Monday, December 16th, 2019

महाराष्ट्र डील के लिए अभी तैयार नहीं

मुंबई । महाराष्ट्र में सरकार बनाना अभी दूर की कौड़ी है, क्योंकि यह निर्णय अब कांग्रेस हुक्मरान का दिल्ली दरबार तय करेगा। बताया जा रहा है कि शिवसेना के साथ सरकार बनाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी अभी भी तैयार नहीं है। आज एनसीपी चीफ शरद पवार पुणे में पार्टी नेताओं से चर्चा करने वाले हैं। इसके बाद सोमवार को दिल्ली में वह कांग्रेस के बड़े नेताओं से मिलेंगे। पवार शिवसेना से गठबंधन को लेकर सोनिया गांधी को मनाने की कोशिश करेंगे। पहले उन्हें रविवार को ही दिल्ली जाना था लेकिन अब वह सोमवार को दिल्ली जाएंगे। दूसरी ओर, बीजेपी ने भी सरकार बनाने की फिर हुंकार भरी है।
सारा दारोमदार अब सोनिया पर
महाराष्ट्र में सरकार बनाने का पूरा दारोमदार अब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर है। बताया जा रहा है कि शिवसेना के साथ सरकार बनाने के लिए सोनिया गांधी अभी भी तैयार नहीं है। शरद पवार उन्हें मनाने के लिए दिल्ली में सोमवार या मंगलवार को मिल सकते हैं। कांग्रेस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पार्टी हाई कमान महाराष्ट्र के अपने नेताओं को न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर चर्चा के लिए शिवसेना के नेताओं के साथ बैठक करते देखने से खुश नहीं है। एक पार्टी सूत्र ने बताया, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अभी भी गठबंधन को मंजूरी नहीं दी है। आखिरी फैसला अभी होना है। आलाकमान ने महाराष्ट्र के कांग्रेस नेताओं से सरकार गठन के लिए शिवसेना के नेताओं से मुलाकात पर नाखुशी जाहिर कर दी है।
कुछ बिंदुओं पर कांग्रेस को ऐतराज
इसके अलावा महाराष्ट्र में शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस नेताओं की ओर से तैयार किए गए न्यूनतम साझा कार्यक्रम के कुछ बिंदुओं पर कांग्रेस के केंद्रीय नेताओं को ऐतराज है। उनसे मिलने पर पवार उन बिंदुओं पर चर्चा करेंगे। इसके बाद पवार सोनिया गांधी से मिलेंगे। सोनिया गांधी और शरद पवार की बात सफल होने पर ही शिवसेना के नेता संजय राउत और अनिल देसाई उनसे मिलेंगे। उससे पहले पवार शिवसेना प्रमुख उद्धव के साथ भी सोनिया गांधी से मुलाकात कर सकते हैं।
कल गवर्नर से मिलने का प्रोगाम भी हुआ था रद्द
शिवेसना-एनसीपी-कांग्रेस के नेताओं ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलने के लिए शनिवार की शाम का वक्त लिया था, लेकिन मुंबई में कांग्रेस का कोई नेता ही नहीं था, जिससे राज्यपाल से मिलने का कार्यक्रम शिवसेना व एनसीपी को रद्द करना पड़ा। कांग्रेस के एक सीनियर नेता ने माना कि कांग्रेस का कोई नेता मुंबई में नहीं था, इसलिए राज्यपाल से कैसे मिलते।
हम ही बनाएंगे सरकार: बीजेपी
दादर स्थित मुंबई बीजेपी प्रदेश कार्यालय में तीन दिन चली माथापच्ची के बाद पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र में सरकार तो बीजेपी की ही बनाएगी, मगर कैसे बनेगी इस पर वह मुस्कराकर टाल देते हैं। इससे पहले प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील ने भी यही दावा किया था।
शिवसेना छोड़ेगी हिंदुत्व का मुद्दा
राज्य की सत्ता की खातिर कट्टर हिंदुत्व की हिमायती शिवसेना को वीर सावरकर को भारत रत्न देने की अपनी मांग और मुस्लिमों को पांच फीसदी आरक्षण के विरोध को त्यागना पड़ सकता है। तीनों दलों के बीच न्यूनतम साझा कार्यक्रम का मसौदा तैयार किया गया। इसे मंजूरी के लिए तीनों दलों के शीर्ष नेताओं को भेजा गया है। न्यूनतम साझा कार्यक्रम 1998 में एनडीए के नेशनल एजेंडा फॉर गवर्नेंस के मॉडल पर बनाया गया है। इसके तहत तीनों दल अपने वैचारिक मुद्दों को ताक पर रखकर आगे बढ़ेंगे। उनका कहना है कि शिवसेना सावरकर, गोडसे, बांग्लादेशी घुसपैठियों और मुस्लिम आरक्षण पर रुख नरम करेगी और इन मुद्दों पर आक्रामक होने से बचेगी। PLC

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