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Friday, August 6th, 2021

मनुष्य के दुखों का कारण भौतिकवाद के प्रति मनुष्य का अत्यधिक झुकाव

invc news,harish rawatआई एन वी सी, देहरादून , गीता को अपने जीवन में अपनाकर तथा उसका अनुसरण हम अपने जीवन को सार्थक कर सकते हैं तथा समाज के लिए उच्च आदर्श स्थापित कर सकते हैं। यह उद्गार गौतम फाॅर्म कनखल, हरिद्वार में गीता महोत्सव कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री हरीश रावत ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि कुरूक्षेत्र में श्रीकृष्ण ने गीत गाया, वहीं से गीता का उद्भव माना जाता है। उन्होंने कहा कि आज हमें गीता के ज्ञान की अधिक आवश्यकता है क्योंकि वर्तमान मेें मनुष्य के दुखों का कारण भौतिकवाद के प्रति मनुष्य का अत्यधिक झुकाव है। उन्होंने कहा कि गीता में कहा गया कथन जीवन का शाश्वत सत्य है। गीता के कर्मयोग को अपनाकर अपने जीवन के साथ ही साथ समाज व देश की स्थिति भी सुधारी जा सकती है। स्वामी हरीचेतनानंद ने कहा कि पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने संतों को तीर्थ यात्रा का अवसर दिया है। मेरे बुजुर्ग मेरे तीर्थ योजना का अनुकरण अन्य राज्य भी कर रहे हैं। इस अवसर पर स्वामी चिदानंद महाराज, आचार्य कमलेश मिश्र, स्वामी मोहनदास, स्वामी धर्मदेव, पूर्व विधायक अम्बरीष कुमार, सतपाल ब्रहृमचारी, पुरूषोत्तम गांधीवादी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, मुख्यमंत्री के मीडि़या समन्वयक राजीव जैन, कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता अंशुल श्रीकुंज तथा जगदीश लाल पाहवा आदि उपस्थित थे।

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