वसुन्धरा राजे आई एन वी सी न्यूज़आई एन वी सी न्यूज़
जयपुर,
मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कहा कि राज्य सरकार का विजन प्रदेश के नागरिकों को सूचना प्रौद्योगिकी से जोडक़र उनके जीवन स्तर में सुधार लाना एवं राजस्थान को देश में नवाचारों और नॉलेज का हब बनाना है। उन्होंने कहा कि इस विजन को कार्यरुप में बदलने के साथ-साथ राजस्थान को देश में रोल मॉडल बनाने लिए ‘डिजिटल राजस्थान,’ एक सशक्त प्लेटफॉर्म साबित हो सकता है।
श्रीमती राजे मंगलवार को यहां एस.एम.एस. कन्वेंशन सेन्टर में आयोजित सिस्को इंडिया समिट को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहीं थीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान सरकार डिजिटल इंडिया, स्मार्ट सिटी, स्किल डवलपमेंट एवं स्मार्ट ग्रिड जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश को डिजिटल रूप से सक्षम बनाकर डिजिटल राजस्थान के विजन को धरातल पर ला रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में गुड गवर्नेंस प्रदान करने के साथ सुराज स्थापित करने के लिए प्रतिबद्घ है। हमारा प्रयास है कि आईटी एवं आईटीईएस के अधिकतम उपयोग से जन क्रेन्द्रित एवं पारदर्शी प्रशासन प्रदान किया जाए।
श्रीमती राजे ने डिजिटल राजस्थान के विजन को साकार करने के लिए आईटी इण्डस्ट्री को आमंत्रण देते हुए कहा कि हमारा प्रयास है कि प्रदेश प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम को अमलीजामा पहनाने वाला सबसे पहला राज्य बने। उन्होंने कहा कि आईटी इण्डस्ट्री के सहयोग से प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छुएगा। जयपुर विकास प्राधिकरण का स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट एवं विद्युत विभाग के स्मार्ट ग्रिड कार्यक्रम जयपुर को सही मापने में स्मार्ट बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश एकीकृत एवं संगठित ई-गवर्नेंस नेटवर्क स्थापित करने वाले राज्य के रूप में अपनी अलग पहचान कायम कर रहा है। आज 35 हजार ई-मित्र केन्द्रों के माध्यम से सेवाओं को हर नागरिक तक पहुंचाया जा रहा है। देश का हर राज्य सेवाओं को जनता तक आसानी से पहुंचाने की दिशा में कार्य कर रहा है, लेकिन राजस्थान ने यह कदम पहले ही उठा लिया था।
श्रीमती राजे ने कहा कि प्रदेश की सभी पंचायत समितियों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा प्रदान की गई है जो हमें इस पहल में अग्रणी बनाने के साथ-साथ भौगोलिक सीमाओं एवं दूरी से परे जाकर गांवों तक सरकार की पहुंच बनाने में मददगार साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि राजस्थान सम्पर्क पोर्टल के माध्यम से प्रत्येक नागरिक की शिकायतों की मॉनिटरिंग करने के साथ-साथ सरकारी सेवाओं को समयबद्घ एवं प्रभावी तरीके से पहुंचाने में मदद मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भामाशाह योजना ने राजस्थान को वित्तीय समावेशन एवं महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में अग्रणी बना दिया है।

करीब साढ़े तीन करोड़ नामांकन एवं 90 लाख से ज्यादा खातों में लेन-देन के साथ यह योजना काफी लोकप्रिय हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जन-धन योजना को भामाशाह योजना के साथ जोडक़र प्रभावी कार्य किया जा रहा है। राजस्थान देश की स्टार्ट-अप राजधानी बनने की दिशा में भी तेजी से अग्रसर है।
कार्यक्रम में ऊर्जा विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री संजय मल्होत्रा ने कहा कि डिजिटल राजस्थान के मुख्यमंत्री के सपने को पूरा करने के लिए ऊर्जा विभाग ने स्मार्ट ग्रिड की पहल की है ताकि इसके माध्यम से प्रभावी एवं सुचारू रूप से बिजली आपूर्ति की जा सके। उन्होंने कहा कि स्मार्ट ग्रिड प्लेटफॉर्म के तहत कई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। इनमें फाइबर ऑप्टिक बिछाना, एंटरप्राइज रिसॉर्स प्लानिंग एवं स्वचालित सब-स्टेशन तैयार करने जैसे कार्य महत्वपूर्ण हैं।
जयपुर विकास प्राधिकरण आयुक्त श्री शिखर अग्रवाल ने कहा कि जेडीए के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के माध्यम से जयपुर शहर के नागरिकों को डिजिटली सशक्त बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस परियोजना में सिस्को के अनुभव एवं विशेषज्ञता का लाभ जयपुर शहर को मिलेगा।
सिस्को इंडिया के अध्यक्ष श्री दिनेश मलकानी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे की विजनरी लीडरशीप में राजस्थान देश का डिजिटल हब बन सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत डिजिटल राजस्थान की पहल करने वाला राजस्थान पहला राज्य है।

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