Friday, December 6th, 2019

मौसम की मार से राहत देंगी रमन सिंह की घोषणाए ?

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंहआई एन वी सी,
रायपुर, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य में अल्पवर्षा की स्थिति को देखते हुए किसानों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से सभी 27 जिलों में मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू करने की घोषणा की है। उनके निर्देश पर कृषि विभाग ने यहां मंत्रालय से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। मुख्यमंत्री ने आज यहां बताया कि यह योजना चालू खरीफ मौसम में धान, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, अरहर, मूंग तथा उड़द फसल के लिए लागू की गयी है। डॉ. रमन सिंह ने कृषि विभाग सहित सभी एजेंसियों को इस योजना का क्रियान्वयन गंभीरता से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। योजना का क्रियान्वयन भारत सरकार द्वारा अधिकृत कृषि बीमा कम्पनियों के माध्यम से किया जाएगा। योजना के तहत प्रीमियम अनुदान का भुगतान वित्तीय वर्ष 2014-15 में प्रावधानित राशि से कृषि विभाग द्वारा किया जाएगा। भारत सरकार कृषि मंत्रालय, कृषि एवं सहकारिता विभाग द्वारा समय-समय पर जारी प्रशासकीय निर्देशों तथा ऑपरेशनल गाईड लाईन के अनुसार ही यह योजना लागू की गयी है।
कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने प्रदेश के किसानों से योजना का लाभ लेने की अपील की है। श्री अग्रवाल ने कृषि  विभाग के मैदानी अधिकारियों को सभी जिलों में इस महत्वपूर्ण योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं। योजना के लिए जारी अधिसूचना के अनुसार खरीफ मौसम 2014 के लिए योजना की गाइड लाईन के प्रावधानों के अनुसार छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के लिए फसल बीमा कम्पनियों का चयन कर लिया गया है। संबंधित बीमा कम्पनियों द्वारा उन्हें आवंटित जिलों में इस योजना का क्रियान्वयन किया जाएगा। आई.सी.आई.सी. लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेस कम्पनी लिमिटेड को रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, महासमुन्द, कबीरधाम , सरगुजा, कृषि बीमा कम्पनी ऑफ इंडिया लिमिटेड को दुर्ग, बालोद, मुंगेली, जांजगीर-चाम्पा, उत्तर बस्तर (कांकेर), बजाज एलायन्स जनरल इंश्योरेस कम्पनी लिमिटेड को धमतरी, बेमेतरा, राजनंादगांव, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़ तथा कोरिया जिला आवंटित किया गया है। इसी प्रकार चोलामण्लम एम.एस जनरल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड को जशपुर, सूरजपुर, दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा), सुकमा, यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड को बलरामपुर-रामानुजगंज, जगदलपुर, नारायणपुर, फ्यूचर जनरल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड को कोण्डागांव तथा एच.डी.एफ.सी. ईरगो जनरल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड को बीजापुर जिला आवंटित किया गया है। राजधानी रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) से परसो तीस जून को जारी अधिसूचना के अनुसार यह योजना अधिसूचित फसल व अधिसूचित क्षेत्र के ऋणी किसानों के लिए अनिवार्य तथा अऋणी किसानों के लिए ऐच्छिक होगी। राज्य स्तरीय तकनीकी समिति द्वारा फसल बीमा कम्पनियों से प्राप्त उत्पादों तथा मौसम विज्ञान केन्द्र के औसत (सामान्य) वर्षा के आंकड़ों का अध्ययन करने के बाद फसलवार तथा जिलेवार कुल बीमा राशि, प्रीमियम दर तथा प्रीमियम राशि का निर्धारण किया गया है। यह समिति राज्य स्तरीय फसल बीमा समन्वय समिति द्वारा संचालक कृषि के अधीन गठित की गयी है। योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रीमियम राशि का पचास प्रतिशत हिस्सा किसानों को देना होगा। शेष पचास प्रतिशत प्रीमियम का 25-25 प्रतिशत भाग केन्द्र और राज्य शासन की ओर से दिया जाएगा। अधिसूचित फसल बीमा कम्पनियों को टर्मशीट को मान्य करने की बाध्यता होगी तथा दावे की गणना इसी आधार पर की जाएगी। फसल बीमा कम्पनियों को आवंटित जिलों के सभी क्षेत्रांे में मौसम आधारित फसल बीमा योजना का क्रियान्वयन किया जाना अनिवार्य है। यदि किसी बीमा कम्पनी द्वारा उन्हें आवंटित जिलों में से किसी जिले में इस योजना का क्रियान्वयन नहीं किया जाता है, तो उस कम्पनी को इस योजना के लिए ब्लेकलिस्ट किया जाएगा।
