शमीम अहमद

पीलीभीत (उत्तर प्रदेश).   भारतीय जनता पार्टी के नेता और पीलीभीत से भाजपा प्रत्याशी वरुण गांधी ने अपने क्षेत्र की मुस्लिम बस्ती में चुनाव प्रचार के बाद अपना ‘शुद्धिकरण’ कराया है. इस मौके पर विश्व हिन्दू परिषद् सहित राष्ट्रीय स्वंसेवक संघ (आरएसएस)  के विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता भी मौजूद थे. वरुण गांधी की इस ‘हरकत’ से मुसलमानों में भारी आक्रोश है.  

गौरतलब है कि भाजपा प्रत्याशी वरुण गांधी ने कल मुस्लिम बस्ती में चुनाव प्रचार किया था. इस दौरान मुसलमानों ने फूल मालाओं के साथ वरुण गांधी का स्वागत भी किया था. मुस्लिम बस्ती में जाकर वरुण गांधी ‘अपित्र’ हो गए, इसलिए बाद में उन्होंने अपना शुद्धिकरण कराया.   

विश्व हिन्दू परिषद् के स्थानीय प्रभारी दीपक अग्रवाल का कहना है. वरुण गांधी ने जो किया वो सही है. इस अवसर पर दीपक अग्रवाल मुसलमानों के खिलाफ ज़हर उगलने से बाज़ नहीं आया.

इस घटना को लेकर मुसलमानों में काफ़ी आक्रोश है. क्षेत्रवासी इलियास का कहना है कि अगर मुस्लिम बस्ती में जाने पर भाजपा नेता ‘अपवित्र’  हो जाते हैं तो फिर भाजपा को सबसे पहले अपनी पार्टी के नेता (मुस्लिम मुखौटे) शाहनवाज़ हुसैन और मुख्तार अब्बास नकवी को भाजपा से निकालकर अपने मुख्यालय का शुद्धिकरण करना चाहिए.

समाजवादी पार्टी के महासचिव आज़म खान ने भी वरुण गांधी की इस हरकत की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे इंसानियत के खिलाफ बताया है. 
    
जमीयत उलमा-ए-हिंद के प्रवक्ता अब्दुल हमीद नोमानी ने वरुण गांधी की इस हरकत पर कड़ी प्रतिक्रिया ज़ाहिर करते हुए कहा है कि यह भारतीय संविधान के साथ-साथ इंसानियत के भी खिलाफ है.  दरअसल वरुण गांधी के दिल में मुसलमानों के खिलाफ जो ज़हर भरा हुआ है, वही सामने आता रहता है.
फ़तेहपुरी मस्जिद के इमाम मुफ़्ती मुक़र्रम ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा है कि वे भाजपा को वोट नहीं देंगे. उन्होंने इसे चुनावी स्टंट क़रार देते हुए कहा कि भाजपा एक सांप्रदायिक पार्टी है, इसलिए 90 फ़ीसदी  हिन्दू भी इसे पसंद नहीं करते.    

ऑल इंडिया इमाम ऑर्गेनाइज़ेशन के महासचिव उमर इलियासी ने वरुण गांधी पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि इन लोगों का इमाम इतना कमज़ोर है कि मुसलामानों की बस्ती में जाने पर इन्हें अपना शुद्धिकरण करना पड़ा.       

लवर्स ऑफ़ इंडियन पीपल सोसायटी के महासचिव आफताब मियां का कहना है कि इस तरह की हरकतों की जितना भी निंदा की जाए कम है. यह सब मुसलामानों की भावनाओं के साथ सरासर खिलवाड़ है. ऐसी बातों से माहौल खराब होता है.    

 
गौतलब है कि कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने वरुण गांधी के भड़काऊ भाषण को लेकर उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून (रासुका) लगा दिया था. फिलहाल वह पैरोल पर जेल से बाहर है.

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