Tuesday, July 14th, 2020

मतदान पश्चात आये एग्ज़िट पोल के नतीजोँ के मद्देनज़र कांग्रेस की उड़ी नींद वहीँ कमल का फूल कुछ और खिला

images (7)आई एन वी सी,

दिल्ली,

हाल ही में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बाद एग्जिट पोल के नतीजों में भाजपा कांग्रेस के ऊपर बढ़त बनाती नज़र आ रही है। सीवोटर/टाइम्स नाऊ, एबीपी/निल्सन, ओरजी/इंडिया टुडे एजेंसियों द्वारा करवाये गये एग्ज़िट पोल के बुधवार शाम को आए नतीजोँ को अगर मानेँ तो इन राज्यों में ये नतीजे भाजपा को सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरती हुई दिखा रहे हैं। वहीं, पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन का आकलन कर रही कांग्रेस को लोकसभा चुनावों के पहले यूपीए में एकजुटता की चिंता सताने लगी है। मतदाताओं के मूड से आशंकित पार्टी मान रही है कि इन चुनावों में बुरी हार यूपीए के बचे हुए घटक दलों को पुनर्विचार के लिए मजबूर कर सकती है। मतदान के बाद विभिन्न एजेंसियों की राय और राज्यों से मिल रहे फीडबैक ने कांग्रेस नेतृत्व को निराश किया है। हमारे सूत्रोँ के मुताबिक कांग्रेस पार्टी के एक सद्स्य ने हालांकि कहा कि छत्तीसगढ़ में उन्हें उम्मीद है। लेकिन यदि परिणाम वैसे ही रहते हैं, जैसे पोल बता रहे हैं, तो चिंता होना स्वाभाविक है। उस स्थिति में केंद्र सरकार के बचे हुए कार्यकाल का और डांवाडोल होना तय है। कांग्रेस यदि सभी जगह हार दर्ज कराती है, तो यह कहना मुश्किल है कि कृषि मंत्री शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी या अजित सिंह के राष्ट्रीय लोकदल का क्या रुख होगा। पांच राज्यों में से चार राज्यों के एग्जिट पोल नतीजों में मिल रही बढ़त से भाजपा नेताओं के चेहरे खिल गए हैं। पार्टी को उम्मीद है कि रविवार को आने वाले चुनाव परिणाम इन्हीं अनुमानों के आसपास ही रहेंगे। पार्टी नेता फिलहाल संयम बरत रहे हैं और नतीजों को जीत से जोड़ने से बच रहे हैं। चुनाव अभियान व भारी मतदान से अलग-अलग राज्यों की स्थितियों से आशंकित भाजपा को एग्जिट पोल नतीजों ने राहत दी है। खासकर छत्तीसगढ़ व दिल्ली को लेकर, जहां वह कांटे के मुकाबले में फंसी हुई थी। पार्टी के राज्यसभा में उप नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा है अभी असली परिणाम आने वाले हैं, लेकिन एग्जिट पोल के अनुमान भाजपा के प्रति लोगों का विश्वास जताते हैं। देश में महंगाई व भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों की नाराज़गी इससे ज़ाहिर होती है। भाजपा शुरू से ही चारों राज्यों में सरकार बनाने को लेकर आश्वस्त है। पुराने अनुभवों को देखते हुए भाजपा इन अनुमानों को लेकर बहुत ज्यादा उत्साह दिखाने से बच रही है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि एग्जिट अनुमान और असली नतीजों में बहुत फर्क होता है। इसलिए इनको ही सच मान लेना सही नहीं है। हालांकि असल नजीते इनसे भी बेहतर हो सकते हैं। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भाजपा के हैट्रिक लगाने को है, तो राजस्थान में कांग्रेस के हाथ से सत्ता जाने की बात की जा रही है। मिज़ोरम में कांग्रेस को तगड़ा झटका लगने के संकेत हैं। वहीं दिल्ली में भाजपा, कांग्रेस के साथ आम आदमी की पार्टी को तीसरी ताकत के तौर उभरता हुआ दिखाया गया है।

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