Tuesday, June 2nd, 2020

मोहन भागवत कल करेंगे 6 राज्यों के 35 संतों संग मंथन

समाज, संस्कृति, समरसता के साथ-साथ राष्ट्रवाद और राष्ट्र के विकास में संत समाज की भूमिका को लेकर पांच राज्यों के 35 संतों के साथ मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत की महत्वपूर्ण मंत्रणा होगी। इसमें अधिकांश संत समाज से युवा धर्मगुरु भी शामिल होंगे। संघ का विचार है कि जिस दौर में भारत विश्वगुरु रहा, उन दिनों भारत के आध्यात्म और धर्मगुरुओं के साथ उनकी प्रेरणा से किये जाने वाले क्रियाकलापों को विशेष योगदान रहा।
भारत एक बार फिर विश्वगुरु बनकर उभरे, संघ का यह सपना है, जिसे साकार करने के लिये संघ अपनी गतिविधियों में इस पर चर्चा जारी रखता है। इसके बावजूद पिछले कुछ वर्षों में आसाराम, रामपाल, गुरमीत राम रहिम जैसे अन्य कई तथाकथित धर्मगुरुओं के कारण समाज में गलत धारणा उत्पन्न हुई है। संघ का प्रयास है कि संत समाज अपने भगीरथ प्रयासों से इस गलत धारणा को बदलकर समाज, संस्कृति, समरसता और राष्ट्रवाद जैसे मुद्दे में अपनी भूमिका को सुनिश्चित करे।

बताया यह भी जा रहा है कि अयोध्या राममंदिर निर्माण को लेकर भी इनसे चर्चा हो सकती है। हालांकि श्रीराम जन्मभूमि पर इन संतों से किस तरह की चर्चा होगी, इस पर अभी कोई बात बाहर नहीं आई है, लेकिन यह जरूर पता चला है कि पूरा फोकस समाज में नकारात्मकता के भाव को मिटाने और समरसता का भाव जगाने के साथ जनजागरण में संत समाज किस तरह से कार्यक्रम संचालित कर रहा है। इस पर संघ प्रमुख और संतों में सुझाव और विचार सांझा किया जाएंगे। जानकारी यह भी मिली है कि संघ प्रमुख मोहन भागवत और संत समाज के बीच इस चर्चा में सेतु का काम धर्मजागरण मंच द्वारा किया जा रहा है।

पांच राज्यों के साढ़े तीन सौ विद्यार्थी प्रमुखों की जिज्ञासा का किया समाधान
संघ प्रमुख मोहन भागवत के कुरुक्षेत्र में पांच दिन के प्रवास के दौरान पिछले तीन दिनों से पांच राज्यों के दायित्व प्रमुखों के साथ मंथन जारी है, वही रविवार को प्रचारकों के अलावा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा और दिल्ली समेत पांच राज्यों के करीब साढ़े तीनों सौ से ज्यादा महाविद्यालयों के विद्यार्थी प्रमुख इस उत्तर क्षेत्रीय बैठक में शामिल हुए। संघ की रुटीन गतिविधियों के साथ रविवार को भी चार सत्र रखे गये थे। इस दौरान प्रश्न उत्तर के साथ संघ प्रमुख ने जिज्ञासा समाधान किया।

आज प्रचारकों से और मंगलवार संतों से रूबरू होंगे संघ प्रमुख
उत्तर क्षेत्रीय बैठक के अब दो दिन शेष हैं। पिछले तीन दिन में संघ के जिन दायित्व प्रमुखों के साथ बैठकें हो चुकीं हैं, वे बैठकों के उपरांत रवाना हो रहे हैं,वहीं सोमवार को पांचों राज्यों के प्रचारकों की बैठक होगी, जिसमें प्रचारकों गतिविधियों की जानकारी संघ प्रमुख लेंगे। रविवार को काफी संख्या में उत्तर क्षेत्र के प्रचारक कुरुक्षेत्र पहुंच चुके थे। जबकि मंगलवार को युवा धर्मगुरुओं सहित अन्य साधु संत की अहम बैठक की भी रूपरेखा तैयार हो चुकी है। इस बैठक को भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तय शेड्यूल के अनुसार 17 दिसंबर को संघ प्रमुख कुरुक्षेत्र से गंतव्य के लिये रवाना होंगे। PLC

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