आई एन वी सी न्यूज़
जयपुर,
मुख्य सचिव उषा शर्मा से गुरूवार को सचिवालय में राजस्थान फॉरेस्ट एंड बायो डायवर्सिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत फ्रांस की फंडिंग एजेंसी एएफडी की टीम ने मुलाकात की। मुख्य सचिव ने कहा कि यह परियोजना राजस्थान के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है, जिससे राज्य में वन्यजीवों एवं जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण, वन तथा वन्य जीव संरक्षण तभी संभव है, जब समुदाय को इस कार्य से जोड़ा जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि इस योजना के माध्यम से राज्य में सतत विकास के लक्ष्य को पूरा करने में सहायता मिलेगी।

      प्रमुख शासन सचिव वन एवं पर्यावरण विभाग श्रीमती श्रेया गुहा ने बताया कि प्रदेश में वन विभाग की ओर से फ्रांस की फंडिंग एजेंसी एएफडी के सहयोग से राजस्थान फॉरेस्ट एंड बायो डायवर्सिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट चलाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों में पर्यावरण, वन और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे। योजना के तहत इन जिलों में 32 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में वृक्षारोपण किया जाएगा। साथ ही 23 हजार हैक्टेयर वन क्षेत्र को और भी अधिक समृद्ध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि फोरेस्ट रीस्टोरेशन तथा प्लान्ट माइक्रो रिजर्व व वाइल्ड लाइफ एरिया विकसित करने का कार्य भी प्रोजेक्ट के तहत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त भरतपुर में बायोलोजिकल पार्क की स्थापना तथा ईको टूरिज्म साइट्स का विकास भी किया जाएगा।

श्रीमती गुहा ने बताया कि समुदाय के सशक्तिकरण के माध्यम से क्लाइमेट चेंज को रोकना और वन संरक्षण के साथ साथ जैव विविधता को कायम रखना इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य है।

      इस दौरान अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (मूल्यांकन एवं प्रबोधन) श्री मुनीश कुमार गर्ग ने बताया कि राज्य सरकार से अनुमोदन मिलने के बाद इस प्रोजेक्ट को पिछले वर्ष भारत सरकार को भिजवाया गया था, जिसपर चर्चा के लिए एएफडी टीम मिस्टर ब्रूनो बोसेल के नेतृत्व में जयपुर पहुंची है। उन्होंने इस प्रोजेक्ट में प्रस्तावित किए गए जैव विविधता, वन प्रबंध, वन्यजीव प्रबंध से संबंधित नवाचारों के बारे में भी जानकारी दी।

टीम ने सचिवालय में प्रमुख सचिव वित्त श्री अखिल अरोड़ा से भी मुलाकात की।

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