Tuesday, February 18th, 2020

मीना से समझो पद छिना ,भाजपा के सदस्यों ने धोखा दिया

  • १० दिन में चली जाएगी कुर्सी -कई सवाल छोड़ गई बैठक में अध्यक्ष की अनुपस्थिति

invcहेमंत पटेल , आई एन वी सी , भोपाल, जिला पंचायत अध्यक्ष मीना हिम्मत सिंह गोयल और उपाध्यक्ष कल्पना बृजेश मीना के भविष्य को लेकर सदस्यों में उठापटक तेज हो गई है। अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के खिलाफ लाया गया प्रस्ताव शुक्रवार को धरासाही हो गया। संकेत मिले हैं कि १० दिन के भीतर मीना से अध्यक्ष पद की कुर्सी छिन जाएगी। हालांकि अध्यक्ष व उनके सहयोगियों में से किसी ने अपना रुख साफ नहीं किया है। दूसरी ओर कांगे्रस सदस्यों की तरफ से जारी प्रेस पत्र में कहा गया है कि हिम्मत सिंह गोयल ने कहा है, अध्यक्षा १० दिनों में स्वयं इस्तीफा दे देंगी। वहीं हिम्मत सिंह गोयल बोले, सदस्यों के बीच जो भी मन मुटाव है उसे एक सप्ताह के भीतर दूर करने का प्रयास किया जाएगा। इससे पहले अविश्वास प्रस्ताव को लेकर होने वाली वोटिंग न होने से अविश्वास प्रस्ताव मजाक बनकर रह गया। ऐसा अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले सदस्यों के कलेक्टर सभागार में उपस्थित न होने के कारण हुआ। शाम करीब 5 बजे तक जब कोई नहीं पहुंचा तब पीठासीन अधिकारी ने अविश्वास प्रस्ताव को स्वत: ही असफल मानते हुए प्रक्रिया समाप्त कर दी। बताया जाता है कि दिन भर कांग्रेस व भाजपा सदस्यों के बीच गठ जोड़ की बातें चलती रहीं, लेकिन बात नहीं बनी। दोपहर करीब दो बजे अध्यक्ष के इस्तीफे की बातें चलीं, अध्यक्ष मीना हिम्मत सिंह गोयल ने कहा मैंने अभी इस्तीफा नहीं दिया है।

  • -गायब रहे प्रस्ताव लाने वाले

ेअविश्वास प्रस्ताव को लेकर शुक्रवार को सुबह ११ बजे से वोटिंग रखी गई थी, लेकिन अविश्वास प्रस्ताव रखने वाले ही पूरे समय गायब रहे। सदस्यों से चर्चा व वोटिंग के लिए पीठासीन अधिकारी व अपर कलेक्टर बसंत कुर्रे ने बाकायदा शेड्यूल तैयार किया था। इसके तहत सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक अध्यक्ष के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के लिए समय रखा गया था। तीन से छह बजे तक उपाध्यक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा व वोटिंग होनी थीं। दिन भर के घटनाक्रम से पीठासीन अधिकारी को स्पष्ट हो गया कि वोटिंग नहीं होनी तो उन्होंने स्वयं ही इसे निरस्त मान लिया। यहां अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के साथ-साथ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले भागवती किशनलाल मेहर, मधु मनोज वशिष्ठ सहित कांग्रेस के सदस्य भी उपस्थित नहीं हुए।

  • 15 को अध्यक्ष की कुर्सी का फैसला

जानकारी के अनुसर भाजपा संगठन के प्रदेश महामंत्री अरविंद मेनन ने भाजपा के चार सदस्यों मीना हिम्मत सिंह गोयल, मधु मनोज वशिष्ठ, भागवती मेहर व कल्पना मीना को बुलाकर बैठक ली। करीब एक घंटा यह क्रम चलता रहा। बहस के बाद जब भावगती मेहर नहीं मानी तो मीना हिम्मत सिंह गोयल को अध्यक्ष पद से इस्तीफे की बात आई। बताया जाता है, श्रीमती गोयल ने इस्तीफा श्री मेनन को सौंप दिया है। सूत्रों की माने तो इस पर 15 मई तक फैसला होगा। इसके बाद भागवती मेहर को अध्यक्ष की कुर्सी का रास्ता साफ हो जाएगा।

  • वर्जन

अविश्वास प्रस्ताव लाने के बाद, भाजपा के सदस्यों ने धोखा दिया है। इसके विरोध स्वरूप कांग्रेसी सदस्य मतदान में शामिल नहीं हुए। विष्णु विश्वकर्मा, जिपं सदस्य

काफी हद तह मनमुटाव दूर हो गए हैं, जो रूठे हैं उन्हें मना लिया जाएगा। इसलिए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर वोटिंग में कोई भाजपा सदस्य नहीं पहुंचा। मीना हिम्मत सिंह गोयल, जिपं अध्यक्ष

अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले सदस्य ही कलेक्टर सभाकक्ष में नहीं आए। इसके बाद आखिर में प्रस्ताव स्वत: ही असफल हो गया। अध्यक्ष-उपध्यक्ष भी उपिस्थत नहीं हुए बसंत कुर्रे, पीठासीन अधिकारी

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