Friday, December 13th, 2019

मुकेश अंबानी ने गूगल के लैरी पेज-सर्गे ब्रिन को पछाड़ा

अमीरी के मामले में भी आरआईएल के चेयरमैन मुकेश अंबानी की धाक खासी बढ़ गई। फोर्ब्स की सूची के मुताबिक, बृहस्पतिवार को वह 9वें अमीर बन गए। उन्होंने गूगल के फाउंडर लैरी पेज (46) और सर्गे ब्रिन (46) को पीछे छोड़ दिया।फोर्ब्स के मताबिक, अंबानी की नेटवर्थ 60.7 अरब डॉलर (4.30 लाख करोड़ रुपये) है। लैरी पेज 4.20 लाख करोड़ रुपये की नेटवर्थ के साथ 10वें और ब्रिन 4.10 लाख करोड़ रुपए के साथ 11वें नंबर पर हैं।

पिछले सात महीनों के दौरान मुकेश अंबानी की नेटवर्थ लगभग 77,000 करोड़ रुपये बढ़ी है। वहीं अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस 8 लाख करोड़ रुपये की नेटवर्थ के साथ दुनिया के सबसे बड़ी अमीर बने हुए हैं।

 दुनिया के टॉप-10 अरबपति

नाम/कंपनी/देश नेटवर्थ (रुपये)
जेफ बेजोस, अमेजन (अमेरिका) 8 लाख करोड़
बर्नार्ड अरनॉल्ट फैमिली, एलवीएमएच (फ्रांस) 7.67 लाख करोड़
बिल गेट्स, माइक्रोसॉफ्ट (अमेरिका) 7.66 लाख करोड़
वॉरेन बफे, बर्कशायर हैथवे (अमेरिका) 6.20 लाख करोड़
मार्क जकरबर्ग, फेसबुक (अमेरिका) 5.34 लाख करोड़
लैरी एलिसन, ऑरेकल (अमेरिका) 4.93 लाख करोड़
अमेन्सिओ ऑर्टेगा, जारा (स्पेन) 4.93 लाख करोड़
कार्लोस स्लिम फैमिली, अमेरिका मोविल (मैक्सिको) 4.34 लाख करोड़
मुकेश अंबानी, रिलायंस इंडस्ट्रीज (भारत) 4.33 लाख करोड़
लैरी पेज, गूगल (अमेरिका) 4.25 लाख करोड़

 

रिलायंस की नेटवर्थ 10 लाख करोड़ के पार

रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) की बाजार पूंजी बृहस्पतिवार को 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई। इस तरह से मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली आरआईएल यह उपलब्धि हासिल करने वाली देश की पहली कंपनी बन गई है।

खास बात यह है कि कंपनी की बाजार पूंजी में पिछले दो साल यानी नवंबर, 2017 से नवंबर, 2019 के दौरान कुछ ज्यादा ही इजाफा दर्ज किया गया, जो इस दौरान 6 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 10 लाख करोड़ हो गई। यह वही दौर है जब कंपनी को अपने दूरसंचार उपक्रम जियो से आमदनी शुरू हुई थी।

कंपनी को वर्ष 2019 में शेयर में मजबूती से यह फायदा मिला। इस साल कंपनी के शेयर में 41 फीसदी की मजबूती दर्ज की गई है। अगस्त, 2018 में आरआईएल ऐसी पहली भारतीय कंपनी बनी थी, जिसकी बाजार पूंजी 8 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई थी।

वहीं इस साल अक्तूबर में आरआईएल की बाजार पूंजी 9 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई थी। अगर वर्ष 1991 से 2019 तक के दौर को देखें तो आरआईएल की बाजार पूंजी 60,742 गुनी बढ़ गई, वहीं इस अवधि में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयरों की कीमत 14,200 फीसदी से ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली। 2019 में आरआईएल ने मुनाफे के मामले में भी नया रिकॉर्ड बनाया, जब वह किसी तिमाही में 10 हजार करोड़ रुपये मुनाफा कमाने वाली पहली कंपनी बनी थी।

टाटा समूह की आईटी कंपनी टीसीएस 7.79 लाख करोड़ रुपये की बाजार पूंजी के साथ देश की दूसरी बड़ी कंपनी है। इसके बाद एचडीएफसी बैंक (6.96 लाख करोड़ रुपये), हिंदुस्तान यूनिलीवर (4.49 लाख करोड़ रुपये) और एचडीएफसी (लगभग 4 लाख करोड़ रुपये) हैं।PLC

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