Friday, January 24th, 2020

मुझे बताओ, मैं आपकी जरूरतें पूरी करूंगा

दो दिवसीय प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट खत्म होने के बाद शुक्रवार को सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य में इंडस्ट्री के लिए कई सौगातों का एलान किया है। उन्होंने कहा कि एक समर्पित एमएसएमई मार्केटिंग सेल स्थापित किया जाएगा। साथ ही एमएसएमई सेक्टर और स्टार्ट अप कल्चर को प्रोत्साहित करने को सौ करोड़ रुपये का स्टार्ट अप फंड स्थापित किया जाएगा।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि यह मार्केटिंग सेल दूसरे राज्यों के एमएसएमई के साथ व्यापारिक सांझ के लिए काम करेगा। सरकार आईकेजी पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर स्टार्ट अप फंड स्थापित करेगी। यह स्टार्ट अप को शुरुआती सहयोग देगा, उसे आगे बढ़ाने का काम करेगा। इसमें से 25 फीसदी फंड एससी और महिला एंटरप्रेन्योर को प्रमोट करने के लिए रहेगा। इंडियन एंजेल नेटवर्क और भारत फंड भी इस कॉरपस फंड में सहयोग कर सकते हैं।

पर्यावरण प्रदूषण को लेकर रेगुलेटरी संस्थाओं की दखलंदाजी के बारे में इंडस्ट्री की चिंताओं को देखते हुए सीएम ने फैसला किया है कि ग्रीन कैटेगरी की इंडस्ट्री को स्व-सहमति की सुविधा दी जाएगी। इससे सरकार किसी भी रेगुलेटरी बॉडी द्वारा किसी भी तरह की जांच को खत्म कर देगी। सूचना देते ही इंडस्ट्री को सहमति मिल जाएगी। सीएम ने किसानों को धान के बजाय दूसरी फसलों की ओर प्रोत्साहित करने के मकसद से जीएसटी री-एंबर्समेंट पॉलिसी में संशोधन का भी फैसला लिया है। इससे फसली विभिन्नता को बढ़ावा देकर भूजल बचाया जा सकेगा।
यूएई के दल के साथ बातचीत के बाद सीएम ने निर्देश दिए कि तुरंत इन्वेस्ट पंजाब में एक यूएई डेस्क स्थापित की जाए। साथ ही मुख्य सचिव के स्तर पर हर माह समिट के पार्टनर देशों के साथ राउंड टेबल मीटिंग भी की जाएगी। समिट में आए सुझावों के बाद सीएम ने मुख्य सचिव की अगुवाई में सात दिनों में एक वर्किंग ग्रुप गठित करने का एलान किया ताकि सभी फैसलों को जल्द अमलीजामा पहनाया जा सके।

ग्रुप एक माह में नीतिगत मापदंडों को लागू करने की संभावनाओं पर अपनी रिपोर्ट देगा। सीएम ने कम से कम तीन फ्लोर एरिया रेशिया के लिए अपार्टमेंट्स में मंजिल-वार बिक्री की इजाजत देने का भी फैसला लिया है। साथ ही इंडस्ट्री की मांग पर सरकार जल्द ही लैंड लीजिंग लॉ लाएगी।

मुझे बताओ, मैं आपकी जरूरतें पूरी करूंगा
प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट के समापन समागम में सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उद्यमियों और निवेशकों से कहा कि वे बताएं उन्हें क्या चाहिए, वह उनकी जरूरतें पूरी करेंगे। सीएम ने उन्हें सूबे में शांत और सुरक्षित माहौल देने का वादा किया। सीएम ने कहा कि तैयार किया भाषण पढ़ने के बजाय वह अपने दिल से बात करने को पहल देंगे।
राज्य सरकार ने अर्थव्यवस्था को कृषि से उद्योगों की तरफ बढ़ाने के लिए दशकों पुरानी नीतियों में सुधार किया है। नौजवानों के बाहर जाने के रुझान पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हमें पंजाब को प्रगतिशील भविष्य के मार्ग पर ले जाना पड़ेगा। सीएम ने कहा कि वह पंजाबी के तौर पर पंजाबियों के साथ और निवेश करने के बाद जल्द पंजाबी बनने वाले निवेशकों से आमने-सामने बातें करना चाहते हैं। उद्योगों की सुविधा के लिए जो भी आपको चाहिए, मैं आपकी हर जरूरत पूरी करूंगा।

