Tuesday, June 2nd, 2020

यह दुर्भाग्‍य की बात है कि विपक्षी दल लगातार पुराने आरोपों को उठाती रहती : प्रधानमंत्री

आई, एन.वी.सी.,, दिल्ली,, लोक सभा में प्रधानमंत्री का बयान कल, माननीय सदस्‍यों ने समाचार पत्र में छपी खबरों के आधार पर आरोप लगाया था कि वाशिंगटन में अपने अधिकारियों के पास नर्इ दिल्‍ली स्‍थित अमरीकी दूतावास से भेजे गए दस्‍तावेजों का अभिप्राय क्‍या होना चाहिए । भारत सरकार ऐसे संवादों की सच्‍चाई, विषय वस्‍तु एवं अस्‍तित्‍व की पुष्‍टि नहीं कर सकती । मैं कहना चाहता हूं कि इन खबरों में उल्‍लेखित संदर्भ की सत्‍यता का भी बहुत से लोगों ने खंडन किया है । मुद्दा यह उठाया गया था कि भारत में रिश्‍वतखोरी का अपराध किया गया। सरकार इस आरोप का पूर्णतया एवं दृढ़ता से खंडन करती है । स्‍मरण होना चाहिए कि जुलाई 2008 में 14 वीं लोकसभा में सरकार ने विश्‍वास प्रस्‍ताव पेश किया था । सरकार 256 के मुकाबले 275 मतों से यह विश्‍वास प्रस्‍ताव जीती । 14वीं लोकसभा द्वारा गठित एक समिति द्वारा रिश्‍वतखोरी के आरोपों की जांच कराई गई । समिति इस नतीजे पर पहुंची की अपर्याप्‍त सबूतों के कारण रिश्‍वतखोरी का कोई मामला नहीं बनता । मुझे इससे निराशा है कि विपक्षी सदस्‍य बाद की घटनाओं को भूल गए । कांग्रेस पार्टी पहले की तुलना में 15वीं लोकसभा में 61 अतिरिक्‍त सीटों पर जीत दर्ज की । 14वीं लोकसभा में इसके पास 145 सीटें थीं । यह दुर्भाग्‍य की बात है कि विपक्षी दल लगातार पुराने आरोपों को उठाती रहती है, मगर बहस एवं वाद-विवादों के बाद भारतीय जनमानस उन आरोपों को रद्द कर देता हैं।

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