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Thursday, April 22nd, 2021

मौन रखना राहुल गांधी को पड़ सकता है भारी

लोकसभा में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने आसन पर लोकसभा अध्यक्ष की मौजूदगी में सदन के सदस्यों से किसान आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के सम्मान में मौन रहने के लिये कहने को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ संसद की अवमानना करने का आरोप लगाते हुए उनकी सदस्यता समाप्त करने की मांग की।
दुबे ने सदन में कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपने कार्यो द्वारा लोकतंत्र का अपमान किया है और सदन की मर्यादा को ठेस पहुंचाई है। भाजपा सांसद ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष और पीठासीन सभापति सदन को चलाते हैं। लेकिन जिस तरह राहुल गांधी ने लोगों को मौन रखने का निर्देश दिया और लोग खड़े हुए, वह लोकतंत्र का अपमान है और विशेषाधिकार हनन का मामला है। उन्होंने भाजपा सांसद संजय जायसवाल, राकेश सिंह और पीपी चौधरी द्वारा इस मामले में राहुल गांधी के खिलाफ दिये गये विशेषाधिकार हनन के नोटिस का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस सदस्य की लोकसभा की सदस्यता समाप्त की जानी चाहिए। दुबे ने अतीत के कई उदाहरणों का जिक्र करते हुए दावा किया कि 1963-64 में एक सांसद द्वारा एक ग्लास पानी गिरने पर विशेषाधिकार की बात हुई। मधु लिमये एक बार किसी विषय को लेकर अदालत में चले गए तब विशेषाधिकार हनन का आरोप लगा। आपातकाल के दौरान राज्यसभा में सुब्रमण्यम स्वामी के प्रेस कांफ्रेंस में दिये गए बयान के आधार पर विशेषाधिकार हनन का आरोप लगा। उन्होंने कहा, ‘लेकिन इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद कांग्रेस अध्यक्ष का अब तक कोई बयान नहीं आया है।' भाजपा सांसद ने कहा कि राहुल गांधी ने अपने कार्यो द्वारा सदन का अपमान किया है, ऐसे में उनकी सदस्यता समाप्त की जाए। पीएलसी।PLC,

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