मैं आशा करता हूं कि आप यहां से सहमत होकर जाओगे कि हम आपकी भलाई को वचनबद्ध हैं। हम आपको सुरक्षा और हर हाल में शांत माहौल देंगे। पंजाब में कुशल कामगार हैं न यहां श्रम की समस्या है, न कभी हड़ताल हुई है। एमएसएमईज को आर्थिक सहायता देने को एचडीएफसी बैंक के साथ समझौता किया गया, जिसके तहत 1100 करोड़ के कर्ज बांटे गए। राइट टू बिजनेस ऑर्डिनेंस और स्टेट ग्राउंड वाटर अथॉरिटी की स्थापना को मंजूरी दी गई। इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट समेत कई एक्ट में संशोधन किया गया।

पंजाब विलेज कॉमन लैंड रूल्स में संशोधन के बाद औद्योगिक बुनियादी ढांचा स्थापित करने को जमीन हासिल करने में सहायता मिलेगी। सरकार की कोशिशों के चलते 50000 करोड़ से अधिक का निवेश जमीनी स्तर पर होना है। जोकि फूड प्रोसेसिंग, मैन्युफैक्चिरंग, लाइट इंजीनियरिंग, पेट्रोकेमिकल और फार्मास्यूटिकल सेक्टरों में होगा। इंडस्ट्री के लिए बिजली की मांग 26 फीसदी बढ़ी है। आईएसबी और पीटीयू के साथ मिल कर एसटीपीआई मोहाली में स्टार्ट अप पंजाब हब स्थापित किया गया है।

1.40 लाख वर्ग फुट में यह देश की सबसे प्रफुल्लित सुविधाओं में से एक है। हब में तीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं। इसी के साथ दो दिवसीय समिट का समापन हो गया। इस दौरान कई तकनीकी सेशन भी करवाए गए।
एमएसएमई को आर्थिक सहायता देने को एचडीएफसी बैंक के साथ समझौता किया गया, जिसके तहत 1100 करोड़ के कर्ज बांटे गए। राइट टू बिजनेस ऑर्डिनेंस और स्टेट ग्राउंड वाटर अथॉरिटी की स्थापना को मंजूरी दी गई। इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट समेत कई एक्ट में संशोधन किया गया। पंजाब विलेज कॉमन लैंड रूल्स में संशोधन के बाद औद्योगिक बुनियादी ढांचा स्थापित करने को जमीन हासिल करने में सहायता मिलेगी।

सरकार की कोशिशों के चलते 50000 करोड़ से अधिक का निवेश जमीनी स्तर पर होना है। जोकि फूड प्रोसेसिंग, मैन्युफैक्चरिंग, लाइट इंजीनियरिंग, पेट्रोकेमिकल और फार्मास्यूटिकल सेक्टरों में होगा। इंडस्ट्री के लिए बिजली की मांग 26 फीसदी बढ़ी है। आईएसबी और पीटीयू के साथ मिल कर एसटीपीआई मोहाली में स्टार्ट अप पंजाब हब स्थापित किया गया है।

1.40 लाख वर्ग फुट में यह देश की सबसे प्रफुल्लित सुविधाओं में से एक है। हब में तीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं। इसी के साथ दो दिवसीय समिट का समापन हो गया। इस दौरान कई तकनीकी सेशन भी करवाए गए।
समिट में खास
- पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी (पीएयू) और कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी के बीच एमओयू साइन हुआ। इसके तहत रिसर्च और स्टूडेंट्स का आदान-प्रदान होगा।
- पंजाब सरकार ने सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने के लिए तीन पक्षीय समझौते पर सहमति जताई। यह समझौता आईटी विभाग की डायरेक्टर तनु कश्यप, सेमी कंडक्टर लैब के डायरेक्टर डॉ. सुरिंदर सिंह और एसटीपीआई के डीजी डॉ. ओंकार राय के बीच हुआ।
- हीरो इलेक्ट्रिक के एमडी नवीन मुंजाल ने कहा कि हमने लुधियाना में इलेक्ट्रिक 2 डब्ल्यू सुविधा में पांच लाख यूनिट वाहन तक उत्पादन बढ़ाने की योजना बनाई है।
- उद्यमियों के मुताबिक पंजाब को मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में विकसित करने के लिए यहां से और ज्यादा इंटरनेशनल फ्लाइट्स शुरू की जानी चाहिए। उजबेकिस्तान और कजाकिस्तान जैसे देशों से सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ान लानी चाहिए।
- उद्योग मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा ने बताया कि स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोले गए हैं, आईटीआई में कोर्स शुरू किए गए हैं।
पीएयू और कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के बीच हुआ समझौता
एग्रीकल्चर इंडस्ट्री ने कहा है कि अगर किसानों को फसलों का लाभप्रद भाव मुहैया करवाना है तो अधिक कीमत पर बिकने वाली वस्तुएं तैयार करनी होंगी। प्रोग्रेसिव पंजाब समिट के दूसरे दिन पंजाब - खेती आर्थिकता में विस्तार विषय पर सेशन आयोजित किया गया। इस दौरान पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी और कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी के बीच एमओयू साइन किया गया, जिसके तहत रिसर्च और स्टूडेंट्स का आदान-प्रदान होगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव विश्वजीत खन्ना ने बताया कि रोजाना 32.5 मिलियन लीटर दूध उत्पादन के साथ पंजाब में देश में छठे स्थान पर है।

