Friday, April 3rd, 2020

यूनेस्को ने महात्मा गांधी शांति एवं संपोषणीय विकास शिक्षण संस्थान की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दी

ब्यूरो नई दिल्ली. भारत एशिया में यूनेस्को के प्रथम श्रेणी संस्थान वाला पहला देश बनने को तैयार है। इस संस्थान का नाम महात्मा गांधी शांति एवं संपोषणीय विकास शिक्षण संस्थान होगा।  यूनेस्को के कार्यकारी बोर्ड ने यूनेस्को के प्रथम श्रेणी के इस संस्थान की स्थापना से संबंधित भारत के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।  केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने इस वर्ष नौ जुलाई, 2009 को यूनेस्को के महानिदेशक कोइचिरो मत्सुरा से भेंट कर इस संस्थान की स्थापना में भारत की गहरी दिलचस्पी से उन्हें अवगत कराया था। भेंट के दौरान सिब्बल ने मत्सुरा से कहा कि यूनेस्को का प्रस्तावित यह प्रथम श्रेणी संस्थान समृध्द विरासत तथा  शांति और समृध्दि के मूल्यों का प्रतीक होगा जिसके लिए भारत जाना जाता है।  प्रस्तावित महात्मा गांधी शांति एवं संपोषणीय विकास शिक्षण संस्थान का मुख्य ध्येय अपनी शिक्षा के जरिए शांति की संस्कृति फैलाना, संपोषणीय विकास और सामाजिक विकास को बढावा देना तथा मानवाधिकारों के प्रति सम्मान की भावना का प्रसार करना होगा। यूनेस्को के इस फैसले को ऐतिहासिक फैसला माना जा रहा है जो यूनेस्को में भारत की अहम भूमिका को रेखांकित करता है। अब इस प्रस्ताव को यूनेस्को की आम की बैठक में औपचारिक रुप से मंजूरी मिल जाएगी। आम सभा 6-23 अक्टूबर, 2009 के दौरान पेरिस में यूनेस्को मुख्यालय में होगी।

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