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Saturday, October 16th, 2021

राज्यपाल ने जारी किया छायावादी कवि सुमित्रानंदन पंत की स्मृति में ‘स्मारक डाक टिकट’

a37cc796-d2ae-4b19-a017-68c134c7d1bfआई एन वी सी न्यूज़
देहरादून उत्तराखण्ड के राज्यपाल डा0 कृष्णकांत पाल ने आज राजभवन में सुविख्यात छायावादी कवि सुमित्रानंदन पंत पर ‘स्मारक डाक टिकट’ जारी किया। मुख्य अतिथि के रूप में अपने सम्बोधन में राज्यपाल ने कहा- ‘‘महान कवि व दार्शनिक को श्रद्धा एवं सम्मान अभिव्यक्ति का यह विशेष अवसर है जिस पर उत्तराखण्ड के प्रत्येक नागरिक को गर्व है क्योंकि राज्यगठन के बाद राज्य के किसी व्यक्ति या साहित्यकार पर पहली बार डाक टिकट जारी हुआ है। किसी महान व्यक्तित्व को सिक्कों, करेंसी या डाक टिकट में दर्शा कर विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदान को सम्मान देने की परम्परा सदियों से विश्व के सभी देशों में प्रचलित है। राजकीय अभिलेखों में दर्ज होने के बाद वह महान व्यक्तित्व राष्ट्रीय धरोहर के रूप में भावी पीढ़ी की प्रेरणा बनता है।’’ राज्यपाल ने कहा- ‘किसी साहित्यकार की तपस्या को सम्मान देना समाज का दायित्व बनता है। सुमित्रानंदन पंत की जन्मस्थली कौसानी को साहित्यकारांे की साधना स्थली/‘राईटर्स एण्ड पोएट्स रिट्रीट’ के रूप में विकसित करने के साथ ही अन्य कई तरह से चिरस्मरणीय करने के विचार मेरे मन में आते रहते हैं।’ आज जारी ‘स्मारक डाक टिकट’ को राज्यपाल ने महान छायावादी कवि के प्रति अपनी विनम्र श्रद्धांजलि  बताया। उल्लेखनीय है कि प्राकृतिक सौंदर्य के उपासक, प्रगतिशील विचारधारा के मानवतावादी दार्शनिक साहित्यकार पंत जी के व्यक्तित्व से प्रभावित राज्यपाल द्वारा, आज जारी ‘स्मारक डाक टिकट’ का प्रस्ताव एवं डिजाइन (परिकल्पना) स्वयं तैयार किया गया। टिकट में पंत जी के फोटो सहित पाश्र्व में कौसानी के प्राकृतिक सौंदर्य को भी दर्शाया गया है। उन्होंने अपने सम्बोधन में ‘अल्मोड़े का वसन्त’ की पंक्तियाँ को उद्धृत करते हुए प्रकृति, प्रेम और पर्यावरण के प्रति पंत जी के जुड़ाव को उजागर किया। पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी लोगों का आह्वाहन करते हुए उन्होंने कहा कि प्रकृति के सान्निध्य मंे रहकर पर्यावरण को बचायें। सम्बोधन में उन्होंने यह भी बताया कि आई.आई.टी ने अपना कुलगीत ‘जयति-जयति विद्या संस्थान’ पंत जी की कविता से ही चुना है। पंत जी की कवितायें अनन्तकाल तक पीढि़यों को प्रेरित करती रहेंगी। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित विधानसभा अध्यक्ष श्री गोविन्द सिंह कुंजवाल ने कहा कि पंत जी का हिन्दी साहित्य में अविस्मरणीय योगदान रहा है जिसके लिए हिन्दी साहित्य जगत उनका सदैव ऋणी रहेगा। समारोह में विशेष रूप से आमंत्रित पंत जी की दत्तक पुत्री श्रीमती सुमिता पंत ने अपने पिताश्री की ‘मेरी बेटी सुमिता’ कविता पढ़कर उन्हें विनम्र व भावुक श्रद्धांजलि दी और अपने पिताश्री सुमित्रानंदन पंत को गरिमामय सम्मान दिलाने के लिए राज्यपाल का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। डाक विभाग के सौजन्य से राजभवन में आयोजित इस कार्यक्रम में डाक विभाग के उत्तराखण्ड परिमण्डल के चीफ पोस्ट मास्टर जनरल श्री उदयकृष्ण ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए सुमित्रानंदन पंत की साहित्य साधना पर सारगर्भित प्रकाश डाला। समारोह में मसूरी के विधायक श्री गणेश जोशी सहित अनेक साहित्यकार, साहित्य प्रेमी, प्रबुद्ध नागरिक, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा पंत जी के परिवार के अन्य निकटतम सदस्य भी मौजूद थे।

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