किन्नू उत्पादन में देश की कुल पैदावार का 24 फीसदी के साथ दूसरे स्थान पर है। देश के 15 फीसदी शहद का उत्पादन यहां होता है, निर्यात में 21 प्रतिशत हिस्सेदारी है। तकनीकी सेशन का संचालन पंजाब स्टेट फार्मर्स कमीशन के चेयरमैन अजयवीर जाखड़ ने किया। पैनल में गोदरेज टाइसन के सीईओ प्रशांत वटकर, सीएन इफको के एमडी इनीगो ऐंटन, आईटीसी के वित्तीय मामलों के प्रमुख नील किंग्सटन और खेती वैज्ञानिक प्रभाकर राव शामिल थे। जाखड़ ने कहा कि भारत-पाक रिश्ते सुधरने से पंजाब के किसानों को फायदा होगा।

फल, सब्जी, डेयरी उत्पाद सीधे पाकिस्तान, अफगानिस्तान, कजाकिस्तान निर्यात हो सकेंगे। नील किंग्स्टन ने कहा कि दूध और अंडा उत्पादन को देखते हुए पंजाब को देश के प्रोटीन स्रोत के तौर पर विकसित किया जाना चाहिए। आईटीसी बीज व सब्जियों में सुधार के लिए काम कर रहा है, ताकि किसानों का लाभ बढ़ सके। सीएन इफको के एमडी इंगिओ ऐंटन ने कहा कि किसानों और एग्रो इंडस्ट्री को आपसी फायदे के लिए मजबूत रिश्ता कायम करने की जरूरत है। प्रशांत वटकर ने एग्री सेक्टर में कृषि उत्पादों से और उत्पाद बनाने की कमी पर चिंता जताई।

उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र के लोगों को एग्रो इंडस्ट्री में आकर और उत्पाद तैयार करने चाहिए। प्रभाकर राव वातावरण तब्दीली पर ध्यान केंद्रित करते रसायन मुक्त खेती की तरफ बढ़ने पर जोर दिया। सुखजीत स्टार्च के सीईओ भवदीप सरदाना ने कहा कि बेहतरीन एग्री प्रेक्टिस और इनोवेटिव किसान ही पंजाब को एग्री और फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में आगे लेकर गए हैं।
एक दशक में तीस प्रतिशत बढ़ी विदेशी सैलानियों संख्या
पंजाब में एक दशक के दौरान घरेलू और विदेश सैलानियों की संख्या काफी इजाफा हुआ है। 2009-18 के दौरान विदेशी पर्यटक जहां तीस फीसदी बढ़, वहीं घरेलू सैलानियों की संख्या में भी 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने श्री हरमंदिर साहिब, अमृतसर को सबसे ज्यादा पर्यटकों की आमद वाली जगह घोषित किया। प्रोग्रेसिव पंजाब समिट के दौरान शुक्रवार को पंजाब में पर्यटन-अनलॉकिंग टूरिज्म पोटेंशियल ऑफ पंजाब विषय पर आयोजित सेशन के दौरान ये तथ्य सामने आए।