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि रेगहा और अधिया (बटाईदार) में खेती करने वाले किसान भी इस बीमा योजना का लाभ ले सकेंगे। बीमा विपणन के कार्यों, गैर ऋणी तथा ऋणी किसानों के लिए फसल बीमा योजना लागू करने की तिथियां निर्धारित कर दी गयी है। ऋणी किसानों के लिए ऋण स्वीकृत होने पर बीमा की अवधि एक अप्रैल से 15 जुलाई 2014 होगी। गैर ऋणी किसानों से बीमा प्रस्ताव प्राप्त होने की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2014 निर्धारित की गयी है। ऋण स्वीकृत करने वाले बैंक शाखाओं से नोडल बैंक को किसानों से (ऋणी अनिवार्य तथा गैर ऋणी स्वैच्छिक आधार पर) घोषणा पत्र प्राप्त होने की अंतिम तिथि 21 जुलाई रखी गई है। 17 जुलाई तक गैर ऋणी किसानों से प्राप्त घोषणा पत्र बीमा कम्पनियों को उनके अधिकृत बीमा एजेंटों द्वारा भेजा जाएगा। ऋणी (अनिवार्य) तथा गैर ऋणी (स्वैच्छिक) किसानों के घोषणा पत्र नोडल बैंक से बीमा कम्पनियों को प्राप्त करने के लिए 15 अगस्त तक का समय रहेगा। बीमा दावों का भुगतान (मौसम के आंकड़े प्राप्त होने की स्थिति मेें) जोखिम अवधि समाप्त होने के 45 दिन के अन्दर किया जाएगा।
निर्धारित अंतिम तिथि तक घोषणा पत्र एवं प्रीमियम राशि संबंधित बीमा कम्पनियों को उपलब्ध कराने की सम्पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित वित्तीय संस्थाओं की होगी। बरसात की जिलेवार और तिथिवार मासिक जानकारी प्रत्येक माह के 15 तारीख तक बीमा कम्पनियों द्वारा कृषि संचालनालय को प्रस्तुत करना होगा। मौसम आधारित बीमा योजना से संबंधित आवश्यक आंकड़ों का संकलन आधुनिक स्वचलित मौसम केन्द्रों के माध्यम से किया जा सकेगा। भारत सरकार के निर्धारित मापदण्ड के अनुसार तथा ऑपरेशनल गाईडलाईन के अनुसार प्रत्येक दस किलोमीटर की परिधि में मौसम केन्द्र स्थापित कराने एवं सुव्यवस्थित ढंग से इसे संचालित करवाने का समस्त उत्तरदायित्व संबंधित बीमा कम्पनी का होगा। रिफरेंस वेदर स्टेशन (मौसम केन्द) किन्हीं कारणों से मौसम के आंकड़े उपलब्ध नहीं करा पाते हैं , तो उस स्थिति में आपदा प्रबंधन राजस्व विभाग अथवा सिंचाई विभाग के मौसम केन्द्रों को बेकअप स्टेशन के रूप में मान्य किया जाएगा। योजना के क्रियान्वयन के लिए फसल बीमा कम्पनियों द्वारा पर्याप्त प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किसानों को बीमा का लाभ मिल सके। किसान, बीमा पत्र में प्रत्येक अधिसूचित फसल के लिए जोत के अन्तर्गत रकबे की घोषणा करेंगे। बीमा प्रस्ताव में गैर ऋणी किसानों को बैंक खाता संख्या, बैंक का नाम एवं पते का उल्लेख स्पष्ट रूप से करना अनिवार्य है।
मौसम आधारित कृषि बीमा योजना का संचालन चयनित अधिसूचित संदर्भित क्षेत्र के क्षेत्र दृष्टिकोण (एरिया एप्रोच) सिद्धांत के आधार पर होगा। क्षेत्र दृष्टिकोण से आशय राजस्व निरीक्षक मंडल इकाई क्षेत्र से है। संदर्भित इकाई क्षेत्र को फसलों के जोखिम स्वीकार करने तथा मुआवजा आंकलन के लिए बीमित इकाई क्षेत्र माना जाएगा। इसी प्रकार अधिसूचित संदर्भ इकाई क्षेत्र में अधिसूचित फसल के सभी बीमित किसानों को उनकी बीमा शर्तों और मुआवजा आंकलन के संबंध में बराबर माना जाएगा। प्रत्येक राजस्व निरीक्षक मंडल में स्थापित वर्षामापी /स्वचलित मौसम केन्द्रों की ग्रामवार सूची बीमा कम्पनियों द्वारा संचालक कृषि तथा बैंको को जोखिम की तिथि प्रारंभ होने के पूर्व अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएगी। प्रतिकूल मौसम घटनाक्रम की वजह से एवं योजना की शर्ते तथा प्राप्त प्रीमियम राशि और भुगतान सारणी के अधीन देय समस्त क्षतिपूर्ति/भुगतान के लिए संबंधित एजेंसी उत्तरदायी होगी। सभी प्रकार के दावों का भुगतान संबंधित एजेंसी द्वारा किया जाएगा।
बीमा दावा राशि का भुगतान संबंधित एजेंसी द्वारा मौसम केन्द्र से प्राप्त आंकड़े व सरकार द्वारा दिए गए कोष (प्रीमियम अनुदान) उपलब्ध कराने पर शीर्ष बैंक शाखा को बीमा अवधि समाप्त होने के 45 दिनों के भीतर कर दिया जाएगा। मुआवजा प्रक्रिया स्वचलित होगी तथा संबंधित एजेेंसियों द्वारा मुआवजा आंकलन वास्तविक मौसम के आंकड़ों के आधार पर किया जाएगा। बीमा के दायरे में आने वाले किसानों के खाते में शीर्ष बैंक, वित्तीय संस्था का उपयोग करते हुए मुआवजा राशि स्वयं ही जमा कर देंगे। बीमा दावा की राशि के वितरण के पूर्व संबंधित बीमा कम्पनियों द्वारा दावा पत्र एवं मौसम से संबंधित आंकड़े राज्य सरकार को प्रस्तुत किया जाएगा। अधिसूचित जिलों की फसलों में राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के अन्तर्गत प्रायोजित फसल कटाई प्रयोगों का आयोजन यथावत किया जाएगा, किन्तु इन प्रयोगों के परिणाम का कोई असर मुआवजे की गणना अथवा भुगतान पर नहीं पड़ेगा।

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