आई एन वी सी न्यूज़
लखनऊ,
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज जनपद लखीमपुर खीरी के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद मुख्यमंत्री जी ने ओ0एन0जी0सी0 सभागार में जिले के अधिकारियों के साथ बाढ़ के दृष्टिगत की गई तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने जिले में अब तक बाढ़ से निपटने के लिए की गयी तैयारियों का पावर प्वाइंट प्रेजेन्टेशन प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिया कि जहां पर नदियां कृषि भूमि का कटान कर रही हंै और फसलें नष्ट हो रही हैं, वहां पर बैम्बू क्रेट लगाने में तेजी लायी जाए, जिससे कृषि भूमि को बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में स्थापित की गईं बाढ़ चैकियां 24 घण्टे सक्रिय रहंे। कटान के दृष्टिगत संवेदनशील स्थलों की सतत निगरानी की जाए। बाढ़ चैकियों पर पेट्रोमैक्स की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए। मुुख्यमंत्री जी ने सिंचाई विभाग के अफसरों को निर्देशित किया कि वे धौरहरा तहसील के कटान से प्रभावित साहबदीन पुरवा तथा सरैयाकलां गांवों में कटान से निपटने के लिए अविलम्ब प्रभावी कार्रवाई करें।
मुख्यमंत्री जी ने निर्देशित किया कि जनपद में बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए जनपद के सिंचाई विभाग के अधिकारी, बाढ़ की समस्या कम होने तक, अवकाश पर नहीं जायेंगे। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को बाढ़ से निपटने के कार्यों में और अधिक तेजी लाये जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इस आपदा से निपटने के लिए जनपद को पर्याप्त धनराशि दी गई है। बाढ़ नियंत्रण व राहत कार्यों के सम्बन्ध में किसी भी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि बाढ़गस्त क्षेत्रों में रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। यदि वह वहां से नहीं हटना चाहते तो उन्हें राहत सामग्री वहीं पर पहंुचायी जाए। समीक्षा बैठक के उपरांत मुख्यमंत्री जी ने बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर उन्हें राहत सामग्री वितरित की।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण एवं शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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