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Saturday, September 26th, 2020

महिलाओं की भूमिका प्रत्येक क्षेत्र में बढ़ी

आई एन वी सी न्यूज़
पटना,
मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र स्थित ज्ञान भवन में आई0एम0जी0-आई0ए0बी0एस0ई0 एवं बी0आर0पी0एन0एन0एल0 द्वारा ‘‘मेजर ब्रिजेज इन बिहार, इनोवेषन एण्ड चैलेंजेज’’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आई0एम0जी0-आई0ए0बी0एस0ई0 एवं बी0आर0पी0एन0एन0एल0 को इस बात के लिए बधाई देता हूॅ कि यहां इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। पुलों के निर्माण, तकनीक, गुणवत्ता संबंधी विभिन्न बिंदुओं पर इसमें चर्चा होगी और तत्पश्चात नई बातें सामने आएंगी जिसका लाभ हम सबको मिलेगा। उन्होंने कहा कि यहां बाहर से भी विशेषज्ञ आए हुए हैं लेकिन उनमें महिलाओं की संख्या कम दिख रही है। महिलाओं की भूमिका प्रत्येक क्षेत्र में बढ़ी है। यहां भी अगर महिलाओं की संख्या बढ़ेगी तो उनके निर्देशन में पुल और बेहतर बनेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंडियन नेशनल ग्रुप (आई0एन0जी0) के इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर ब्रिज एंड स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग (आई0ए0बी0एस0ई0) की स्थापना 1957 में हुई थी। यह देश एवं दुनिया में निर्माण कार्य पर चर्चा और अध्ययन करता है। इसको लेकर एक पत्रिका का भी प्रकाशन किया जाता है। जिससे लोगों को कई अहम जानकारियां मिलती हैं। कार्यशाला का विषय ‘‘मेजर ब्रिजेज इन बिहार, इनोवेशन एंड चैलेंजेज’’ रखा गया है, जिसमें चर्चा के दौरान कई नई बातें सामने आएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य के किसी भी क्षेत्र से राजधानी पटना पांच घंटे में पहुंचने के लक्ष्य पर काम किया जा रहा है, इसके लिए कई नए पुल-पुलियों एवं पथों का निर्माण कराया जा रहा है। पर्यावरण में परिवर्तन होने से वर्षा की अनिश्चितता और अनिरंतरता से भी समस्याएं पैदा हो रही हैं। बिहार बाढ़ प्रभावित राज्य रहा है  जिसकी  मुख्य  वजह  नेपाल  में  भारी  वर्षा  का होना  है।  वर्ष  2017  में  ‘‘फ्लैश  फ्लड’’  की  स्थिति उत्पन्न हुयी थी, जिसके  कारण  राज्य की सड़कों  के साथ-साथ  राष्ट्रीय राजमार्ग  के पुल एवं सड़क भी क्षतिग्रस्त हुए थे।  इस विषय पर भी चर्चा होनी  चाहिए कि  बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में होने वाले निर्माण कार्यों में कैसे बेहतर तकनीक का प्रयोग किया जाय। उन्होंने कहा कि पुलों का निर्माण ऐसा हो कि नदियों के प्रवाह में अवरोध न हो। कोसी, गंडक, सोन, गंगा एवं अन्य नदियों पर पुलों का निर्माण बेहतर तकनीक के आधार पर कराया जा रहा है। गंगा नदी पर जे0पी0 सेतु के समानान्तर और गांधी सेतु के समानांतर केंद्र के द्वारा पुलों का निर्माण कराया जा रहा है। गांधी सेतु के पूर्वी तरफ राज्य सरकार के द्वारा गंगा नदी पर एक और पुल का निर्माण कराया जा रहा है। देश के प्रथम प्रधानमंत्री ने गंगा नदी पर बने राजेंद्र  सेतु का उद्घाटन किया था, बचपन में मुझे पहली बार इसे करीब से देखने का मौका मिला था। केंद्र सरकार द्वारा इसके समानान्तर भी एक पुल का निर्माण कराया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा आरा-छपरा को जोड़ने वाले वीर कुंवर सिंह पुल का निर्माण पूर्ण हो गया है। सुल्तानगंज के पास भी गंगा नदी पर पुल का निर्माण कार्य किया जा रहा है। राज्य में एक्सट्रा केबल ब्रिज का भी निर्माण कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने  कहा कि बिहार  राज्य  पुल  निर्माण  निगम लिमिटेड अच्छा काम  कर रहा है। वर्ष 2005-06 में बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटे ड (बी0आर0पी0एन0एन0एल0) का टर्न ओवर 57  करोड़ 39 लाख रूपये था,  वहीं वर्ष 2018-19 में यह  28 गुणा बढ़कर 1600 करोड़  रुपए  हो गया है। वर्ष  2005  से  2019 तक  इसके द्वारा 2160 योजनाओं का सफलतापूर्वक निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है और विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य प्रगति की स्थिति में है। राज्य की अन्य एजेंसियों द्वारा भी निर्माण कार्य को बेहतर ढंग से किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा मानना है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता बेहतर होनी चाहिए, निर्माण कार्य समय पर होना चाहिए और उसका रखरखाव भी होना चाहिए। हमारे इंजीनियर इन चीजों पर ध्यान रखते हुए बेहतर ढंग से काम कर रहे हैं। हमलोगों ने सड़कों के निर्माण के लिए मेंटेनेंस पॉलिसी बनायी है।  राज्य की  सभी सड़कें स्टेट हाईवे, डिस्ट्रिक्ट  मेजर  रोड  एवं  ग्रामीण  सड़कों  का  निर्माण  कार्य  बेहतर  ढंग से हो  रहा  है।  साथ  ही  उसका रखरखाव भी बेहतर  होना  चाहिए,  इसके  लिए  इस पॉलिसी को लाया गया  है।

