आई.एन.वी.सी,,

जयपुर,,

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में आज यहां  मुख्यमंत्री निवास पर हुई बैठक में मणिपाल एजूकेशन फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा संचालित मणिपाल विश्वविद्यालय, जयपुर के प्रबंधन ने प्रदेश के अधिक से अधिक से युवाओं को बीपीओ तथा आईटी के क्षेत्र में कौशल का प्रशिक्षण देते हुए उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष एवं रोजगारोन्मुखी बनाने का प्रस्ताव दिया। इस कार्य में इन्फोसिस का भी सहयोग रहेगा।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार निजी सहभागिता के आधार पर स्थापित उच्च शिक्षण संस्थानों के ऐसे प्रस्तावों पर पूरा सहयोग करेगी। श्री गहलोत ने अजमेर रोड पर ठीकरिया गांव के पास नवस्थापित मणिपाल विश्वविद्यालय के नए बैच के शुभारंभ पर बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी।

बैठक में इन्फोसिस के पूर्व निदेशक रहे व मणिपाल विश्वविद्यालय के निदेशक श्री मोहनदास पाई तथा विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर ब्रिगेडियर डॉ॰ सुरजीत पाबला ने इस बात पर मुख्यमंत्री का आभार जताया कि इसी वर्ष फरवरी माह में ट्रस्ट ने राज्य में विश्वविद्यालय स्थापित करने की मंशा व्यक्त की थी, जिसे श्री गहलोत ने तुरंत स्वीकृति देते हुए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई। इसी का नतीजा है कि मात्र 7 माह में ही आज हमने प्रथम बैच के रूप में शुरूआत कर दी है। श्री गहलोत को उन्होंने अवगत कराया कि विश्वविद्यालय का ल़क्षय आगामी 3 वर्ष में इन्फोसिस के सहयोग से भ्000 से अधिक विद्यार्थियों को engineering, management, संचार आदि के क्षेत्र में उच्च अध्ययन के लिए प्रवेश देने का है।

मुख्यमंत्री री को श्री पाई व श्री पाबला ने बताया कि फिलहाल अजमेर रोड स्थित वाटिका इन्फोटेक सिटी में अस्थाई केम्पस प्रारंभ किया गया है। विश्वविद्यालय के स्थाई परिसर का निर्माण बगरू के पास दहमीकलां गांव में राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई भूमि पर किया जा रहा है। श्री गहलोत को उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा आगामी तीन वर्षो की कार्ययोजना की जानकारी भी दी।

बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री श्री जितेंद्र सिंह, योजना आयोग के सदस्य श्री के. कस्तूरीरंगन, नगरीय विकास विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री जी.एस. संधु, प्रमुख शासन सचिव उच्च शिक्षा श्री राजीव स्वरूप के अलावा डॉ॰ एच. पी. खींचा, अभय जैन भी उपस्थित थे।

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