Saturday, July 11th, 2020

मंत्री ने अधिकारी की जमकर खबर ली - शिक्षा अधिकारियों को हटाना भी पड़ा

सुरेन्द्र अग्निहोत्री,,

आई.एन.वी.सी,,

लखनऊ,,

बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोबिंद  चौधरी  ने प्रदेश के बेसिक शिक्षा अधिकारी की बैठक में बेसिक शिक्षा अधिकारी की जम कर खबर ली और उन्हे चेतावनी देते हुए कहा कि मैंने आप लोगों को इस विश्वास के साथ बेसिक शिक्षा अधिकारी पद का दायित्व सौंपा था कि आप पिछले शासन की कार्य संस्कृति से हटकर पूर्ण निष्ठा एवं ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। मुझे खेदपूर्वक यह कहना पड़ रहा है कि दो-चार जनपदों को छोड़कर शेष जनपदों में अध्यापकों के समायोजन, यूनीफार्म के क्रय एवं भवन निर्माण में अनियमितता की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इन्हीं कारणोंवश कुछ जनपदों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को हटाना भी पड़ा है। किसी भी जनपद से प्राप्त शिकायतें यदि प्रथमदृष्टया सही पाई जायेंगी, तो वहाॅं के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को तत्काल हटाकर अनुशासनिक कार्यवाही करने में मुझे जरा भी संकोच नहीं होगा। बेसिक शिक्षा मंत्री रामगाोबिन्द चैधरी ने कहा कि एक माह पहले निदेशक के माध्यम से यह निर्देश परिचालित करवाये थे कि सभी बेसिक शिक्षा अधिकारी स्कूल भवनों की दशा का निरीक्षण करेंगे और असुरक्षित भवनों में विद्यालय को संचालित नहीं करवायेंगे। अभी तक भवनों के निरीक्षण से संबंधित जाॅंचाख्या मेरे पास प्रस्तुत नहीं हुई है।इसी प्रकार मैंने समस्त ग्रामवासियों से लेकर सांसदों को एक विस्तृत पत्र लिखा था। इस पत्र को आपको अपने जनपदों में वितरित कराना था। अपर निदेशक, सर्व शिक्षा अभियान ने बताया है कि यह पत्र आपको लगभग एक माह पूर्व भेजा जा चुका है, फिर भी यह पत्र अब तक उन व्यक्तियों तक नहीं पहुॅंचा जिन्हें संबोधित था। आपकी यह उदासीनता कड़ी कार्यवाही के लिए प्रेरित करती है। अब एक सप्ताह में सभी संबंधित को इसका प्रेषण सुनिश्चित करें। बच्चों को यूनीफार्म वितरित कराने तथा उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित कराने की पूरी जिम्मेदारी आपकी है। मैं स्वयं व अधिकारियों को भेजकर इसकी जाॅंच शीघ्र ही कराऊॅंगा और मानकों से हटकर की गई कार्यवाही के लिए आपको भी उतना ही दोषी पाया जायेगा, जितना नीचे के व्यक्तियों को। बेसिक शिक्षा मंत्री रामगाोबिन्द चैधरी ने कहा कि मध्यान्ह भोजन योजना के अन्तर्गत दिए जाने वाले भोजन के विषय में भी अच्छी रिर्पोटस् नहीं मिल रही हैं। आप स्वयं इसकी मानीटरिंग करें और इसमें अपेक्षित सुधार लाये, अन्यथा आपको भी अन्य की भांति कड़े दण्ड का भागी होना होगा। सर्व शिक्षा अभियान के अन्तर्गत संचालित विकलांग बच्चों के शिविरों एवं कस्तूरबा विद्यालयों के संबंध में भी प्रतिकूल शिकायतें प्राप्त हो रही हैं,    बी.एस.ए. व्यक्तिगत ध्यान देकर इनमें सुधार लाये, अन्यथा कड़ी कार्यवाही की जायेगी। स्कूल जुलाई में ही खुल चुके हैं और उनमें बच्चों के दाखिले के संबंध में आपको विशेष रूप से ध्यान देना है। 15 दिन में अपने जनपदों के सभी स्कूलों में प्रवेशार्थियों की संख्या का विवरण निदेशक के माध्यम से मुझे प्रेषित किया जाये और यह सुनिश्चित किया जाये कि संख्या वास्तविक हो तथा वर्ष के अंत तक बच्चे शिक्षणरत् रहें। जिन बेसिक शिक्षा अधिकारियों के जनपदों में कम बच्चों द्वारा प्रवेश लेने की सूचना रहती है, उनके व खण्ड शिक्षा अधिकारी के विरूद्व कड़ी कार्यवाही की जायेगी। अध्यापकों की उपस्थिति भी एक गंभीर विषय है। आपका यह दायित्व है कि अध्यापक समय से स्कूल में पहुॅंचे। इस संबंध में भी यदि अन्यथा रिर्पोटे आती हैं तो बी.एस.ए. और ए.बी.एस.ए. को मुख्य रूप से दोषी मानते हुए कार्यवाही की जायेगी। मुझे बराबर सूचित किया जा रहा है कि बी.एस.ए. के कार्यालयों में अध्यापकों के अवशेष वेतन, स्टाइपेण्ड, अन्य देयकों, चिकित्सा अवकाश तथा मातृत्व अवकाश के मामलें अकारण ही लम्बे समय तक लंबित रखकर निहित स्वार्थों की पूर्ति की जाती है। सभी बेसिक शिक्षा अधिकारी अपने कार्यालय में लंबित इन श्रेणी के मामलों की सूचना हर माह निदेशालय को प्रेषित करें तथा निदेशक ऐसी सभी सूचनाओं को संकलित कर मुझे हर माह प्रस्तुत करेंगे। 

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