ओ0पी0आर0एम0सी0 (आउटपुट एंड परफॉर्मेंस बेस्ड रोड एसेट्स मेंटेनेंस कॉन्ट्रेक्ट) को 5 वर्ष से बढ़ाकर 7 वर्ष किया गया है। उन्होंने कहा कि लोक शिकायत निवारण अधिकार कानून जो यहॉ लागू है, उसमें एक निश्चित समय अवधि के अंतर्गत लोगों की समस्याओं की सुनवाई और समाधान होता है। अब तक साढ़े चार लाख से ज्यादा शिकायतों का निपटारा किया गया है। रोड मेंटेनेंस को भी लोक शिकायत निवारण अधिकार कानून के दायरे में लाया गया है। अब यह जनता को अधिकार होगा कि सड़कों की गुणवता की शिकायत कर सकते हैं और उनकी षिकायतों का एक निष्चित समय अवधि में निराकरण होगा। उन्होंने कहा कि जब भी हम  सड़क  मार्ग  से  भ्रमण  करते  हैं तो सड़कों की  स्थिति के  बारे में वहीं से  अधिकारियों से चर्चा कर उसके रखरखाव का निर्देश देते हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों की तरह ही पुलों का भी रखरखाव जरुरी है। इसके लिए ब्रिज मेंटेंनेंस पॉलिसी बनायी जा रही है। मुख्यमंत्री  ने  कहा  कि  राज्य  का  क्षेत्रफल  लगभग  94  हजार  वर्ग  कि0मी0  है  और  12 करोड़ की आबादी है। यहां जमीन अधिग्रहण में काफी दिक्कतें आती हैं। हमलोगों ने सड़कों  के  ऊपर  भी  एलिवेटेड  सड़क का  निर्माण  कराया  है।  नेहरु पथ पर पौने  तीन कि0मी0 एलिवेटेड  सड़क  का  निर्माण कराया  गया  है।  दानापुर  से  बिहटा  तक  17-18 कि0मी0 एलिवेटेड  सड़क  का  निर्माण  कराया  जाना  है।  बिहार  के  छपरा में  देश  के  सबसे  बड़े  डबल डेकर  फ्लाई  ओवर  का  निर्माण किया  जा  रहा  है।  दीघा  से  सोनपुर  पुल  (जे0पी0 सेतु) का एप्रोच्च  रोड  एलिवेटेड  बनाया  जा  रहा  है।  एलिवेटेड  सड़क  भी  ब्रिज  के  समान होती है। विशेषज्ञों द्वारा उस पर भी चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि वर्कशॉप में इन  बिंदुओं  पर  भी  चर्चा  होगी और  हमलोग जो  आगे  प्रोजेक्ट बनाएंगे, उसमें  इन पर गौर करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रिज मेंटेनेंस सिस्टम को विकसित किया जाए। जितने पुल हैं उनका सेफ्टी ऑडिट कराया जाए। पुलों का मेंटेनेंस प्रोटोकॉल बनाना होगा। पुल प्रबंधन प्रणाली को विकसित कर उसमें रुटीन इंस्पेक्शन का प्रावधान हो। सभी पुलों का हेल्थ रिकॉर्ड रखना होगा, पुलों का हेल्थ कार्ड बनाना होगा। नदियों पर बने बड़े पुलों का अंडर वाटर इंस्पेक्शन हो। इन सभी चीजों को देखने के लिए एक डेडिकेट