आई एन वी सी,अंबाला,रामलीला क्लब बराड़ा,लिम्का बुक आफ रिकॉर्ड,लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड संपादक विजय घोष,राणा तेजिंद्र सिंह चौहान,तनवीर जाफरीआई एन वी सी,
अंबाला,
विश्व के सबसे ऊंचे रावण के पुतले का निर्माण करने के लिए श्री रामलीला क्लब बराड़ा,जि़ला अंबाला को चौथी बार देश की सर्वप्रमुख कीर्तिमान लिम्का बुक आफ रिकॉर्ड  द्वारा विश्व रिकॉर्ड बनाए जाने के प्रमाण पत्र से नवाज़ा गया है। विश्व रिकॉर्ड 2015 का इस उपलब्धि का प्रमाणपत्र गत् दिनों लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड की संपादक विजय घोष द्वारा क्लब के संस्थापक अध्यक्ष राणा तेजिंद्र सिंह चौहान तथा क्लब संयोजक तनवीर जाफरी को गुडग़ांव स्थित लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड के कार्यालय में भेंट किया गया। यह प्रमाण पत्र गत् वर्ष बराड़ा महोत्सव 2013 के अवसर पर क्लब द्वारा राणा तेजिंद्र सिंह चौहान के निर्देशन में तैयार किए गए 200 फुट ऊंचे रावण के पुतले के निर्माण हेतु दिया गया है।
गौरतलब है कि इसके पूर्व भी श्री रामलीला क्लब बराड़ा को तीन बार लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित करने का प्रमाण पत्र विश्व के सबसे ऊंचें राण के पुतले के निर्माण के क्षेत्र में दिया जा चुका है। क्लब को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड द्वारा सर्वप्रथम 2011 में 175 फुट ऊंचे रावण के पुतले के निर्माण के लिए राष्ट्रीय  रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र  देकर प्रमाणित किया गया। उसके पश्चात 2013 में 185 फुट ऊंचे रावण के पुतले के लिए पुन: लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड से सम्मानित किया गया। तीसरी बार 2014 में 195 फुट ऊंचे रावण के पुतले के लिए क्लब को लिम्का रिकॉर्ड द्वारा नवाज़ा गया। और अब चौथी बार 200 फुट ऊंचे रावण के पुतले के निर्माण हेतु विश्व रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र हासिल कर श्री रामलीला क्लब बराड़ा 4 बार लगातार लिम्का रिकॉर्ड हासिल करने वाला विश्व का पहला क्लब बन गया है।
गौरतलब है कि श्री रामलीला क्लब बराड़ा प्रत्येक वर्ष विजयदशमी के अवसर पर पांच दिवसीय बराड़ा महोत्सव का आयोजन विश्व के सबसे ऊंचे रावण के पुतले की पृष्ठभूमि में करता है। विजयदशमी के दिन इस पुतले का दहन लाखों दर्शकों की उपस्थिति में किया जाता है। क्लब के संस्थापक अध्यक्ष राणा तेजिंद्र सिंह चौहान ने बताया कि रावण का यह पुतला

सांप्रदायिकता,जातिवाद,मंहगाई,भ्रष्टाचार,दहेज प्रथा,कन्या भ्रुण हत्या,अशिक्षा,आतंकवाद, अस्पृश्यता,मिलावटखोरी, जमाखोरी जैसी अनेक सामाजिक बुराईयों का प्रतीक है। क्लब बुराईयों के प्रतीक स्वरूप प्रत्येक वर्ष विश्व के सबसे ऊंचे रावण के पुतले का निर्माण व दहन कर समाज से बुराईयों के नष्ट करने का संकल्प लेता है। बराड़ा महोत्सव का आयोजन अपने-आप में सांप्रदायिक सौहार्द्र की भी एक अनूठी मिसाल है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here