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Thursday, December 9th, 2021

यू0पी0 पैवेलियन में दर्शकों की भारी भीड़

सुरेंद्र अग्निहोत्री आई.एन.वी.सी,, दिल्ली,, उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री सुश्री मायावती ने आज नई दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में यूपी पवैलियन का अवलोकन किया। उन्होंने यूपी पवैलियन की भव्यता तथा इसमें प्रस्तुत आकर्षक झाकियों के जरिए प्रदेश के विकास की तस्वीर पेश करने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इस पवैलियन में दलित तथा अन्य पिछड़ा वर्ग समाज में जन्में संतों, गुरूओं और महापुरूषों को समर्पित लखनऊ तथा नोएडा स्थित स्मारकों की भव्य झाकियों की भी प्रशंसा की। देश में पहली बार, नोएडा में हुई फार्मूला वन रेस के आयोजन का श्रेय भी उत्तर प्रदेश को जाता है। इस रेस के बारे में समुचित जानकारी भी यूपी पवैलियन प्रस्तुत करने पर मुख्यमंत्री जी ने सराहना की। गौरतलब है कि व्यापार मेले में आज ही ´उत्तर प्रदेश दिवस´ का भी आयोजन किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेश के विकास संबंधी झाकियों का भी दृश्यावलोकन किया।  इस वर्ष व्यापार मेले की थीम ´इंडियन हैंडीक्राफ्ट्स दि मैजिक आफ गिफ्टेड हैंडस´ आई.टी.पी.ओ. द्वारा निर्धारित की गई है। यूपी पवैलियन में राजधानी लखनऊ स्थित मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक तथा नोएडा स्थित राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल एवं ग्रीन गाडेzन की भव्य झांकी भी बड़े आर्कषक ढंग से प्रस्तुत की गई हैं। इसके अलावा पवैलियन में प्रदेश के औद्योगिकीकरण, निर्यात सम्वर्द्धन के बारे में भी विस्तार से जानकारी उपलब्ध है। यूपी पवैलियन में विश्व प्रसिद्ध भदोही के वुलेन कार्पेट कारीगरों द्वारा अपने उत्पादों के प्रदर्शन के अलावा मिनी ट्रैक्टर, बैटरी लिफ्ट क्रेन्स, ट्रांसफारमर्स एवं मेरठ के कुछ उत्पादों का भी प्रदर्शन किया गया है। विश्व स्तर पर ख्याति अर्जित कर चुके प्रदेश के हस्तशिल्प उत्पादों का प्रदर्शन थीम हाल में कराया गया है। साथ ही प्रदेश में अब तक हुई प्रगति की झांकी भी ट्रान्सलाइट के माध्यम से दर्शायी गई है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के विकास कार्याें को भी दर्शाया गया है।  प्रदेश के छोटे-छोटे कुटीर उद्योग से संबंधित हस्तशिल्पियों के उत्पादों के प्रोत्साहन हेतु सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं जैसे हस्तशिल्पियों की पेंशन योजना तथा उत्पादन में वृद्धि एवं विपणन को भी दर्शाया गया है। इसमें मुख्य रूप से मुरादाबाद का पीतल का सामान, कानपुर के चर्म उत्पाद, कन्नौज का इत्र, मेरठ का स्पोर्ट्स गुड्स, आगरा का मार्बल, जरी उद्योग, बिजनौर का वुड art, लखनऊ का चिकन, सहारनपुर का लकड़ी पर पच्चीकारी उत्पाद, फिरोजाबाद का कांच का सामान तथा निर्यात के लिए तैयार गाजियाबाद के रेडीमेड गारमेन्ट्स आदि का भी प्रदर्शन किया गया है।  ज्ञातव्य है कि पिछलें दो दिनों से यू0पी0 पैवेलियन में हज़ारों की संख्या में लोग प्रदर्शित झांकियों को देखने के लिए आ रहे है और भारी खरीददारी भी कर रहे हैं। वे उत्तर प्रदेश की परंपरागत हस्तशिल्प उत्पादों की भूरि-भूरि प्रशंसा कर आनंद विभोर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2006-07 में प्रदेश का कुल औद्योगिक पूंजी निवेश लगभग चार हज़ार छ: सौ करोड़ रूपए था। प्रदेश सरकार की नीतियों एवं प्रयासों से वर्ष 2010-11 में यह बढ़ कर दस हज़ार चार सौ छियालिस करोड़ रूपए हो गया और चालू वित्तीय वर्ष के दौरान माह अक्टूबर तक ही यह दस हज़ार आठ सौ अट्ठारह करोड़ रूपए हो गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने हस्तशिल्पियों के लिए हस्तशिल्प कौशल विकास योजना शुरू की है, जिसके अंतर्गत अभी तक 5400 हस्तशिल्पी लाभािन्वत हो चुके हैं। प्रदेश सरकार पुरस्कृत हस्तशिल्पियों को 1000 रूपए मासिक पेन्शन भी प्रदान करती है। मेले में प्रतिभाग करने वाले हस्तशििल्पयों तथा लघु उद्यमियोें को marketing डेवलपमेन्ट स्कीम के अंतर्गत लगभग 25 लाख रूपए की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है, ताकि उन्हें इसमें भाग लेने में किसी कठिनाई का सामना न करना पड़े। प्रदेश में लगभग 2.5 लाख बुनकर एवं 80 हज़ार हथकरधे हैं। राज्य सरकार द्वारा गत वर्ष 21582 बुनकरों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। इस वर्ष यह संख्या और बढ़ने का अनुमान है। बुनकर बाहुल्य क्षेत्रों में क्लस्टरों की स्थापना कर समस्त लाभ, जैसे बेसलाइन सर्वे, कच्चा माल आपूर्ति, डिजाइन विकास, इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास, विज्ञापन एवं विपणन, प्रोजेक्ट प्रबंधन व्यय तथा स्किल अपग्रेडेशन आदि दिए जाते हैं। इसी प्रकार हथकरधा समूहो में विपणन प्रोत्साहन तथा सुदृढ़ीकरण हेतु सहायता दी जाती है। प्रदेश में 50 क्लस्टरों में 17000 बुनकरों को वर्तमान में लाभ दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त ग्रुप अप्रोच में 8000 बुनकर आच्छादित है। इस कार्य से जुड़े व्यक्तियों के स्वास्थ्य लाभ हेतु हेल्थ इंश्योरेन्स योजना के अंतर्गत 1,12,339 बीमा कार्ड वितरित किए गए हैं। इन सभी योजनाओं की सफलता का सजीव चित्रण मेले में किया गया है।

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