विंग का निर्माण कराया जाए। ब्रिज मेंटेनेंस पॉलिसी के लिए सभी अभियंताओं का प्रशिक्षण ठीक ढंग से कराया जाए और इसकी भी जांच कर लेनी होगी कि वे बेहतर ढंग से ट्रेंड हुए हैं कि नहीं। इंजीनियरों का कैपेसिटी बिल्डिंग जरुरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग गुणवत्ता आधारित, समय के दायरे में और बेहतर रखरखाव के सिद्धांत पर निर्माण कार्य कर रहे हैं लेकिन इसको और बेहतर बनाने के लिए विशेषज्ञों का सहयोग जरुरी है। आपकी राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हो रहे निर्माण कार्य के संबंध में जानकारी है, आप हमें भी इस संबंध में बता सकते हैं कि हमें और क्या-क्या करना चाहिए। आप विशिष्ट जानकारों के निर्देश से और अच्छे परिणाम सामने आएंगे। राज्य में कई बेहतर भवन बने हैं। सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र में ज्ञान भवन, बापू सभागार, सभ्यता द्वार के साथ-साथ बिहार म्यूजियम, सरदार पटेल भवन का निर्माण कार्य बेहतर ढंग से किया गया है। उन्होंने कहा कि आप विशेषज्ञों का सुझाव, सलाह एवं ज्ञान का लाभ बिहार को जरुर मिलेगा। उन्होंने कहा कि पटना की धरती पर आप सभी का स्वागत है।

मुख्यमंत्री का स्वागत पुष्प-गुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंटकर किया गया। ‘‘मेजर ब्रिजेज इन बिहार, इनोवेषन एण्ड चैलेंजेज’’ विषय पर आयोजित कार्यषाला पर आधारित एक पुस्तक का भी विमोचन मुख्यमंत्री द्वारा किया गया।

इस अवसर पर कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी, पथ निर्माण मंत्री श्री नंदकिशोर यादव, पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव श्री अमृत लाल मीणा, आई0एम0जी0-आई0ए0बी0एस0ई0 के अध्यक्ष सह विशेष सचिव, सड़क एवं परिवहन विभाग, भारत सरकार श्री आई0के0 पांडेय, आई0एम0जी0-आई0ए0बी0एस0ई0 के साइंटिफिक अध्यक्ष श्री ए0डी0 नारायण, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के अध्यक्ष श्री जितेंद्र श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, आई0एम0जी0- आई0ए0बी0एस0ई0 के सचिव श्री बी0के0 सिन्हा, परिवहन विभाग के सचिव श्री संजय अग्रवाल, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार सहित बिहार एवं बाहर से आये विषेषज्ञ, अभियंतागण एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।



 

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