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भोपाल,
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों की सारी मुसीबतों का समाधान है। उन्होंने कहा कि सरकार की किसान हितैषी नीतियों और किसानों की मेहनत से वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का प्रयास किया जायेगा। श्री मोदी भोपाल से 38 किलोमीटर दूर सीहोर जिले के ग्राम शेरपुर में किसान महासम्मेलन में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का शुभारंभ करने के बाद संबोधित कर रहे थे। श्री मोदी ने नई फसल बीमा योजना की मार्गदर्शी पुस्तिका का लोकार्पण किया।

प्रधानमंत्री ने प्रदेश भर से लाखों की संख्या में श्री मोदी का अभिनन्दन करने आये किसानों का आव्हान किया अधिक से अधिक नई फसल बीमा योजना से जुड़ें। देश के इतिहास में पहली बार किसानों की भलाई के लिये इतनी बड़ी योजना बनायी गई है। यदि किसान इस योजना से जुड़ गये तो कोई भी प्राकृतिक आपदा डरा नहीं पायेगी।

मध्यप्रदेश की जमकर सराहना

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश के किसानों ने अपने परिश्रम और सूझ-बूझ से प्रदेश सरकार से मिलकर कृषि क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा है। मध्यप्रदेश को कृषि में देश में सिरमौर बनाया गया है। लगातार चार वर्ष तक मध्यप्रदेश को कृषि कर्मण अवार्ड मिलना बड़ी बात है। देश के आर्थिक विकास में मध्यप्रदेश के कृषि जगत का महत्वपूर्ण योगदान है। दो वर्ष तक वर्षा की स्थिति ठीक नहीं होने के बाद भी किसानों ने उत्पादन में कमी नहीं आने दी। विपरीत परिस्थितियों में यह उपलब्धि किसानों के अहर्निश पुरुषार्थ का परिणाम है।

श्री मोदी ने मध्यप्रदेश के कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों को देखते हुए नई फसल बीमा योजना का प्रदेश से शुभारंभ करने को उचित बताते हुए कहा कि पुरानी फसल बीमा योजना के बारे में किसानों के मन में कई आशंकाएँ थीं। इसलिये ऐसी फसल बीमा योजना बनायी गई है, जिसमें किसानों की सारी मुसीबतों का समाधान है। इसमें रबी के लिये डेढ़ प्रतिशत और खरीफ के लिये 2 प्रतिशत से ज्यादा प्रीमियम नहीं होगा। जबकि पुरानी फसल बीमा योजना में प्रीमियम 12 से 14 प्रतिशत था। नई फसल बीमा योजना में किसानों के भुगतान पर कोई अधिकतम सीमा तय नहीं की गई है। साथ ही गाँव के एक भी किसान का नुकसान हुआ तो उसे फसल बीमा का लाभ मिलेगा। पुरानी फसल बीमा योजना में बीज बोने के बाद ही बीमा होता था। नई योजना में बारिश नहीं होने के कारण बोनी नहीं कर पाने पर भी किसानों को मदद दी जायेगी। खेत में कटी हुई फसल का नुकसान होने पर भी बीमा राशि दी जायेगी। पहले बीमा राशि स्वीकृत होने में काफी समय लगता था। अब 25 प्रतिशत राशि तत्काल दी जायेगी तथा बाकी राशि कम से कम समय में दी जायेगी। अब किसानों की फसल का एक तिहाई नुकसान होने पर भी मुआवजा दिया जायेगा। पहले 50 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान पर मुआवजा दिया जाता था। मुआवजा राशि को बढ़ाकर तीन गुना कर दिया गया है।

राष्ट्रीय कृषि बाजार 14 अप्रैल से शुरू होगा

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि किसानों और गाँवों की स्थिति में बदलाव लाना भारत सरकार की प्राथमिकता है। परम्‍परागत कृषि के साथ आधुनिक तकनीकी का उपयोग कर किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर बनायी जायेगी। आने वाले समय में डिजिटल इंडिया का फायदा किसानों को दिलवाने के लिये राष्ट्रीय कृषि बाजार का प्लेटफार्म विकसित किया जायेगा। इसमें देश की साढ़े पाँच सौ से अधिक मंडियों को नेटवर्क से जोड़ा जायेगा। राष्ट्रीय कृषि बाजार आगामी 14 अप्रैल को बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती से शुरू किया जायेगा।

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