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Monday, January 25th, 2021

रघुवर से मिले दुग्ध उत्पादक

milk in dehradunआई एन वी सी न्यूज़
राँची, मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि झारखण्ड राज्य को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में न केवल आत्मनिर्भर बनाना है बल्कि अन्य राज्यों को दुग्ध आपूर्ति करने योग्य भी बनाना है। इसके लिए कार्य योजना तैयार की जाए एवं चरणबद्ध तरीके से योजना को मूर्त रूप दें। मुख्यमंत्री ने उपरोक्त बातंे आज प्रोजेक्ट भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के अध्यक्ष श्री टी0 नन्द कुमार के साथ भेंटवार्ता के दौरान कही।
मुख्यमंत्री श्री दास ने कहा कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास से ही राज्य का विकास सम्भव है, जिसमें कृषि, पशुपालन की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्य में दुध एवं दुग्ध उत्पादों की बढ़ती हुई माँग को पूरा करने हेतु दुग्ध उत्पादन में बढ़ोत्तरी लाना आवश्यक है। यह दुःख का विषय है कि राज्य पूरे भारत वर्ष में कुपोषण के माप-दण्ड पर दूसरा स्थान रखता है। सहकारी व्यवस्था के माध्यम से दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में राज्य को आत्म निर्भर बनाया जा सकता है और राज्य को कुपोषण से मुक्त किया जा सकता है। सहकारिता एवं आदिवासी कल्याण दोनों के द्वारा इस दिशा में कार्य करने की अपार सम्भावना है। इस दिशा में कार्य कर राज्य से पलायन एवं उग्रवाद जैसी समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य को ‘‘नेशनल डेयरी प्लान’’ में सम्मिलित कराना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में किसान पशुपालन को अपने व्यवसाय के रूप में अपना सकते हैं, आवश्यकता है उन्हें सुविधाएं एवं अवसर देने की। ग्रामीण दुग्ध उत्पादकों को संस्थागत दुग्ध संग्रहण प्रणाली से उनके दुध का समुचित मुल्य दिया जा सकेगा। इसके अभाव में दुग्ध उत्पादक बिचौलियों के शोषण का शिकार होते हैं। महिला कॉपरेटिव का गठन कर महिलाओं को भी बेहतर अवसर दिए जा सकते हैं। राज्य में पशु होस्टल के निर्माण पर भी उन्होंने बल दिया। पशु चिकित्सकों की उपलब्धता के संबंध में उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग पाँच सौ पशु चिकित्सक सरकारी सेवा में कार्यरत हैं, उनकी योग्यता एवं कार्यक्षमता का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कृषि मित्र द्वारा सहयोग लेने की भी बात कही। इसके माध्यम से ग्रामीणों के आमदनी में बढ़ोत्तरी कर उनके आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाते हुए उनमे विश्वास जगाया जा सकता है।
बैठक के क्रम में अध्यक्ष नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड श्री टी0नन्द कुमार ने कहा कि नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड झारखण्ड में दुग्ध उत्पादन की दिशा में हर सम्भव सहयोग को तैयार है।  राज्य में दुग्ध उत्पादन को विकसित करने हेतु बोर्ड के विशेषज्ञों से तैयार करा कर शीघ्र ही चार साल की कार्य योजना दी जाएगी ताकि योजनाबद्ध तरीके से कार्य करते हुए झारखण्ड को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य में सुधा डेयरी अथवा उसके समकक्ष डेयरी की स्थापना की आवश्यकता है। सरकार यदि भूमि उपलब्ध करा दे तो नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड इस दिशा में आगे की कार्रवाई करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि झारखण्ड अब तक नेशनल डेयरी प्लान में सम्मिलित नहीं हो सका है, इस दिशा में शीघ्र ही कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मुख्य सचिव श्री राजीव गॉबा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री संजय कुमार, झारखण्ड डेयरी के अधिकारीगण एवं अन्य वरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

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