Friday, November 15th, 2019
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रिहा होने के बाद हनीप्रीत पहुंची डेरा 

हनीप्रीत जमानत पर जेल से रिहा होने के बाद सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा पहुंची और उसने डेरा में होने वाली नामचर्चा में परिवार संग हिस्सा लिया। इस दौरान वह अन्य संगत के साथ नाम सिमरन करती रही। उनके साथ विपासना इंसा व शोभा इंसा भी थी। करीब चालीस मिनट तक नामचर्चा में रही।
शाम पांच बजे नाम चर्चा खत्म होने के बाद वे डेरे में अपने निवास स्थान मकान नंबर 337 में ही चली गई। हनीप्रीत अपने पिता और परिवार के साथ ही पूरे दिन रही। वहीं डेरे में डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक शाह मस्ताना के 12 नवंबर को होने वाले जन्म दिवस के उपलक्ष्य में रंग रोगन का काम भी हो रहा है।

बता दें कि 25 अगस्त 2017 को डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को सीबीआई की विशेष कोर्ट ने साध्वी यौन शोषण मामले में दोषी करार देते हुए 28 अगस्त 2017 को 20 साल की सजा सुनाई थी। सजा सुनाए जाने के बाद हरियाणा के पंचकूला व सिरसा के अलावा पंजाब के अनेक हिस्सों में हिंसक हुई डेरा उपद्रवियों के भीड़ दंगे किए। इन दंगों में 40 लोग मारे गए थे। पुलिस ने हनीप्रीत, आदित्य इंसां सहित कई लोगों पर राजद्रोह की भी धाराएं लगाई थी।
डेरा प्रमुख के साथ पांच फिल्मों में काम किया
हनीप्रीत के चाचा अभी भी सिरसा के परशुराम चौक पर एमआरएफ टायर का शोरूम चलाते हैं। उसके मामा और कई रिश्तेदार सिरसा के मुख्य मार्गों पर कारोबार करते हैं। हनीप्रीत के नाम पर डेरे के अंदर एक बुटीक भी था। उसके पिता रामानंद तनेजा डेरा की परचेजिंग कमेटी के हेड रहे। बाजार का सारा लेन-देन उनके जिम्मे ही था। डेरा प्रमुख को फिल्मों में लाने वाली हनीप्रीत ही थी। डेरा प्रमुख ने करीब पांच फिल्मों में काम किया। हनीप्रीत ने किसी फिल्म में निदेशक की भूमिका अदा की तो किसी में सह निदेशक की।

हनीप्रीत को वीआईपी ट्रीटमेंट देने पर अंशुल ने उठाए सवाल
वहीं दिवंगत पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने कहा कि सरकार और पुलिस हनीप्रीत के खिलाफ सबूत क्यों नहीं पेश कर पाई। हरियाणा पुलिस के पास पुख्ता सबूत होने के बावजूद हनीप्रीत को जमानत कैसे मिली ये चिंता का विषय है। अंशुल छत्रपति ने हरियाणा सरकार और पुलिस को खरी खोटी सुनाते हुए कहा कि अगर सरकार और पुलिस के पास सबूत थे तो वे कोर्ट में पेश क्यों नहीं कर पाए। उन्होंने सरकार और पुलिस को फेलियर बताया।

अंशुल ने कहा कि हनीप्रीत और राम रहीम ने प्रदेश में हिंसा फैलाई। अंशुल ने कहा कि सरकार को हनीप्रीत की जमानत के खिलाफ कोर्ट में रिवीजन पिटीशन डालनी चाहिए ताकि हिंसा फ़ैलाने वाले लोगो को सजा मिल सके। अंशुल ने जेल से बाहर आने पर हनीप्रीत को पुलिस द्वारा वीआईपी ट्रीटमेंट देने पर भी सवाल उठाये और निंदा व्यक्त की है। PLC

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