प्रमुख सचिव विकास प्रताप ने बताया कि 2018 में सूबे में 1.2 मिलियन विदेशी और 44.5 मिलियन घरेलू पर्यटक आए। इसकी वजह यह है कि पंजाब अपने धार्मिक स्थानों, सांस्कृतिक विरासत, रवायती मेलों और त्योहारों, अजायब घरों, याद चिह्नों, पकवानों, कला व शिल्पकारी, फार्मों और इको टूरिज्म के लिए जाना जाता है।

पैनल में आईटीसी के कार्यकारी डायरेक्टर नकुल आनंद, रैडिसन ग्रुप के साउथ एशिया ऑपरेशंस के वीपी जूबिन सक्सेना, महिंद्रा हॉलीडेज के सीईओ कविंदर सिंह, लोनली प्लैनेट इंडिया के डायरेक्टर सेस शेशाद्री, एफएआईटीएच के सीईओ आशीष गुप्ता, शैफ मनजीत सिंह गिल, इंडियन फेडरेशन ऑफ कूलीनारी एसोसिएशन के प्रधान दिनेश चड्ढा शामिल थे। उन्होंने कहा कि राज्य में अभी भी दक्षिण एशिया का पर्यटन केंद्र  बनने की काफी संभावनाएं हैं। खन्ना पेपर्ज के डायरेक्टर सुनीत कोछड़ ने पंजाब में हॉस्पिटेलिटी सेक्टर में यूनिट स्थापित करने के संबंध में अपना अनुभव बताया।
मेडिकल टूरिज्म के विकास को चाहिए ज्यादा इंटरनेशनल फ्लाइट
उद्यमियों का कहना है कि अगर पंजाब को मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में विकसित करना है तो यहां से और ज्यादा इंटरनेशनल फ्लाइट्स शुरू किए जाने की जरूरत है ताकि राज्य की क्षमता का व्यापक प्रयोग किया जा सके। प्रोग्रेसिव पंजाब समिट के दौरान इंटरनेशनल एंड डोमेस्टिक मेडिकल टूरिज्म के तौर पर पंजाब को विकसित करना विषय पर सेशन आयोजित किया गया।

डेलीगेट्स ने कहा कि बुनियादी ढांचे, स्किल्ड लेबर, बढिया हॉस्पिटलिटी सेक्टर के चलते पंजाब मेडिकल टूरिज्म के केंद्र के रूप में उभरने की पूरी क्षमता रखता है। पंजाब सरकार को उजबेकिस्तान और कजाकिस्तान जैसे देशों से सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ान लानी चाहिए। प्रमुख सचिव अनुराग अग्रवाल ने बताया कि पंजाब में छह मेडिकल, 13 डेंटल कॉलेज और बड़ी संख्या में नर्सिंग कॉलेज हैं।

फोर्टिस, मैक्स समेत हेल्थ केयर सेक्टर के तमाम दिग्गज यहां हैं। होमी भाभा कैंसर अस्पताल में 7000 मरीजों का इलाज हुआ है। अगले साल मेडीसिटी के लिए इको सिस्टम स्थापित किया जाएगा। पद्म भूषण डॉ. केके तलवार ने कहा कि पंजाब में मध्य एशियाई देशों, अमेरिका, ब्रिटेन के एनआरआई और जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड जैसे राज्यों से मेडिकल टूरिज्म की संभावनाएं मौजूद हैं।

चर्चा में फोर्टिस के एमडी डॉ. आशुतोष रघुवंशी, अपोलो के ग्रुप मेडिकल डायरेक्टर डॉ. अनुपम सिब्बल समेत कई विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
हीरो बढ़ाएगा पांच लाख यूनिट तक उत्पादन
प्रोग्रेसिव पंजाब समिट के दूसरे दिन मोबिलिटी सेक्टर का भविष्य - चुनौतियां और संभावनाएं विषय पर सेशन करवाया गया, जिसमें विशेषज्ञों ने कहा कि हमें डीजल-पेट्रोल से इलेक्ट्रिक वाहनों पर तब्दील होने के लिए तैयार रहना चाहिए। प्रमुख सचिव के शिव प्रसाद ने सरकार की नीतियों पर प्रजेंटेशन दिया।

हीरो इलेक्ट्रिक के एमडी नवीन मुंजाल ने कहा कि पंजाब ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की वृद्धि के लिए उत्कृष्ट मंच रखता है। सरप्लस व सस्ती बिजली, सहायक इकाइयों के लिए मजबूत आधार, कुशल मैन पॉवर और कनेक्टिविटी ने हमारी सफलता में योगदान दिया है। हमने लुधियाना में इलेक्ट्रिक 2 डब्ल्यू सुविधा में पांच लाख यूनिट तक उत्पादन बढ़ाने की योजना बनाई है।

