Friday, April 3rd, 2020

‘मुझे इसलिए प्रताड़ित किया जा रहा है कि क्योंकि मैं एक युवा महिला आर्किटेक्ट के साथ मोदी की कथित निकटता से वाकिफ था':प्रदीप शर्मा

images (7)आई एन वी सी,

दिल्ली,

'साहेब' की निगरानी और सुरक्षा प्रदान करने की मंशा के पीछे का सच तो खैर अभी बाहर आना शेष है लेकिन फिलहाल तो ऐसा लगता है कि गुजरात में पेशे से आर्किटेक्ट बताई जा रही युवती की जासूसी कराने का मुद्दा मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का पीछा नहीं छोड़ रहा है। शनिवार को गुजरात सरकार द्वारा निलंबित आइएएस अधिकारी प्रदीप शर्मा ने यह मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उठाया। राज्य सरकार से कानूनी जंग लड़ रहे शर्मा ने इस प्रकरण में मोदी और उनके करीबी अमित शाह के खिलाफ सीबीआइ जांच कराने की अदालत से मांग की है। उनका कहना है कि लड़की की जासूसी गैरकानूनी तरीके से की गई। शीर्ष न्यायालय में याचिका दायर कर शर्मा ने उक्त प्रकरण को उठाया है। उन्होंने याचिका में दावा किया कि अदालत को इस बारे में कुछ न्यूज पोर्टल द्वारा प्रसारित ऑडियो टेप का संज्ञान लेना चाहिए। इससे साफ हो जाएगा कि मोदी सरकार ने किस तरह से उन्हें फर्ज़ी मामलों में फंसाने की कोशिश की है। बकौल शर्मा, ‘उन्हें इसलिए प्रताड़ित किया जा रहा है कि क्योंकि वह एक युवा महिला आर्किटेक्ट के साथ मोदी की कथित निकटता से वाकिफ थे।’ उन्होंने कोर्ट को आगे बताया कि वह जब कच्छ के जिलाधिकारी थे तो उन्होंने ही 2004 में एक कार्यक्रम के दौरान उक्त युवती का परिचय मोदी से कराया था। मोदी भूकंप से तबाह भुज शहर में हिल गार्डन का उद्घाटन करने आए थे और युवती वहां पर बतौर लैंडस्केपिंग आर्किटेक्ट कार्यरत थी।’ उनके अनुसार, ‘वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी कुलदीप शर्मा का भाई होने के नाते भी मोदी सरकार ने उन्हें काफी परेशान किया। उनके छोटे भाई कुलदीप ने गोधरा कांड के बाद भड़के दंगों में मोदी सरकार की कई कारगुज़ारियों को उजागर किया था।’ प्रदीप शर्मा का कोर्ट से कहना था, ‘उनके द्वारा दाखिल अर्जी के साथ संलग्न दस्तावेजों और ऑडियो टेप के अनुवाद की प्रतिलिपि का अदालत संज्ञान लें। फिर नरेंद्र मोदी, अमित शाह और अन्य सक्षम अधिकारियों के खिलाफ टेलीग्राफ अधिनियम 1885 के उल्लंघन की सीबीआइ जांच का आदेश जारी करे।’ इसके साथ ही शर्मा ने अपने आवेदन में कहा है कि मोदी और वह महिला कई सालों तक संपर्क में रहे। चर्चा थी कि इस महिला की कोई सीडी है जिसमें वह किसी शख्स के साथ आपत्तिजनक अवस्था में है। हालांकि शर्मा ने कहा कि ऐसी कोई सीडी उनके पास नहीं थी, लेकिन मोदी को लगता था कि उनके पास सीडी के अंश हैं और कहीं वह इसे सार्वजनिक न कर दें।छह आपराधिक मामलों का सामना कर रहे 1984 बैच के आइएएस ने कहा कि जासूसी प्रकरण में सामने आए ऑडियो टेप गवाह हैं कि राज्य सरकार उनके प्रति दुर्भावना से ग्रस्त है और किसी भी तरह उन्हें फंसाने की फिराक में है। आखिरी बार भावनगर नगर निगम के आयुक्त रहे शर्मा को 6 जनवरी, 2010 को गिरफ्तार किया गया था। उन पर कच्छ के भूकंप पीड़ितों के पुनर्वास कार्यक्रम में हेराफेरी करने का आरोप था।

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