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Thursday, October 29th, 2020

राफेल पूरी दुनिया को कड़ा संदेश

फ्रांस से 36 राफेल की डील के तहत 5 विमानों का पहला बैच 29 जुलाई को भारत पहुंचा था
राफेल चौथी जेनरेशन का सबसे फुर्तीला जेट है, इससे परमाणु हमला भी किया जा सकता है

फ्रांस से खरीदे गए 5 आधुनिक फाइटर जेट राफेल भारत आने के 43 दिन बाद आज अम्बाला एयरफोर्स स्टेशन पर वायुसेना में शामिल कर लिए गए। इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "राफेल का भारतीय वायुसेना में शामिल होना पूरी दुनिया के लिए कड़ा संदेश है, खासकर उनके लिए जो हमारे हक पर नजर डाल रहे हैं। मैं वायुसेना के साथियों को बधाई देता हूं। हाल ही में एलएसी पर हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के दौरान आपने जो तेजी और सतर्कता दिखाई, उससे आपके कमिटमेंट का पता चलता है।"

वहीं वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने कहा, "सुरक्षा की मौजूदा स्थिति को देखते हुए राफेल को शामिल करने का इससे अच्छा समय कोई और नहीं हो सकता था।" इससे पहले फ्रांस की डिफेंस मिनिस्टर फ्लोरेंस पार्ले की मौजूदगी में सर्वधर्म यानी हिंदू, मुस्लिम, सिख और इसाई धर्म के अनुसार पूजा की गई। उसके बाद एयर-शो हुआ, जिसमें फाइटर प्लेन ने आसमान में ताकत दिखाई। फिर, लैंडिंग के बाद वॉटर कैनन सैल्यूट दिया गया।

17 गोल्डन एरो स्क्वाड्रन में शामिल हुए राफेल
राफेल फाइटर जेट की अम्बाला स्थित 17 गोल्डन एरो स्क्वॉड्रन में औपचारिक एंट्री इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई है। 17 साल बाद देश का कोई रक्षा मंत्री अम्बाला एयरफोर्स स्टेशन पर किसी बड़े समारोह में शामिल हुआ है। इससे पहले अगस्त 2003 में एनडीए सरकार में रक्षा मंत्री रहे जॉर्ज फर्नांडिस ने 73 की उम्र में अम्बाला से मिग-21 बाइसन में उड़ान भरी थी।

 

राफेल की डील और भारत में डिलीवरी
भारत ने फ्रांस के साथ 2016 में 58 हजार करोड़ रुपए में 36 राफेल जेट की डील की थी। इनमें 30 फाइटर जेट और 6 ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट होंगे। ट्रेनर जेट्स टू सीटर होंगे और इनमें भी फाइटर जेट जैसे सभी फीचर होंगे। भारत को जुलाई के आखिर में 5 राफेल फाइटर जेट्स का पहला बैच मिला। 27 जुलाई को 7 भारतीय पायलट्स ने राफेल लेकर फ्रांस से उड़ान भरी और 7,000 किमी का सफर तय कर 29 जुलाई को भारत पहुंचे थे।

पिछले साल दशहरे पर राफेल जब भारत को सौंपे गए थे, तब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फ्रांस में हिंदू रीति रिवाज से शस्त्र पूजा करते हुए राफेल पर ‘ओम’ बनाकर नारियल चढ़ाया और धागा बांधा था। इस पूजा पर विपक्ष ने सवाल खड़े किए थे।

17 साल पहले जॉर्ज फर्नांडिस ने अम्बाला में मिग-21 उड़ाया था
अगस्त 2003 में एनडीए सरकार में रक्षा मंत्री रहे जॉर्ज फर्नांडिस ने 73 की उम्र में मिग-21 बाइसन में उड़ान भरी थी। उस वक्त मिग-21 हादसों में लगातार पायलटों की मौत की होने की वजह से सरकार पर सवाल उठने लगे थे। इन विमानों को 'फ्लाइंग कोफिन' तक कहा जाने लगा

अम्बाला में तब मिग-21 की कोबरा स्क्वाड्रन तैनात थी। जॉर्ज फर्नांडिस ने कोबरा स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर विंग कमांडर एन हरीश के साथ उड़ान भरी थी। करीब 25 मिनट की उड़ान के बाद उन्होंने इस विमान की जबरदस्त तारीफ करते हुए इसे रियल फाइटिंग मशीन बताया था। PLC.
 

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