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Sunday, September 20th, 2020

मुकेश अंबानी और अजीम प्रेमजी की कंपनियों से लेकर बिन्नी बंसल तक की चीन कर रहा है जासूसी

बॉर्डर पर धोखा देने वाला चीन भारत की इकोनॉमी की भी जासूसी कर रहा है। चीन की सरकार से जुड़ी झेन्हुआ डेटा इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कंपनी भारत के टेक स्टार्पअप्स से लेकर पेमेंट और हेल्थकेयर ऐप्स तक, छोटी से लेकर बड़ी कंपनियों तक के अधिकारियों पर नजर रख रही है।

झेन्हुआ के डेटाबेस में ऐसी 1400 एंट्रीज मिली हैं। इनमें अजीम प्रेमजी की कंपनी से लेकर मुकेश अंबानी तक की कंपनियां शामिल हैं। फ्लिपकार्ट के को-फाउंडर बिन्नी बंसल पर भी नजर रखी जा रही है। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी पड़ताल के दूसरे हिस्से में यह खुलासा किया है।

इन बड़े लोगों की ट्रैकिंग की जा रही
टी के कुरियन, चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर, प्रेमजी इन्वेस्ट
अनीष शाह, ग्रुप सीएफओ, महिंद्रा ग्रुप
पीके एक्स थॉमस, सीटीओ, रिलायंस ब्रांड्स
ब्रायन बेड, सीईओ, रिलायंस रिटेल

इन्वेस्टिगेशन पार्ट-2 के मुताबिक रेलवे में इंटर्नशिप कर रहे इंजीनियरिंग स्टूडेंट से लेकर बड़ी-बड़ी कंपनियों के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर तक झेन्हुआ की नजर में हैं। इस लिस्ट में वेंचर कैपिटलिस्ट, एंजल इन्वेस्टर्स, देश के उभरते स्टार्टअप्स, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के फाउंडर और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर भी शामिल हैं।

नए दौर के इन एंटरप्रेन्योर पर नजर
बिन्नी बंसल, फ्लिपकार्ट के को-फाउंडर
दीपेंदर गोयल, जोमैटो के फाउंडर
नंदन रेड्डी, स्विग्गी के को-फाउंडर
फाल्गुनी नायर, न्याका की को-फाउंडर
नमीत पोन्टिस, पेयू के बिजनेस हेड

डिजिटल हेल्थ और डिजिटल एजुकेशन सेक्टर की ज्यादा निगरानी
नोटबंदी के बाद से मोदी सरकार लगातार डिजिटल पेमेंट को बढ़ाने पर जोर दे रही है। लेकिन, चीन की कंपनी न सिर्फ डिजिटल पेमेंट ऐप्स बल्कि, डिजिटल हेल्थ और डिजिटल एजुकेशन सेक्टर को भी ट्रैक कर रहा है। एजुकेशन सेक्टर में ओलिव बोर्ड से लेकर बायजू रवींद्रन के बायूज ऐप तक पर नजर रखी जा रही है। पीएलसी।PLC,

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