Friday, July 10th, 2020

RTI का दम - 85 लाख से ज़्यादा के घोटाले में नप सकते हैं बाबू l

power-of-the-RTIआई एन वी सी न्यूज़ लखनऊ ,

राज्य सूचना आयुक्त श्री हाफिज उस्मान ने खण्ड विकास अधिकारी, बिलासपुर, रामपुर  को दिये, विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के आदेश:- वादी द्वारा विभिन्न योजनाओं में लगभग रू0 85,50,000 (रू0 पच्चासी लाख, पचास हजार) के घोटालें का लगाया, आरोप  जनपद रामपुर बिलासपुर निवासी श्री अमित कुमार अग्रवाल ने दिनांक 17.07.2015 को खण्ड विकास अधिकारी, बिलासपुर, रामपुर से सूचना अधिकार अधिनियम-2005 के तहत आवेदन-पत्र देकर ब्लाॅक से सम्बन्धित कुछ बिन्दुओं की जानकारी मांगी थी कि मनरेगा योजना के अन्तर्गत हुई धांधलियों एवं अनियमितताओं को विभाग द्वारा पकड़ में आने के बावजूद कितने ग्राम प्रधानों/सचिवों व दोषियों के विरूद्ध मनरेगा अधिनियम के अन्तर्गत एफआईआर दर्ज करायी गयी, यदि नहीं दर्ज करायी गयी, तो किस कारण से। मनरेगा योजना/राज्य वित्त योजना के अन्तर्गत ग्राम पंचायतों को कितना धन प्राप्त हुआ है, कितना खर्च किया गया है, इन्द्रा आवास योजना/लोहिया आवास योजना के अन्तर्गत कितने पात्र व्यक्ति लाभान्वित हुए है। बिल, बाउचर, मास्टर रोल, नाम-पते आदि सहित प्रमाणित सूची उपलब्ध कराये, परन्तु विभाग द्वारा इस सम्बन्ध में वादी को सूचना उपलब्ध नहीं करायी गयी। निराश होकर वादी ने आरटीआई का सहारा लिया और अधिनियम के तहत राज्य सूचना आयोग में अपील दाखिल कर सम्बन्धित प्रकरण की जानकारी चाही है। राज्य सूचना आयुक्त श्री हाफिज उस्मान ने खण्ड विकास अधिकारी, बिलासपुर, रामपुर को सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की धारा 20 (1) के तहत नोटिस जारी कर आदेशित किया कि वादी को 30 दिन के अन्दर सूचना उपलब्ध कराते हुए, मा0 आयोग को अवगत कराये।

सुनवाई के दौरान खण्ड विकास अधिकारी, बिलासपुर, रामपुर उपस्थित नहीं हुए। वादी उपस्थित हुए, उन्होंने प्रकरण से सम्बन्धित कुछ दस्तावेज मा0 आयोग के समक्ष पेश किये, तथा लिखित तौर भी आयोग को बताया कि खण्ड विकास कार्यालय बिलासपुर में अनेक सरकारी योजनाओं के घोटाले पकड़ में आ चुके हैं, परन्तु इनके विरूद्ध कानूनी कार्यवाही नहीं की गयी है, विभिन्न योजनाओं में लगभग रू0 85,50,000 (रू0 पच्चासी लाख, पचास हजार) का घोटाला उजागर हुआ है, इस आशय की जानकारी वादी ने लिखित रूप से मा0 आयोग को दी है।

राज्य सूचना आयुक्त श्री हाफिज उस्मान ने प्रकरण को गम्भीरता से लेते हुए, खण्ड विकास अधिकारी, बिलासपुर, रामपुर को पुनः नोटिस जारी कर आदेशित किया कि वादी द्वारा उठाये गये बिन्दुओं की सूचना 30 दिन के अन्दर समस्त अभिलेखों सहित अनिवार्य रूप से मा0 आयोग के समक्ष पेश करें, जिससे प्रकरण में अन्तिम निर्णय लिया जा सके, अन्यथा जनसूचना अधिकारी स्पष्टीकरण देंगे कि वादी को सूचना क्यों नहीं दी गयी है, क्यों न उनके विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जाये।

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