जयपुर. राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha Elections) से पहले गुजरात में कांग्रेसी विधायकों के इस्तीफों के बाद बदले हालात में कांग्रेस (Congress) अब राजस्थान में तोड़फोड़ की आशंकाओं को देखते हुए सतर्क (Cautious) हो गई है. कई निर्दलीय और कांग्रेस विधायकों से बीजेपी के रणनीतिकारों के संपर्क की खुफिया रिपोर्ट के बाद सीएम अशोक गहलोत ने कमान संभाल ली है. सीएम अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) हर स्थिति पर खुद नजर रख रहे हैं और सभी गैर बीजेपी विधायकों के संपर्क में है. राजस्थान में कांग्रेस के रणनीतिकार राज्यसभा चुनाव में 125 विधायकों के समर्थन का दावा कर रहे हैं.

कांग्रेस के खुद के 107 विधायक हैं

अभी विधानसभा में कांग्रेस के खुद के 107 विधायक हैं. मंत्री सुभाष गर्ग आरएलडी से हैं. 13 निर्दलीय विधायकों का भी कांग्रेस को समर्थन है. माकपा के 2 और बीटीपी के 2 विधायकों के वोट भी कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में जाने की संभावना है. उधर बीजेपी के पास खुद के 72 और 3 रालोप विधायकों का समर्थन है. ऐसे में संख्या बल कांग्रेस के पक्ष में है.

केसी वेणुगोपाल और नीरज डांगी हैं उम्मीदवार

राज्यसभा चुनाव के लिए राजस्थान से कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रदेश महासचिव नीरज डांगी उम्मीदवार हैं. दोनों सीटों पर कांग्रेस की जीत तय मानी जा रही है. जीत के साथ कांग्रेस की रणनीति है कि बीजेपी के उम्मीदवारों के खाते में किसी भी गैर बीजेपी विधायक का वोट नहीं जाए. संख्या बल पक्ष में होने के बावजूद गुजरात के घटनाक्रम को देखते हुए कांग्रेस राजस्थान में पूरी सतर्कता बरत रही है.

क्रॉस वोट हुआ तो बीजेपी को मुद्दा बनाने का मौका मिल जाएगा

कांग्रेस खुद के अलावा सभी गैर बीजेपी विधायकों से भी लगातार संपर्क में है. सीएम अशोक गहलोत पूरी स्थिति पर निगाह रखे हुए है. कांग्रेस के रणनीतिकार किसी भी स्थिति में एक भी विधायक क्रॉस वोट नहीं करे अब इसमें लगे हुए हैं. संख्या बल पक्ष में होने के बावजूद अगर किसी भी विधायक ने क्रॉस वोट किया तो बीजेपी को मुद्दा बनाने का मौका मिल जाएगा. इसलिए पूरी सतर्कता बरती जा रही है.

राजस्थान में 3 सीटों पर चुनाव होना है

गौरतलब है कि आगामी 19 जनू को राज्यसभा की सीटों के लिए चुनाव होना है. राजस्थान में 3 सीटों पर चुनाव होना है. वर्तमान में पार्टी के अनुसार 2 सीटों पर कांग्रेस की जीत तय मानी जा रही है. जबकि एक सीट बीजेपी के खाते में जाना करीब-करीब तय है. लेकिन बीजेपी ने इन चुनावों में 2 उम्मीदवार उतारकर सत्तारुढ़ कांग्रेस के लिए परेशानियां खड़ी कर दी है. कांग्रेस को इस बात की चिंता खाई जा रही है कि बीजेपी निर्दलीय विधायकों समेत उनकी खुद की पार्टी के विधायकों पर भी डोरे डाल सकती है. इसलिए वह पहले से सतर्क है. PLC.

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