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Wednesday, December 2nd, 2020

भ्रष्टाचार रोकने को विजिलेंस कमीशन

पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के तीसरे दिन सरकार ने हंगामे के बीच 7 और बिलों को पास किया गया। इन बिलों में से कई बिल छोटे किसानों और गरीब लोगों से जुड़े हुए हैं। विजिलेंस कमीशन का बिल सीएम कैप्टन ने पेश किया। 4 बिल राजस्व मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ ने और एक-एक बिल मनप्रीत बादल और बलबीर सिद्धू ने पेश किया। इस दौरान विधानसभा में विपक्ष ने हंगामा भी किया। स्कॉलरशिप घोटाले के खिलाफ अकालियों का हंगामा, वॉकआउट किया।

विजिलेंस कमीशन बिल... सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार पर भी नजर रखी जा सकेगी। कर्मचारियों को समय पर काम करने को पाबंद किया जा सकेगा। आरोपी कर्मचारियों से पूछताछ का हक भी होगा।

मालिकाना हक बिल... जो लोग भोंडेदार, बूटेमार, डोहलीदार, इनसार मियादी, मुकररीदार, मुंढीमार, पनाही कदीम, सौंजीदार हैं और 20 सालों से उस जमीन पर कब्जा है, उनको मालिकाना हक मिलेगा।

अलॉटमेंट ऑफ स्टेट गवर्नमेंट लैंड बिल... 10 सालों से काश्त कर रहे व छोटे और मध्यम किसानों को उचित कीमत पर ज़मीन देने में मदद मिलेगी। पहले जमीन आवंटन को 12 साल की शर्त थी। अब 10 साल किया गया है।

पंजाब लैंड रेवेन्यू बिल... अपील, संशोधन और समन की सेवा विधि में संशोधन किए गए हैं। लैंड रेवेन्यू से जुड़े मामलों को अधिकारी अपने स्तर पर निपटा सकेंगे। अदालती चक्करों से बचा जा सकेगा।

आलू बीज बिल... मानक आलू बीज के उत्पादन को मंज़ूरी देकर किसानों की आय बढ़ाना है। राज्य को देश में बीज आलू के निर्यात केंद्र के तौर पर विकसित किया जा सके। सूबे में आलू का बीज तैयार हो सकेगा।

फैक्ट्री बिल... फैक्ट्री (पंजाब अमेंडमेंट) बिल पेश किया। इससे राज्य के निवेश के माहौल को सुधारने और रोजगार के ज्यादा अवसर पैदा होंगे। इससे छोटी इकाइयों में ज्यादा वर्कर काम कर सकेंगे।

रजिस्ट्रेशन बिल... राजस्व अधिकारियों को सरकार की ज़मीनों, वक्फ़ बोर्ड, शामलात ज़मीन की बिक्री या खरीद की रजिस्ट्री करने से इनकार करने का अधिकार मिल जाएगा। जबकि पहले इन जमीनों पर लोग रजिस्ट्री करवा लेते थे और बाद में कोर्ट चले जाते थे।PLC.

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