आई एन वी सी न्यूज़ भोपाल, वन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सी.के. खेतान ने काष्ट एवं बासं उत्पादन से प्राप्त होने वाले राजस्व अर्जन के, निर्धारित लक्ष्य से कम प्राप्त होने पर अप्रसन्न्ता व्यक्त की है। उन्होंने आज वन विभाग के उत्पादन प्रभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य प्राप्ति के लिए ठोस प्रयास करने के निर्देश दिए।

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि वन विदोहन से प्राप्त होने वाले राजस्व लक्ष्य के अनुरूप हासिल किया जाए। लक्ष्य प्राप्ति में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नही की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को बारिश के मौसम के पहले वनोपज के सही रखरखाव की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने  चालू वित्तीय वर्ष में कूपों में विदोहन किये गये सभी वनोपजों को बारिश से पहले डिपों में परिवहन कराने और अधिक से अधिक वनोपज को नीलाम द्वारा निर्वतन कर निर्धारित राजस्व की प्राप्ति सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि विदोहित किये गये वनोपज से छह सौ करोड़ राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया था। इसके विरूद्ध वित्तीय वर्ष 2018-19  दो सौ 54 करोड़ 58 लाख रूपए की राजस्व की प्राप्ति हुई है। वित्तीय वर्ष 2018-19 की अंत तक 84900 घनमीटर ईमारती काष्ठ के अनुमानित लक्ष्य के विरूद्ध 65349 घनमीटर ईमारती काष्ठ (77 प्रतिशत) तथा जलाऊ चट्टों के अनुमानित लक्ष्य 116071 चट्टों के विरूद्ध 71064 चट्टा (82 प्रतिशत) और 21695 नोसनल टन बांस के अनुमानित लक्ष्य के विरूद्ध 14509 नोसनल टन (62 प्रतिशत) बांस का उत्पादन हुआ है।
बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 2017-18 में काष्ठ और बांस कूपों के विदोहन से प्राप्त होने वाले वनोपज की लाभांश की राशि 13.ेकरोड़ 72 लाख़ रूपए 226 वन प्रबंधन समितियों को इस वर्ष दिया गया है। चालू वित्तीय वर्ष में 4357 पंजीकृत बंसोड़ो को 302392 नग बांस उपलब्ध कराए गए हैं।