार को पूरा सहयोग करेगा। नाबार्ड राज्य में माॅडल स्वयं सहायता समूह का भी गठन करेगा। महिला सशक्तीकरण की दिशा में आंगनबाडी़, स्वयं सहायता समूहों आदि के क्षमता विकास व प्रशिक्षण के लिए भी नाबार्ड सहयोग देगा। शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास, कैन्ट रोड में मुख्यमंत्री हरीश रावत और नाबार्ड के अध्यक्ष डाॅ. हर्ष कुमार भनवाला के साथ बैठक आयोजित हुई। बैठक में कई महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि नाबार्ड राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए कुछ नये क्षेत्रों को चिन्हित करे। नाबार्ड ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि रूरल एरिया में कैपेसिटी बिल्डिंग पर नाबार्ड अधिक जोर दे। राज्य के पिछडे क्षेत्रों के प्रस्तावों को प्राथमिकता दी जाय। नाबार्ड स्वयं भी अध्ययन करते हुए राज्य के अछूत क्षेत्रों को विकास योजनाओं से जोड़े। आपदा से राज्य के पर्यटन को जो नुकसान हुआ है, उसे ध्यान में रखते हुए भी नये प्रस्ताव को मंजूरी दी जाय। इसमें ईको टूरिज्म सहित अन्य साहसिक पर्यटन की गतिविधियों को भी शामिल किया जा सकता है। किसानों को उनके उत्पादों का सही मूल्य मिले, इसके लिए सरकार ने कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें नाबार्ड सहयोग कर सकता है। गांव के पास ही बाजार विकसित होने से पलायन रूकेगा, स्थानीय लोगो को रोजगार मिलेगा। सरकार ने चारधाम यात्रा को वर्ष भर संचालित करने के साथ ही हिमालय दर्शन योजना शुरू करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए नई नीति मंजूर की है। इसके साथ ही 100 स्माॅल इंडस्ट्रियल यूनिट स्थापित की जायेगी। सरकार का 1000 युवाओं को उद्यमी बनाने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने नाबार्ड से पर्वतीय क्षेत्रों में स्थापित होने वाले लघु उद्योगों के अवस्थापना विकास व प्रशिक्षण आदि में सहयोग की बात कही। राज्य सरकार नई ऊर्जा नीति बनाने जा रही है, जिसमें ग्राम पंचायतों को 2 मेगावाट तक की परियोजना निर्माण की अनुमति दी जायेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार कल्स्टर आधारित कृषि को प्रोत्साहित कर रही है। सहकारी बैंको को मजबूत किया जा रहा है। नाबार्ड पर्वतीय क्षेत्रों में बैकिंग क्षेत्र को मजबूती प्रदान में भी सहयोग करे।
नाबार्ड के अध्यक्ष डाॅ. हर्षवर्धन भनवाला ने कहा कि नाबार्ड उत्तराखण्ड को हर संभव सहयोग देगा। उन्होंने कहा कि आज की बैठक में मुख्यमंत्री जी द्वारा जिन नये क्षेत्रों को चिन्हित करने की बात कही गई है, उस पर भी शीघ्र कार्य किया जायेगा। उन्होने बताया कि नाबार्ड 25 मेगावाट तक की बिजली योजनाओं के लिए सहयोग देता है। राज्य सरकार के साथ कार्ययोजना तैयार कर स्थानीय स्तर पर बनने वाली बिजली परियोजनाओं को सहयोग दिया जायेगा। राज्य सरकार के 100 स्माॅल इंडस्ट्रियल यूनिट स्थापित करने की योजना पर भी नाबार्ड सहयोग देगा। डाॅ. हर्ष कुमार ने बताया कि नाबार्ड की नई स्कीम शुरू है, जिसमें सोलर पावर प्लांट, विज्ञान केन्द्र, एग्रीकल्चर कालेज, वेटरनरी सेंटर आदि के लिए भी सहयोग करेगा। इन क्षेत्रों में यदि उत्तराखण्ड से प्रस्ताव मिलते है, तो नाबार्ड उसमें पूरा सहयोग देगा। राज्य सरकार सहकारी बैंकों को आधुनिक तकनीक से जोड़े साथ ही उनका पूर्णतः कम्प्यूटराईजेशन करे। इससे सहकारी बैंको को सुविधा होगी और नाबार्ड भविष्य में उन्हें और अधिक सहयोग दे सकेगा। डाॅ. हर्ष कुमार ने बताया कि नाबार्ड की एक और नई स्कीम शुरू हुई है, जिसमें किसानों को उनके उत्पाद मंडी तक पहुंचाने के लिए सहयोग प्रदान किया जायेगा। इसके लिए इस वर्ष 200 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए है, जिसमें 2000 किसानों का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार की ओर से किसानों के लिए संचालित ऐसी किसी योजना का प्रस्ताव मिलने पर उसे पूरा सहयोग दिया जायेगा। डाॅ. कुमार ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया कि राज्य सरकार द्वारा उनके भवन के लिए जो भूमि आवंटित की गई है, वह भवन दो वर्ष में बनकर तैयार हो जायेगा। डाॅ. कुमार ने बताया कि उत्तराखण्ड के लिए आर.आई.डी.एफ. योजना के तहत 3815 करोड़ रुपये की प्रस्ताव स्वीकृत किये गये है। नाबार्ड के सहयोग से 15236 व्यक्तियों को स्वयं सहायता समूह के माध्यम से प्रशिक्षत किया गया है।
बैठक में कैबिनेट मंत्री डाॅ. इन्दिरा हृदयेश, डाॅ. हरक सिंह रावत, मुख्य सचिव एन.रविशंकर, अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा, नाबार्ड क्षेत्रीय प्रबंधक सी.पी.मोहन सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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