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Monday, November 30th, 2020

मायावती को डा0 भीमराव अम्बेडकर का नाम लेने का भी अधिकार नहीं है : राजेन्द्र चौधरी

राजेन्द्र चौधरीअंजू अग्निहोत्री,
आई एन वी सी,
लखनऊ,
समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता श्री राजेन्द्र चौधरी ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में विकास की गति में अवरोधक की भूमिका में बसपा, कांग्रेस और भाजपा जनविरोधी गतिविधियों में उतर आए हैं। इन सबने एक सुर में समाजवादी पार्टी सरकार का विरोध शुरू कर दिया है। दरअसल इन सभी दलों की चिन्ता यह है कि मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव के विकास एजेण्डा से इनके प्रति जनता में अविश्वास बढ़ रहा है। लोग इनकी नीतियों से ऊब गए हैं और समाजवादी पार्टी के लिए दिन प्रतिदिन उनका रूझान बढ़ रहा है।
          बसपा की पूर्व मुख्यमंत्री की संवेदनहीनता को प्रदेश की जनता ने पांच सालों तक झेला है। उनको मुजफ्फरनगर और शामली में कैम्पों मेें रह रहे बच्चो की याद अब आई है। उनकी इस दिखाऊ सहानुभूति का कोई असर नहीं होने वाला है क्योंकि सब जानते हैं कि अपने कार्यकाल में उन्होने किसी दलित को अपने पास नहीं फटकने दिया। वे ऐसे पांच लोगों का नाम भी नहीं बता सकती है जिनके दुःखदर्द में वे शामिल हुई हों। वे तो समाजवादी पार्टी सरकार से उसके सत्ता में आने के पहले दिन से ही नाराज हैं और हर 15-20 दिनो में अपनी रूटीन प्रेसवार्ता में वे पुराने लिखे हुए पन्ने पढ़ने लगती है। वे समझती हैं कि जनता इनके झांसे में आ जाएगी।
          सच तो यह है कि सुश्री मायावती को डा0 भीमराव अम्बेडकर का नाम लेने का भी अधिकार नहीं है। डा0 अम्बेडकर के विचारों से उल्टे वे दलितों को बरगलाने और सत्ता के लिए उनके सभी सिद्धांतों से समझौता करने की माहिर है। डा0 अम्बेडकर तो समाजवादी नेता डा0 राम मनोहर लोहिया से मिलकर सामाजिक क्रांति की दिशा में राजनीति का रूख मोड़ने की कोशिश में ही थे।  बसपा अध्यक्ष को सिर्फ अपनी मूर्तियों की स्थापना करने और पत्थरों से दोनों हाथों से कमीशन बटोरने का ही काम रह गया था।
          बसपा के भ्रष्टाचार को बढ़ाने में कांग्रेस और भाजपा की साझेदारी रही है। प्रदेश को खोखला करने और बदनाम करने का काम बसपा शासन के पांच वर्षो में किया गया। भाजपा ने सांप्रदायिकता का जहर फैलाया। बाबरी मस्जिद ध्वंस कर संविधान के साथ खिलवाड़ किया। कांग्रेस ने शिलान्यास और मस्जिद में मूर्ति पूजा कराने में सहयोग किया। राष्ट्र की एकता और सामाजिक सामंजस्य को नष्ट करने की इस साजिश में कांग्रेस भाजपा और बसपा तीनों का गठजोड़ रहा है।
          समाजवादी पार्टी ने बसपा के कुशासन  की खिलाफत की, कांग्रेस की यथास्थिति नीतियों का विरोध किया और भाजपा की संाप्रदायिकता को उसकी सीमाओं में कैद करने का साहस दिखाया है। श्री मुलायम सिंह यादव लगातार साम्प्रदायिकता ताकतों को चुनौती देते रहे है। अल्पसंख्यकों की आस्था को बचाए रखने का काम उन्होने किया है। समाजवादी पार्टी की सरकार सभी के हित की योजनाएं चला रही है और समाज के पिछड़े, कमजोर और वंचित तबको के लिए सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ रही है।

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