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Sunday, November 1st, 2020

मानव कल्याण के लिए उपयोगी शोध करें छात्र

अहमदाबाद | मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में शोध करने वाले पीएचडी के युवा छात्रों को अपने नवोन्मेषी शोध से ‘राष्ट्र प्रथम’ का भाव जगाकर मानवजाति के कल्याण और विश्व के लिए उपयोगी शोध करने का प्रेरक आह्वान किया है। रूपाणी मंगलवार को गांधीनगर में राज्य के उच्च शिक्षा विभाग की शोध (स्कीम ऑफ डेवलपिंग हाई क्वालिटी रिसर्च) योजना के अंतर्गत राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में पीएचडी कोर्स में गुणवत्तायुक्त संशोधन करने वाले 753 छात्रों को बतौर छात्रवृत्ति (स्टाइपेंड) कुल 3 करोड़ 38 लाख रुपए सीधे उनके बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिए हस्तांतरित करने के अवसर पर आयोजित वेबिनार को संबोधित कर रहे थे।

इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करने वाली दवाई सहित कई अन्य क्षेत्रों में आज की युवा पीढ़ी अपने संशोधनों के जरिए नेतृत्व कर गरीब, वंचित, पीड़ित और हाशिये के व्यक्ति को खड़ा होने का आधार देकर जगत के कल्याण का ध्येय साकार करे यह समय की मांग है। शोध योजना के अंतर्गत राज्य के विश्वविद्यालयों में पीएचडी के शोधार्थियों को दो वर्ष तक मासिक 15 हजार रुपए की छात्रवृत्ति और आनुषंगिक खर्च के लिए वार्षिक 20 हजार रुपए मिलाकर कुल 2 लाख रुपए वार्षिक की सहायता राज्य सरकार प्रदान करती है। रूपाणी ने विश्वास जताया कि शोध योजना के परिणामस्वरूप आगामी समय में गुजरात के विश्वविद्यालय पूरी दुनिया के लिए शोध-संशोधन के क्षेत्र में मील का पत्थर बने उस दिशा में राज्य सरकार और शिक्षा विभाग प्रभावी रूप से आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने इन युवाओं से आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री की संकल्पना के नये भारत को साकार करने में अपने शोध को दुनिया के समक्ष प्रस्तुत कर भारत को विश्व के शक्तिशाली राष्ट्रों की पंक्ति में खड़ा करने में योगदान दें। उन्होंने शोध योजना का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा व शोध के अभ्यास में छात्रों को अनुकूल वातावरण मिले और अभ्यास-शोध के लिए खर्च की चिंता किए बगैर पूरी लगन के साथ ऐसे होनहार छात्र सफलतापूर्वक शोध कर राज्य का नाम रोशन करें ऐसी हमारी अभिलाषा है। ऐसी होनहार युवा छात्रशक्ति को राज्य का गौरव करार देते हुए श्री रूपाणी ने कहा कि आपके शोध व नवोन्मेषी अनुसंधान से असंभव को संभव कर विश्व के कल्याण का नया निर्माण गुजरात की धरती पर हो उस तरीके से आप आगे बढ़ें, सरकार हमेशा आपके समर्थन में खड़ी है। वेबिनार में उपस्थित शिक्षा मंत्री भूपेन्द्रसिंह चुड़ास्मा ने कहा कि छात्रों का शोध कार्य सामान्य नहीं बल्कि उच्च गुणवत्ता का है इसलिए आज राज्य सरकार उनकी उत्कृष्टता को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे शोध सिर्फ शिक्षा परक या शिक्षा तक सीमित रहने के बजाये जीवन की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए होने चाहिए। शिक्षा मंत्री ने कोरोना संक्रमण काल में फिजीकल से डिजिटल माध्यम के द्वारा छात्रवृत्ति वितरण के इस वेबिनार को एक नया विचार करार दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री युवाशक्ति के विचारों और नई शोध दृष्टिकोण को पुरस्कृत करने के प्रखर हिमायती रहे हैं। मुख्यमंत्री की प्रेरणा से 2017 में शुरू हुई स्टूडेंट स्टार्टअप पॉलिसी में गुजरात आज देश में आगे है। शिक्षा विभाग की प्रधान सचिव अंजू शर्मा ने कहा कि सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों में राज्य के युवा छात्र शोध योजना का व्यापक लाभ हासिल कर रहे हैं। सर्वाधिक 151 पीएचडी छात्र गुजरात विश्वविद्यालय में हैं। कुल मिलाकर राज्य के 34 विश्वविद्यालयों में से शोध योजना के  लिए छात्रों का चयन किया गया है। छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले प्रतिभा संपन्न छात्र कुमारी पलक और शिवांगी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए खुशी जतायी कि राज्य सरकार की इस सहायता योजना से उन्हें पीएचडी पूर्ण करने में आर्थिक सहारा मिला है। वेबिनार में शिक्षा राज्य मंत्री विभावरीबेन दवे, मुख्यमंत्री के सचिव अश्विनी कुमार गांधीनगर से जबकि राज्य के विभिन्न महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के प्राध्यापक और प्राचार्य फैकल्टी एवं बड़ी संख्या में छात्र वेब कनेक्ट से इस वेबिनार में जुड़े।

 

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