Monday, October 14th, 2019
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मायावती ने मंत्रिमण्डल में एक से बढ़कर एक दागी मंत्री को भर्ती कर उन्होने अपने लूट और वसूली के धंधे को चार साल तक खूब परवान चढ़ाया - सपा

आई.एन.वी.सी,, लखनऊ,, समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चैधरी ने कहा है कि मुख्यमंत्री “फिसल गए तो हर गंगा“ वाली कहावत चरितार्थ कर रही है। अपने मंत्रिमण्डल में एक से बढ़कर एक दागी मंत्री को भर्ती कर उन्होने अपने लूट और वसूली के धंधे को चार साल तक खूब परवान चढ़ाया। जब इनके कारनामे उजागर होने लगे, त्रस्त जनता ने हाईकोर्ट और लोकायुक्त तक अपनी शिकायतें पहुॅचाई और जांच में मंत्रियों की लूट और झूठ की परत दर परत खुलने लगी तो अपने को पाक साफ जताने में मुख्यमंत्री उन्हें बर्खास्त करने या उनसे इस्तीफा मांगने का नाटक करने लगी है। इससे पहले उन्होने सब जानते हुए भी भ्रष्ट मंत्रियों को पूरा संरक्षण दिया है। इसलिए समाजवादी पार्टी की मांग है कि भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी राज्य की इस पूरी बसपा सरकार को ही बर्खास्त किया जाना चाहिए। लोकायुक्त की जांच में श्री राजेश त्रिपाठी, श्री अवधपाल सिंह और श्री रंगनाथ मिश्र तीन मंत्रियों को अवैध रूप से भूमि कब्जाने, आय से अधिक सम्पत्ति बटोरने और सत्ता के दुरूपयेाग का दोषी पाया गया। इनके कारनामों से परिचित होते हुए भी मुख्यमंत्री इन्हें  अब तक पनाह दिए रही।  वे जानती है कि दो चार दिन में श्रममंत्री श्री बादशाह सिंह के भी काले कारनामों का चिट्ठा लोकायुक्त सामने लाने वाले है, इसलिए उन्होने मिश्रा जी के साथ श्री बादशाह सिंह की बर्खास्तगी भी दिखा दी है। वैसे वे सीएमओ हत्याकाण्ड और स्वास्थ्य मिशन घोटाले मंे फंसे श्री बाबू सिंह कुशवाहा एवं श्री अनन्त मिश्र से सीबीआई जांच में भांडा फूटने तक केवल इस्तीफा लेकर बैठ गई हैं क्योंकि उनकी जांच की आंच से मुख्यमंत्री कार्यालय तक प्रभावित हुए बिना नहीं रहेगा। अगर रिकार्ड देखा जाए तो मुख्यमंत्री जिन जिन को क्लीनचिट देती रही है, वे सब बाद में दोषसिद्ध अपराधी पाए गए हैं। उनके आधा दर्जन से ऊपर विधायक/मंत्री बलात्कार, लूट, अपहरण आदि काण्डों में फंसे है और जेल की हवा खा रहे है। कुछ उनकी कृपा से बाहर है पर वे भी कब तक न्याय की जंजीरो में जकड़े जाने से बचे रहेगें? सच तो यह है कि मुख्यमंत्री स्वयं लुटेरों की सरकार की सरगना हैं।  मंत्री उनके वर्क एजेन्ट हैं। विभागीय बजट में मुख्यमंत्री का कमीशन तय रहता है। जितने घोटाले हुए हैं सबका निर्देशन मुख्यमंत्री कार्यालय से हुआ है। बसपा पार्टी और सरकार  दोनों ही भ्रष्टाचारियों, लात्कारियों और दबंग भूमाफियाओं से भरी हुई है। इसलिए प्रदेश हित में, जनहित में और लोकतंत्र की रक्षा में प्रदेश के पूरे मंत्रिमण्डल को तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए।

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Users Comment

adam, says on December 9, 2011, 4:59 PM

:?... sps :neutral:...

roland, says on December 9, 2011, 11:07 AM

:?... thanks :D...

ted, says on December 9, 2011, 9:54 AM

:neutral:... good :smile:...