अहमदाबाद | मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने राज्य में बुधवार, 15 अप्रैल, 2020 से अनाज मार्केट यार्ड- कृषि उपज बाजार समितिओं को पुनः कार्यरत करने का निर्णय किया है। उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस के कारण घोषित किए गए लॉकडाउन की वर्तमान स्थिति में राज्यभर के मार्केट यार्ड-कृषि उपज बाजार समितियां बंद थी। अब स्थानीय परिस्थिति और सुदृढ़ आयोजन के अनुसार यार्ड को दोबारा शुरू करने के दिशा-निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं। इन मार्केट यार्ड – बाजार समितियों के संचालन और कामकाज में सोशल डिस्टेंसिंग यानी सामाजिक दूरी के नियमों की पालना और कोरोना वायरस का संक्रमण ना फैले इसे लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इस उद्देश्य से जिला स्तर पर जिला रजिस्ट्रार की अध्यक्षता में पांच सदस्यों की एक समिति गठित की गई है।

मुख्यमंत्री के इस निर्णय की जानकारी मंगलवार को गांधीनगर में मुख्यमंत्री के सचिव अश्विनी कुमार ने दी। उन्होंने कहा कि रबी सीजन की फसलों की कटाई के बाद लॉकडाउन के कारण किसानों के पास पड़ी रहीकृषिउपजों के कारण उन्हें आर्थिक मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा, राज्य के नागरिकों को जीवन आवश्यक वस्तुएं भी इन बाजार समितियों- मार्केट यार्ड के माध्यम से सुलभ कराने के आशय से उप मुख्यमंत्री श्री नितिनभाई पटेल की राज्य के मार्केट यार्ड संचालकों के साथ हुई बैठक की फलश्रुति के रूप में मुख्यमंत्री ने यह निर्णय किया है। मुख्यमंत्री के सचिव ने इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए कहा कि जिला स्तर की समिति-मार्केट शुरू करने के तमाम आयोजनों को सुनिश्चित करने के बाद तारीख तय कर मार्केट यार्ड चालू किए जाएंगे। अश्विनी कुमार ने कहा कि बाजार समिति को खरीदी की प्रक्रिया के लिए पहले से ही किसानों का रजिस्ट्रेशन कराना होगा और उसके बाद तारीख और दिन के अनुसार निर्धारित संख्या में किसानों को मार्केट यार्ड में बिक्री के लिए बुलाने की व्यवस्था की गई है। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि संबंधित बाजार समिति द्वारा तय की गई संख्या के अनुसार किसानों का चयन पूरी पारदर्शिता से हो। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने बाजार समितियों में भीड़भाड़ से बचने और सोशल डिस्टेंसिंग यानी सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए समुचित इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। इसके अंतर्गत बाजार समितियां अपने क्षेत्र के मुख्य जिंसों की पहचान कर संबंधित जिंस के हिसाब से दिन और वार निर्धारित करेगी और किसान वही जिंस लेकर बाजार समिति में आएगा और सार्वजनिक नीलामी के जरिए उसकी बिक्री होगी। उन्होंने कहा कि किसानों की रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया के बाद तय की गई तारीख और समय पर किसान अपने उत्पादन का सेम्पल लेकर मार्केट यार्ड में आएं। इन खेत उत्पादनों की कीमत तय होने के बाद व्यापारी किसान के खेत पर या परस्पर सहमति के अनुसार गोदाम या फैक्टरी पर संबंधित खेत उत्पादन पहुंचाने की व्यवस्था करनी होगी। यदि किसान अपने वाहन में खेत उत्पादन लेकर मार्केट यार्ड में आता है तो सोशल डिस्टेंसिंग की पालना के लिए वह अपने वाहन में ही रहे और व्यापारी क्रमानुसार आकर नीलामी से उत्पादन की खरीदी करें, इस तरह की व्यवस्थाएं अपनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए बाजार समिति में काम करने वाले व्यापारी, कमीशन एजेंट, हमाल, तोलाट और अन्य कर्मी तथा बिक्री के लिए आनेवाले किसानों की पूर्ण सेनेटाइजिंग, मास्क, ग्लोब्स आदि की पर्याप्त व्यवस्था करने के साथ-साथ सभी व्यक्तियों की डिजिटल इंफ्रारेड टेंपरेचर गन से स्वास्थ्य जांच करने के स्पष्ट निर्देश मार्केट यार्ड-बाजार समितियों को राज्य सरकार ने दिए हैं। मुख्यमंत्री के सचिव ने कहा कि अनाज-मार्केट यार्ड और सब यार्ड में प्रवेश करने वाला प्रत्येक व्यक्ति सेनेटाइजर का उपयोग करने के बाद ही प्रवेश करे तथा अनिवार्य रूप से मास्क पहने यह सुनिश्चित करने की जवाबदारी भी मार्केट यार्ड की रहेगी। यह भी ताकीद की गई है कि राज्य के जिस मार्केट यार्ड में सब्जी और अनाज बाजार एक ही स्थान पर हैं, वैसे यार्ड में दोनों की खरीदी-बिक्री के लिए अलग-अलग समय निर्धारित करना होगा। इन निर्देशों का बाजार समितियों द्वारा उचित पालन हो इसकी संपूर्ण देखरेख बाजार समिति में जिला स्तर से नियुक्त किए गए अधिकारी-कर्मचारी को करनी होगा तथा जरूरत पड़ने पर स्थानीय पुलिस, राजस्व तंत्र का सहयोग प्राप्त कर सभी निर्देशों की पालना कराने की सतर्कता बरतनी होगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि जो बाजार समितियां इन निर्देशों की पालना करने में विफल होंगी उसे बंद कर दिया जाएगा। अश्विनी कुमार ने यह भी कहा कि बाजार समिति-मार्केट यार्ड में किसान अपने रजिस्ट्रेशन के बाद उसे जो समय, तारीख व दिन आवंटित किया गया है, केवल उसी दिन अपने उत्पादन की बिक्री के लिए जाए, यह वर्तमान कोरोना वायरस की स्थिति में उनके और समाज के व्यापक हित में है।

अश्विनी कुमार ने लॉकडाउन के 21वें दिन राज्य में जीवन आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और उपलब्धता की जानकारी भी मीडिया को दी। जिसके मुताबिक राज्य में मंगलवार को 45.88 लाख लीटर दूध का वितरण और 58,599 क्विंटल सब्जी तथा 10,090 क्विंटल फलों की आवक हुई है। राज्य में बेसहारा, बुजुर्ग, असहाय और जरूरतमंद व्यक्तियों को दो वक्त का भोजन उपलब्ध कराने के अंतर्गत 1 करोड़ 19 लाख फूड पैकेट का वितरण हुआ है और सोमवार के एक ही दिन में ऐसे 8 लाख 41 हजार फूड पैकेट वितरित किए गए हैं। PLC.

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