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Sunday, November 29th, 2020

युवाओं को मानवाधिकार के बारे में जागरूक करेंः राम नाईक

Ramnaik INVC NEWSआई एन वी सी न्यूज़
लखनऊ,
लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में संस्था माइण्ड शेयर द्वारा मानवाधिकार दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय मानवाधिकार युवा सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि मानवाधिकार दिवस संकल्प व्यक्त करने का दिन है। युवाओं को मानवाधिकार दिवस के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी मिले। निःशक्तजन, विशेष बच्चों एवं कुष्ठ पीडि़तों के मानवीय अधिकार के लिए समाज में जागृति लायें। मानवाधिकार की रक्षा के लिए मीडिया भी सहयोग करे। जागरूकता से समाज को प्रेरणा मिलेगी। महिलाओं के मानवाधिकार की रक्षा के लिए समाज एकजुट हों।
इस अवसर पर मानवाधिकार शिक्षा पर आधारित लव वर्मा, जीतेन्द्र कुमार, फादर डोनाल्ड और सय्यद जुल्फी  पुस्तक ‘राइट्स एण्ड वैल्यूज’ का विमोचन किया गया। इस पुस्तक का प्रकाशन माइन्डशेयर और उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग द्वारा किया गया है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा जितेन्द्र कुमार ने कहा कि इस वर्ष से मानवाधिकार शिक्षा को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। उन्होंने मानवाधिकार शिक्षा पर आधारित पुस्तक ‘राइट्स एण्ड वैल्यूज’ के बारे में बोलते हुए कहा कि इस वर्ष से इस पुस्तक को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सभी स्कूलों के पाठ्यक्रम में कक्षा 9 से 12 में सम्मिलित किया गया है। इससे छात्रों अपने अधिकारों के बारे में जागरूक होंगे।
कार्यक्रम में लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति एसबी निम्से, प्रमुख सचिव जीतेन्द्र कुमार, राष्ट्रीय विचारक महिराजध्वज सिंह, संस्था के महासचिव सैय्यद जुल्फी सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में विशेष बच्चों ने नृत्य के माध्यम से वंदेमातरम् प्रस्तुत किया तथा दृष्टिबाधित बच्चों ने देशभक्ति के गीत प्रस्तुत किये। भाषण प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बच्चों को राज्यपाल ने पुरस्कृत किया। श्री नाईक ने कहा कि कुष्ठ पीडि़तों एवं विशेष बच्चों के अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए। विज्ञान ने सिद्ध कर दिया है कि कुष्ठ रोग संक्रामक नहीं है तथा इलाज से पूर्णतया ठीक हो सकता है। लोग कुष्ठ पीडि़तों से दूर रहते हैं और यह भूल जाते हैं कि वह भी मनुष्य हैं। मानव का जन्म लेने वाले को शिक्षा लेने का अधिकार है। कुष्ठ पीडि़तों से संबंधित 17 ऐसे कानून है जिन्हें बदलने की जरूरत है। उनके सुझाव पर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कुष्ठ पीडि़तों के लिए निर्वहन भत्ता 2500 रूपये कर दिया है। उन्होंने कहा कि हमें संकल्प लेना होगा कि वंचितों को उनके अधिकार दिलाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। राष्ट्रीय विचारक महिरजध्वज सिंह ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकारों को चाहिए कि विशेष बच्चों के लिए प्रमुख योजनाएं चलाए जिससे उन्हें किसी भी तरह की कोई परेशानी न हो और वह अपने जीवन में विकास कर बेहतर जीवन-यापन कर सकें। प्रमुख सचिव जीतेन्द्र सिंह ने कहा कि बच्चों को उनके अधिकारों के बारे में बताया जाए। आह्वान करते हुए कहा कि बच्चे अपने सपने पूरा करने के लिए लक्ष्य बनाये और उसके लिए लगातार प्रयास करें। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि कुंवर महिरज ध्वज ने एक वास्तविक घटना का वर्णन करते हुए कहा कि सरकार को मानवाधिकार संरक्षण के लिए बेहतर उपाय तलाशने के आवश्यकता है। उन्होंने आपातकाल सेवा के सञ्चालन पर भी सवाल उठाये। अपने अध्यक्षी भाषण में प्राुुेफ़ेसर एस बी निमसे ने मानवाधिकार की आवशकता और उनकी पृष्भूमि का उल्लेख किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री राज्यपाल ने उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रोफ़ेसर सुशील (उप निदेशक, आई आई टी, दिल्ली), वरिष्ट पुलिस अधिकारी श्रीमती सुतपा सान्याल (महानिदेशक, महिला सम्मान प्रकोष्ठ) और प्रोफ़ेसर रमाकान्त को माइन्डशेयर मानव अधिकार अवार्ड से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के बाद राज्यपाल ने उपस्थित लोगों को मानवाधिकार दिवस पर शपथ दिलायी तथा विशेष बच्चों ने राष्ट्रगान प्रस्तुत किया।
अंत में कार्यक्रम संयोजक सय्यद एजाज ने सभी अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। इस सम्मलेन को विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्रों ने भी सम्बोधित किया।

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