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Friday, April 23rd, 2021

मनजिंदर सिंह सिरसा ने केजरीवाल पर लगाऐ उनके संवैधानिक अधिकारों पर डाका मारने के आरोप

आई एन वी सी न्यूज़ नई दिल्ली, शिरोमणी अकाली दल-भाजपा विधायक श्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने मुख्य मंत्री श्री अरविन्द केजरीवाल पर विधानसभा में जनतक मुद्दे उठाने के उनके संवैधानिक अधिकार परडाका मारने के आरोप लगाऐ हैं और कहा है कि यह बहुत ही निंदनीय है कि एक चुने हुए विधायक को लोगों के काम करवाने के लिए अदालतों तक पहुंच करनी पड़ रही है। मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में श्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि यह बहुत ही दुखदाई है कि चुने हुए प्रतिनिधि के तौर पर उनके जायज अधिकारों को अनदेखा किया जा रहाहै और उन की तरफ से अलग अलग अहम मुद्दों पर लिखे पत्रों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि उन को दिल्ली में हुक्का बारों पर पाबंदी समेत कई अहम मुद्दे दिल्लीविधानसभा में उठाने ही नहीं दिए गए और उन की तरफ से दिल्ली विधानसभा के नियम 54 के अंतर्गत सदन में विचार विमर्श के लिए 4अक्तूबर, 9 अक्तूबर और फिर 10अक्तूबर को दिए नोटिस भी रद्द कर दिए गए। उन्होंने अफसोस जाहिर किया कि दूसरी तरफ गैर जरूरी मुद्दे विधानसभा में विचारे जा रहे हैं जिन का दिल्ली के साथ कोई सरोकार नहीं है जैसे कि ई.वी.एम. और अन्य मामलोंपर विशेष सैशन बुलाऐ गए। श्री सिरसा ने कहा कि जब उन को दिल्ली सरकार से कोई जवाब नहीं मिला तो उन को मजबूर हो कर दिल्ली में हुक्का बारों पर पाबंदी के लिए अदालत की शरण में जाना पड़ाऔर उन्होंने इस संबंध में दिल्ली के उप राज्यपाल के पास भी पहुंच की। उन्होंने ओर कहा कि दिल्ली के एम पी और केंद्रीय मंत्री श्री हर्ष वर्धन ने भी मामला दिल्ली के उपराज्यपाल और केंद्रीय सेहत मंत्री के पास उठाया। इस पर कार्यवाही करते 23 मई 2017 को सेहत मंत्रालय भारत सरकार ने दिल्ली में हुक्का बारज़ पर पाबंदी लगा दी। उन्होंनेकहा कि 17 जुलाई 2017 को उन्होंने उप राज्यपाल के साथ मुलाकात कर कर यह हुक्म लागू करवाने की विनती की जिन्होंने स्टेट बैंको कंट्रोल विभाग को हिदायत की और 21जुलाई 2017 को दिल्ली में हुक्का बारों पर पाबंदी के हुक्म जारी हो गए। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं बल्कि उन्होंने अपनी टीम को साथ ले कर दिल्ली के उप राज्यपाल केहुक्मों पर जारी हुए नए हुक्मों की कापी खुद बार मालिकों को सौंपी और यह कापियां दिल्ली के एस.एच.ओ. को भी सौंपी गई जिससे हुक्म लागू करवाए जा सकें और भारतसरकार के हुक्मों अनुसार दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी में हुक्का बार बंद किए जा सकें। श्री सिरसा ने कहा कि यह बहुत ही शर्म वाली बात है कि मामले की गंभीरता और हुक्कों के बुरे प्रभाव से अवगत होने के बावजूद भी दिल्ली सरकार ने इसको नहीं रोका। उन्होंनेकहा कि आप सरकार के लिए इस से शर्मनाक क्या हो सकता है कि जब हुक्के पर पाबंदी लग गई तो सेहत मंत्री सतेंदर कुमार जैन ने 31 अक्तूबर को गलत और झूठे बयानदेकर यह साबित करन का प्रयत्न किया कि  यह उनके संजीदा प्रयत्न थे जिसकी वजह से दिल्ली सरकार ने दिल्ली में हुक्का बारों पर पाबंदी लगाई। उन्होंने कहा कि मीडिया मेंखबरें लगवाने के बाद उन्होंने फिर चुप्पी धार ली और अब भी दिल्ली सरकार की शह पर दिल्ली के कुछ बारों में हुक्का उपलब्ध हो रहा है और दिल्ली सरकार कोई कार्रवाई नहींकर रही। अकाली नेता ने कहा कि उन की तरफ से दायर की पटीशन पर एन.जी.टी. द्वारा कई बार याद करवाने के बावजूद भी सेहत मंत्रालय ने दिल्ली में हुक्का बारों पर पाबंदी के मामलेपर दिल्ली सरकार का जवाब नहीं पेश किया। उन्होंने कहा कि यह दिल्ली सरकार की नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी बनती है कि वह तेजी के साथ कार्रवाई करे परन्तु इस में वहबुरी तरह असफल साबित हुई है और भारत सरकार के हुक्म नहीं मान रही और बार-बार समय मांग रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि इस मामले में अब 12 दिसंबर कोसुनवाई होनी है, इस लिए वह भारत सरकार के फैसले पर अपनी रिपोर्ट पेश करने की है

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