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Tuesday, April 20th, 2021

महाराष्ट्र बाबा बंदा सिंह बहादुर की कर्मभूमि

आई एन वी सी न्यूज़ नई दिल्ली, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी और शिरोमणि अकाली दल के जनरल सेक्रेटरी मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि महान शहीद बाबा बंदा सिंह बहादुर का बुत महाराष्ट्र के अंदर लगाया जाए। इसके लिए दोनों ही पार्टियां पूरी कोशिश करेंगी। सिरसा ने कहा कि महाराष्ट्र बाबा बंदा सिंह बहादुर की कर्मभूमि रही है। ऐसे में महाराष्ट्र सरकार के सामने इस मांग को जोरशोर से उठाया जाएगा। मीडिया में बयान जारी कर सीनियर अकाली लीडर मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि बाबा बंदा सिंह बहादुर को श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने नांदेड़ साहिब की पावन धरती से आशीर्वाद देकर मुगल राज और औरंगजेब का खात्मा करने के लिए भेजा था। सिरसा ने कहा कि यह बहुत जरूरी है कि महाराष्ट्र के लोगों को इस बात का पता चल सके कि बाबा बंदा सिंह बहादुर कौन थे। वहां के लोगों को जानना चाहिए कि शिवाजी मराठा के अलावा बाबा बंदा सिंह बहादुर ही दूसरे ऐसे योद्धा थे जिन्होंने औरंगजेब का राज खत्म किया था। शिवाजी और बंदा बहादुर के प्रयासों से ही मगुलों का राज खत्म हुआ। सिरसा ने कहा कि महाराष्ट्र के लोगों को पता चलना चाहिए कि औरंगजेब ने ही 9वें गुरु की शाहदत और दसवें गुरु के साहिबजादों की शाहदत के फरमान सुनाए थे। इस करूर शासक के खिलाफ अगर किसी ने लड़ाई लड़ी तो वह बंदा बहादुर थे या फिर शिवाजी मराठा। सिरसा ने बताया कि शिरोमणि अकाली दल के प्रेजिडेंट सरदार सुखबीर सिंह बादल की अगुवाई में यह कोशिश की जा रही है कि देश के प्रधानमंत्री और महाराष्ट्र के सीएम के सामने इस मसले को उठाया जाए। सिरसा ने कहा कि हमारी कोशिश है कि हम महाराष्ट्र के अंदर बच्चे-बच्चे को बाबा बंदा सिंग बहादुर के इतिहास को पहुंचा सकें साथ ही ऩॉर्थ इंडिया में किताबों के अंदर शिवाजी मराठा और बंदा बहादुर की बहादुरी का इतिहास सिलेबस में दर्ज किया जाए। सिरसा ने कहा कि दिल्ली के अंदर भी सरकार के साथ बात कर शिवाजी का बुत दिल्ली में लगाने की कोशिश की जाएगी। सिरसा ने कहा कि हम चाहते हैं कि देश के लोग जान सकें कि बाबा बंदा बहादुर और शिवाजी मराठा जैसे जरनैलों ने मुगलों का राज खत्म किया था। ऐसे में महाराष्ट्र के स्कूलों में दोनों की बहादुरी के किस्से और इतिहास शामिल किए जाएं इसके लिए सीएम को लेटर लिखा गया है। आखिर में सिरसा ने कहा कि हम लोग भी नॉर्थ इंडिया में पूरी कोशिश करेंगे कि शिवाजी मराठा का इतिहास किताबों में आए साथ ही उनकी एक विशाल प्रतिमा दिल्ली के अंदर स्थापित हो। सिरसा ने कहा कि एक विधायक होने के नाते वह दिल्ली सरकार के सामने इस मुद्दे को उठाएंगे कि बाबा बंदा सिंब बहादुर और शिवाजी मराठा का इतिहास किताबों के जरिए देश के लोगों तक पहुंचे। सिरसा ने कहा कि हमें दोनों योद्धाओं का इतिहास याद रखना काफी जरूरी है क्योंकि दोनों ने ही एक ऐसे अहंकारी और करूर शासक का राज जड़ से खत्म किया था।

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