Friday, February 28th, 2020

ये संघ के सामाजिक समरसता के विचारों के अनूकूल है

ष्कर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा आयोजित एक प्रदर्शनी में डॉ बीआर अंबेडकर (BR Ambedkar) और सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव (Guru Nanak Dev) छाए रहे. इस प्रदर्शनी का आयोजन संघ से जुड़े संगठनों की तीन दिवसीय बैठक के दौरान किया गया. इस प्रदर्शनी में विभिन्न आदिवासी और अनुसूचित जातियों के नेताओं की संक्षिप्त जीवनी को भी दर्शाया गया, जिनमें से ज्यादातर राजस्थान के हैं.

प्रदर्शनी का आयोजन समन्वय बैठक (Co-ordination Meeting) के दौरान संघ की मारवाड़ इकाई द्वारा किया गया. समन्वय बैठक में आरएसएस से जुड़े 35 संगठनों के 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया. इस मौके पर आरएसएस के संस्थापक केबी हेडगेवार और एमएस गोलवलकर के बड़े चित्रों को भी लगाया गया, लेकिन सबसे बड़ी होर्डिंग गुरु नानक देव और अंबेडकर की थी, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा.

अंबेडकर दलित नायक हैं

बैठक के आयोजन से जुड़े संघ के पदाधिकारियों से इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि गुरु नानक का बड़ा चित्र इसलिए लगाया गया है क्योंकि यह उनकी 550वीं जयंती वर्ष है, जबकि अंबेडकर एक दलित नायक हैं. उन्होंने कहा कि ये होर्डिंग संघ के सामाजिक समरसता के विचारों के अनूकूल है. बता दें कि इस आयोजन में हिस्सा लेने के लिए संघ प्रमुख डॉ मोहन भागवत पहले ही पुष्कर पहुंच गए थे. वे 11 सितंबर तक यहां रहेंगे और विभिन्न स्तर पर होने वाली कई बैठकों में हिस्सा लेंगे.PLC.

 

 

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