वोल्वो ग्रुप के प्रेसिडेंट कमल बाली ने कहा कि ऑटोमोबाइल उद्योग ने पिछले कुछ सालों में काफी बदलाव देखा है। हाइपरलूप वन के भारत व मध्य पूर्व के एमडी हरजिंदर धालीवाल ने कहा कि हम मांग आधारित दुनिया में रह रहे हैं। हमें सारा ध्यान बाजार की मांग पर केंद्रित करने की जरूरत है। उन्होंने ट्रैफिक संकट को कम करने के लिए अत्याधुनिक तकनी अपनाने पर जोर दिया।

हेला के एमडी रमाशंकर पांडेय ने ऑटो सेक्टर में नए अविष्कार सड़क हादसे रोकने में सहायक हो सकते हैं। भारतीय ऑटो इंडस्ट्री का 76 फीसदी टू व्हीलर पर आधारित है। पुराने तंत्र को नई तकनीक से बदल कर हम दुर्घटनाएं बचा सकते हैं। जेबीएम ग्रुप के कार्यकारी निदेशक निशांत आर्य ने प्रदूषण कम करने वाली नीति व बुनियादी ढांचे पर जानकारी दी।
पंजाब में औद्योगिक टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री 4.0 की शुरुआत
प्रोग्रेसिव पंजाब समिट के दौरान पंजाब - चेंजिंग गेयर फॉर इंडस्ट्री 4.0 विषय पर सेशन आयोजित किया गया, जिसमें घोषणा की गई कि औद्योगिक विकास के नए मौके तलाशने के लिए सूबे ने नई औद्योगिक टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री 4.0 की शुरुआत कर दी है। औद्योगिक क्रांति का हिस्सा बनकर तकनीकी निवेश के लिए नए रास्ते खोल दिए हैं। प्रमुख सचिव आरके वर्मा ने कहा कि सरकार नई उद्योग नीति के तहत टेक्नोलॉजी में निवेश और विकास की सुविधा दे रही है। ताकि राज्य को औद्योगिक क्रांति की गतिशीलता का साथी बनाया जा सके।

पैनल मेंबरों में पीटीसी और आईओटी-एआई के बिजनेस हेड राज किरण, आईएसबी के सीनियर एसोसिएट डीन चंदन चौधरी, डायरेक्टर ऑटोमेशन इंडस्ट्री एसोसिएशन अनूप वाधवा, वीपी-इको स्ट्रक्चर एंड डिजिटल और स्कैनाइडर इलेक्ट्रिक के पंकज गोयल शामिल थे। पैनलिस्ट ने इस बात की प्रशंसा की पंजाब के आर्थिक विकास में करीब दो लाख एमएसएमई और पांच सौ बड़ी व मध्यम औद्योगिक इकाइयों का योगदान है। उन्होंने कहा कि मजबूत टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और लाइट इंजीनियरिंग सेक्टरों की मौजूदगी औद्योगिक दृष्टि से बढ़िया प्लेटफार्म बनाती है।

इंडस्ट्री 4.0 की धारणा उन्नत टेक्नोलॉजी और शारीरिक उत्पादन तत्वों के एकीकरण द्वारा निर्माण प्रक्रिया के आधुनिकीकरण पर केंद्रित है। यह संचार, आईटी, डाटा, भौतिक तत्व आदि के एक ही समय में प्रयोग से डिजिटल चेन वैल्यू तैयार करता है। केपीएमजी के सुशांत राबरा ने 80 लोगों की भागीदारी से सेशन का संचालन किया। जिनमें एमएसएमईज, आईआईटी रोपड़, थापर यूनिवर्सिटी, चितकारा यूनिवर्सिटी और इंडस्ट्री 4.0 के माहिर शामिल थे।
जापान के राजदूत ने की कैप्टन के साथ मुलाकात
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जापान के राजदूत सतोशी सुजुकी से अपील की कि वह जापानी कंपनियों पर राजपुरा और बठिंडा में बनने वाले मेगा इंडस्ट्रियल पार्कों में निवेश के लिए जोर दें। सुजुकी ने प्रोग्रेसिव पंजाब समिट में हिस्सा लेने के बाद सीएम से मुलाकात की। सीएम ने उन्हें बताया कि राजपुरा, मोहाली के साथ बसा है, जिससे निवेश करने वाली कंपनियों को जरूरी बुनियादी ढांचे के साथ-साथ बेहतरीन सड़क और हवाई यातायाद उपलब्ध होगा।

