Close X
Sunday, November 1st, 2020

महिलाएं अपने अधिकारों की रक्षा के लिए बनें स्वावलम्बी - परमिन्द्र

आदेश त्यागी , आई एन वी सी, हरियाणा,पानीपत । महिलाएं अपने अधिकारों की रक्षा के लिए स्वावलम्बी बनें क्योंकि अधिकारों के प्रति जागरूकता तथा कर्तव्यों के निर्वहन के परिणामस्वरूप ही महिला सशक्तिकरण का सपना साकार किया जा सकता है। यह बात मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिवDSCN9111ने न्यायालय भवन के सभागार में पैरा लीगल वालिंटियर के लिए प्रशिक्षण शिविर में उपस्थित प्रशिक्षुकों को संबोधित करते हुए कही। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव परमिन्द्र कौर ने कहा कि जनसाधारण को नि:शुल्क रूप से विधिक सेवाएं उपलब्ध करवाने के उददेश्य से पैरा लीगल वालिंटियर आमजन को जागरूक बनाने का कार्य करें ताकि समाज के उस हिस्से को भी कानूनी सहायता उपलब्ध हो सके जो इससे वंचित है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से पात्र लोगों को विशेष रूप से कानूनी सहायता उपलब्ध करवाई जाती है। प्राधिकरण के माध्यम से डेढ़ लाख रूपये से कम आय वाले व्यक्ति, विकलांग, विधवा, अनाथ तथा सेना में कार्यरत इत्यादि नागरिकों को नि:शुल्क रूप से कानूनी सहायता उपलब्ध करवाई जाती है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त लोगों को विभिन्न अधिनियमों व कानूनों की जानकारी के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में कानूनी जानकारी शिविरों का आयोजन भी किया जाता है। इसीलिए विषय से सम्बन्धित जानकारी देने के लिए विधि कार्यकताओं को इस प्रकार के शिविरों में आमंत्रित किया जाता है। कौर ने प्रशिक्षणार्थियों को बताया कि प्राधिकरण के अंतर्गत ही ग्रामीण लोक अदालतों का भी आयोजन किया जाता है। इन अदालतों में जटिल व लम्बित मामलों को रखकर स्थायी रूप से समाधान करके दोनों पक्षों को राहत प्रदान की जाती है। इन अदालतों में निपटारा किए गए केसों को किसी भी कोर्ट में चुनौती नहीं दी सकती। विधि कार्यकर्ताओं को इन अदालतों की उपयोगिता तथा लाभों के बारे में लोगों को अवगत करवाना चाहिए। चूंकि ग्रामीण लोक अदालतों में अधिवक्ता नि:शुल्क रूप से केसों की पैरवी करते हैं। इस अवसर पर अधिवक्ता आर.डी.सैनी व पदमा रानी के अतिरिक्त जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण कार्यालय के रीडर सतपाल सिंह भी उपस्थित थे।

Comments

CAPTCHA code

Users Comment