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Thursday, September 24th, 2020

ये है कांग्रेस की नौटंकी

हैदराबाद । देश के पूर्व प्रधानमंत्री नरसिंह राव को लेकर कांग्रेस के अचानक उमड़े प्रेम को लेकर उनके पोते ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए नौटंकी बताया करार दिया है। नरसिंह राव को भारत में आर्थिक सुधारों का जनक कहा जाता है। लेकिन उनकी ही पार्टी कांग्रेस में उन्हें वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वह हकदार थे। अब राव के निधन के करीब 16 साल बाद तेलंगाना कांग्रेस उनकी जन्म शताब्दी मना रही है। सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह, प्रणब मुखर्जी, राहुल गांधी समेत कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने राव को 'देश का महान सपूत', पार्टी का गौरव, अंतरराष्ट्रीय हस्ती जैसे विशेषणों से नवाजा है। हालांकि, राव के पोते एनवी सुभाष ने इसे कांग्रेस की नौटंकी करार दिया है।
इस बीच राव के पोते और तेलंगाना में भाजपा प्रवक्ता एनवी सुभाष ने राव के जन्मशताब्दी को कथित रूप से तेलंगाना तक ही सीमित रखने और लंबे समय तक उनकी उपेक्षा करने को लेकर कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बस नाम के लिए समारोह का आयोजन किया तथा सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी ने कार्यक्रम के लिए बस संदेश भेज दिया जिससे पता चलता है कि कांग्रेस नेतृत्व पीवी नरसिंह राव और उनके जन्म शताब्दी समारोह के लिए छोटा कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कितना गंभीर है।
सुभाष ने सवाल किया कि कांग्रेस ने राव के निधन के बाद इतने सालों तक उनकी स्मृति में क्यों कोई एक भी कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जिन्हें भारत में आर्थिक सुधारों का जनक कहा जाता है। उन्होंने कहा कि इस समारोह का आयोजन कुछ नहीं बल्कि उनकी गुम धरोहर को अपना बताने की कांग्रेस की नौटंकी है। उन्होंने कहा कि पीवी नरसिंह राव केवल तेलंगाना के नहीं बल्कि पूरे भारत के प्रधानमंत्री थे, इसे ध्यान में रखकर कांग्रेस को जवाब देना होगा कि उसने लंबे समय तक उनकी उपेक्षा क्यों की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आलाकमान को उनके आदर्शों को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक समिति गठित कर समारोह करना चाहिए।
सुभाष ने आरोप लगाया कि स्थानीय कांग्रेस नेताओं के दबाव के बाद ही आलाकमान ने इस समारोह की अनुमति दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने ही नेता को भुला दिया लेकिन मोदी सरकार ने विपक्षी नेता होने के बावजूद दिल्ली में एकता स्थल पर स्मारक बनाया और उनकी याद में डाक टिकट जारी किया। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने घोषणा की कि वह अपने नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल लेकर दिल्ली जाएंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राव को भारत रत्न देने का अनुरोध करेंगे। गौरतलब है कि राव का जन्म 28 जून, 1921 को हुआ था और उनका निधन 23 दिसंबर, 2004 को हुआ। वह 21 जून, 1991 से 16 मई, 1996 तक देश के प्रधानमंत्री रहे। पीएलसी।PLC.

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