राजपुरा थर्मल प्लांट द्वारा औद्योगिक पार्क में बिजली की जरूरत पूरी की जा सकती है। सुजुकी ने भरोसा दिया कि जापानी कंपनियां निवेश के लिए आगे आएंगी। उन्होंने सीएम को जापान आकर वहां की कंपनियों को पंजाब में निवेश की संभावनाएं बताने का न्योता दिया। उन्होंने सीएम से कहा कि एक समर्पित अधिकारी को जापानी कंपनियों और जापान विदेश ट्रेड संस्था से संबंध बनाने को तैनात करें।

अतिरक्ति मुख्य सचिव विन्नी महाजन ने सुजुकी को बताया कि जापान की नामी कंपनियों आइची, इसुजू, यैनमार और कंसाई ने पहले ही पंजाब की कंपनियों के साथ सांझ बनाई हुई है। उन्होंने सुजुकी को मोहाली स्थित एसटीपीआई इन्क्यूबेशन सेंटर का दौरा कर राज्य के औद्योगिक विकास का हिस्सेदार बनने का न्योता दिया। इस मौके पर सीएम के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, निवेश सलाहकार मेजर बीएस कोहली, मुख्य प्रमुख सचिव सुरेश कुमार भी मौजूद थे।
कपड़ा उद्योग को स्किल्ड लेबर की जरूरत
इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस में चल रहे प्रोग्रेसिव पंजाब समिट में गारमेंटिंग व टेक्निकल टेक्सटाइल के लिए नए आयाम विषय पर सेशन आयोजित किया गया। जिसमें उद्यमियों ने कहा कि कपड़ा उद्योग को स्किल्ड लेबर की जरूरत है। ज्यादातर इकाइयों में प्रवासी मजदूरों से काम चलाया जा रहा है। उद्योग मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोले गए हैं, आईटीआई में कोर्स शुरू किए गए है।

शिंगोरा टेक्सटाइल के एमडी अमित जैन के संचालन में आयोजित सेशन मेमं नाहर इंडस्ट्रीज के वाइस चेयरमैन कमल ओसवाल, रिलायंस इंडस्ट्रीज के वाइस प्रेसिडेंट गोपसरंजन दास, अपेरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के चेयरमैन एचकेएल मग्जू, शाही एक्सपोर्ट्स के डायरेक्टर जेडी गिरी और मिलियन एक्सपोर्ट्स के एमडी नरिंदर चुघ शामिल हुए। उद्यमियों ने गारमेंटिंग क्लस्टर, नवीनतम टेक्नोलॉजी के योगदान, स्किल्ड लेबर, लेबर सब्सिडी समेत कई विषयों पर मंथन किया।

उन्होंने कहा कि पंजाब में कपड़ा उद्योग के क्षेत्र में निवेश की काफी संभावनाएं हैं। सरकार सस्ती बिजली, लेबर सब्सिडी, जीएसटी इन्सेंटिव आदि दे रही है। पंजाब को कपड़ा उद्योग में त्रिपुर शहर जैसे मुकाम तक पहुंचाने के लिए सभी दिग्गजों एक मंच पर आकर साझेदारी कायम करनी चाहिए। इससे पहले अतिरिक्त मुख्य सचिव एमपी सिंह ने कहा कि पंजाब के आर्थिक विकास में कपड़ा उद्योग का अहम स्थान है। स्पिनिंग की बदौलत प्रदेश ने देश में तीसरा स्थान  हासिल किया है।

देश के 95 प्रतिशत ऊन के बुने कपड़ों का उत्पादन पंजाब में होता है। सूबे के कुल औद्योगिक आउटपुट में कपड़ा उद्योग का 19 फीसदी योगदान है, निर्यात में हिस्सेदारी 21 प्रतिशत है। ट्राइडेंट ग्रुप के चेयरमैन राजिंदर गुप्ता ने कहा इस उद्योग की बढ़ोतरी के लिए पंजाब सबसे शानदार सूबा है। उद्यमिता पंजाब के खून में है, बस सफेद सोने (कपास) की खेती को प्रोत्साहित करने को कदम उठाने की जरूरत है।PLC

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