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Friday, April 23rd, 2021

मनजिंदर सिंह सिरसा ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को लिखा पत्र - साहिबजादों के नाम पर बाल दिवस मनाने के लिए कौम को दिशा देने की अपील

आई एन वी सी न्यूज़ नई दिल्ली, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महासचिव श्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी गुरबचन सिंह को अपील की कि गुरु गोबिंद साहिब के चारसाहिबजादों के नाम पर बाल दिवस मनाए जाने के लिए वह सिख कौम को दिशा निर्देश जारी करें। जत्थेदार साहिब को लिखे एक पत्र में मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि बाल दिवस गुरु गोबिंद साहिब के चार साहिबजादों के नाम पर मनाया जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने मानवता के लिए जोकुर्बानी दी है, उसका उदाहरण पूरी दुनियां में नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि साहिबजादों के नाम पर बाल दिवस किस तिथि को मनाया जाना चाहिए वह इस बारे में सिख कौम को दिशा निर्देश जारीकरें ताकि सिख संगठन अपने अपने स्तर पर सरकार से बात करके इस बारे में फैसला लागू करवा सकें। उन्होंने कहा कि इस समय भारत में केवल दो फीसदी लोग ही यह जानते हैं कि गुरु गोबिंदसिंह साहिब के छोटे साहिबजादों ने देश के लिए कितनी बड़ी कुर्बानी दी है। उन्होंने कहा कि एक छात्र को उसके स्कूल समय दौरान 12 बार बाल दिवस मनाने का अवसर प्राप्त होता है और सारी उम्रउसके मन में यह छबी बनी रहती है कि बाल दिवस कब मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि अगर भारत में छोटे साहिबजादों के नाम पर बाल दिवस मनाने की शुरुआत हो जाए तो पंजाब के बाहरसिक्किम, मणिपुर, नागालैंड, तामिलनाडू, केरल, महाराष्ट्र व अन्य राज्यों में भी विद्यार्थियों को इस बात की जानकारी मिल जाएगी कि छोटी सी उम्र में साहिबजादों ने मुगल शासकों का किस तरीकेसे विरोध किया व मानवता के लिए अपना बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह बाल दिवस मनाने की शुरुआत हो गई तो देश के 125 करोड़ लोगों को साहिबजादों की कुर्बानी की जानकारीमिल जाएगी जो नई पीढ़ी को बताना जरूरी है। श्री सिरसा ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 20 नवंबर को अंतर्राष्ट्रीय बाल दिवस मनाया जाता है, जबकि भारत में यह 14 नवंबर को मनाया जाता है। इसलिए यह तय करने की जरूरत है कि चारसाहिबजादों के नाम पर बाल दिवस किस तिथि को मनाया जाए। उन्होंने कहा कि जब अकाल तख्त साहिब से इस बारे में दिशा निर्देश प्राप्त होंगे तो सारे सिख संगठन केंद्र सरकार के पास अपनेअपने स्तर पर पहुंच करके इस प्रस्ताव को मनवाने के लिए प्रयत्न कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह साहिब के साहिबजादों की कुर्बानी अपनेआप में बहुत बड़ा इतिहास है और किसी भी देश में कोई भी दिवस हमेशा देश के लिए कुछ बड़ा करने वालों की याद मेंमनाए जाने चाहिए। इसलिए अब उपयुक्त समय है कि भारत में यह बाल दिवस साहिबजादों के नाम पर मनाने की शुरुआत हो। उन्होंने कहा कि अगर देश में एसा होता है तो फिर अंतर्राष्ट्रीय स्तरपर ऐसी ही व्यवस्था के लिए प्रयत्न किए जा सकते हैं।

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