Friday, April 3rd, 2020

भारत माता के बेटे-बेटियां यहां नहीं, तो कहां जाएंगे

इंदौर । नागरिकता संशोधन कानून पर हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी स्पष्ट शब्दों में कहा है कि हम किसी की नागरिकता नहीं छीनेंगे, लेकिन जो बाहर से प्रताड़ित होकर, अपना सब कुछ खोकर आए हैं, उनको भी भारत में सम्मान से जीने का हक देंगे। कांग्रेस शुरू से वोटबैंक की राजनीति करती आई है और आज भी उसके लिए देश सर्वोपरि नहीं है। इसलिए कांग्रेस ने यह तय किया है कि हम एक समाज विशेष के लोगों को भड़काएंगे, गुमराह करेंगे और अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकेंगे, तो हमने भी यह तय किया है कि हम लोगों को सच्चाई बताएंगे और इसके लिए करोड़ों परिवारों से संपर्क करेंगे। यह बात भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जे.पी.नड्डा ने रविवार को इंदौर में सीएए के संबंध में आयोजित सिंधी, सिख सहित अन्य समाजों के सम्मेलन में कही। इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव एवं राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने भी संबोधित किया।
- जनता की संपत्ति के नुकसान पर मौन क्यों हैं कांग्रेस?
कार्यकारी अध्यक्ष नड्डा ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कभी देश के विभाजन का इतिहास पढ़ा है? क्योंकि उनके वक्तव्यों से नहीं लगता कि उनके मन में भारत माता के विभाजन का, अपना सब कुछ खोकर भारत आए लोगों की तकलीफों का कोई दर्द है। उन्होंने कहा कि क्या कभी राहुल गांधी पाकिस्तान या बांग्लादेश से आए शरणार्थियों के किसी कैंप में गए हैं? कभी उनके दर्द को महसूस करने की कोशिश की है? देश में एक हफ्ते से आंदोलन चल रहा है और जनता की संपत्ति का नुकसान हो रहा है। मैं राहुल और पूरी कांग्रेस से पूछना चाहता हूं कि क्या आपने इसकी निंदा की है? एक वक्तव्य भी दिया है? नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी अगर सीएए के दो ऐसे प्रावधान बता दें, जिनसे देश का नुकसान होता हो, तो देश का बहुत भला हो जाएगा।
- आपकी दी हुई ताकत और मोदी जी की इच्छाशक्ति से बना कानून
श्री नड्डा ने कहा कि देश में पिछले 50 सालों से नागरिकता संशोधन कानून की चर्चा होती रही, लेकिन कानून नहीं बन सका। इसे साकार किया मोदी जी की इच्छाशक्ति और अमित शाह जी की रणनीति ने। उन्होंने कहा कि इस कानून के पीछे इच्छाशक्ति भले ही मोदी जी की है, लेकिन उन्हें ये ताकत आपने दी है। श्री नड्डा ने कहा कि मई के महीने में आपने मोदी जी को कमल का बटन दबाकर ताकत दी और अगस्त में कश्मीर से 370 हट गई, जिसके बारे में सिर्फ चर्चाएं होती थीं। मुस्लिम महिलाओं को ट्रिपल तलाक से मुक्ति मिल गई। अब नागरिकता संशोधन कानून बना है, जो पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बंग्लादेश में धार्मिक आधार पर प्रताड़ित हो रहे हिंदू, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध, पारसी आदि धर्मों के  लोगों को भारत में सम्मान से जीने का हक देता है।  
भारत माता के बेटे-बेटियां यहां नहीं, तो कहां जाएंगेः राकेश सिंह
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि इस आयोजन में बड़ी संख्या में वह लोग हैं जिन्होंने भीषण प्रताड़नाएं झेली हैं। हम कैसे भूल सकते हैं 1947 के उन दंगों को जब लाशों से भरी रेलगाड़ियां आती थीं, बहू-बेटियां छीन लीं जाती थीं।  इन लोगों ने अनेक प्रताड़नाएं सहीं लेकिन अपने संस्कारों की चादर नहीं छोड़ी और उसी को ओढ़कर भारत आए। उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस के लोगों से पूछना चाहता हूं कि यह लोग भारत में नहीं आएंगे तो किस देश में इन्हें नागरिकता मिलेगी?
- भगवान ने जिंदगी, मां ने जन्म और मोदी जी ने नया जीवन दियाः शिवराजसिंह
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पाकिस्तान आई बहनों और बेटियों ने मुझे इंदौर में बताया था कि वहां हमारी संपत्ति लूट ली गई, हम मंदिर नहीं जा सकते, पूजा-पाठ नहीं कर सकते, त्योहार नहीं मना सकते। इतना ही नहीं वहां बेटियां उठा ली जाती हैं, उनका अपहरण किया जाता है, जबरदस्ती निकाह करा दिया जाता है, न माने तो हत्या कर दी जाती है।  श्री चौहान ने कहा कि भगवान ने इन लोगों को जिंदगी दी, मां ने जन्म दिया और धन्य हैं प्रधानमंत्री मोदी जी जिन्होंने इन्हें नया जीवन दिया। उन्होंने कहा कि इस बिल का विरोध समझ से परे है। तकलीफ केवल श्रीमती सोनिया गांधी, कमलनाथ को ही क्यों है? उन्होंने कहा कि यह वोटबैंक की राजनीति कांग्रेस को छोड़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के मुसलमान भाईयों-बहनों के खिलाफ इस कानून में कुछ भी नहीं है, लेकिन कुछ लोग भ्रम फैलाकर देश का माहौल खराब करना चाहते हैं। श्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ अगर एक संवैधानिक पद पर बैठकर संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित कानून का विरोध कर रहे हैं, तो उन्हें अपनी कुर्सी छोड़ देना चाहिए।
- कानून पहले पास हो गया होता, तो लोगों को इतने कष्ट नहीं झेलना पड़तेःविजयवर्गीय
उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि डॉ. श्यामप्रसाद मुखर्जी ने कहा था कि तुष्टीकरण की नीति के खिलाफ हम जनसंघ की स्थापना कर रहे हैं। एक देश में दो विधान, दो निशान और दो प्रधान नहीं चलेंगे। डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के सपने को साकार करने का काम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, अमित शाह ने किया है। उन्होंने देश से बाहर रह रहे विस्थापितों के दर्द और पीड़ा को समझा है। विजयवर्गीय ने कहा कि यह कानून अगर पहले पास हो गया होता, तो लोगों को इतने कष्ट नहीं झेलना पड़ते।
वास्तविक आजादी 13 दिसम्बर को मिलीः गोपाल भार्गव
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि देश को आजादी 1947 मिली थी, लेकिन वास्तविक आजादी 13 दिसम्बर को दोनों सदनों में इस बिल के पास हो जाने के बाद मिली है। उन्होंने कहा कि विस्थापितों ने अनेक समस्याओं का सामना किया। साल भर तक ट्रेनों में लाशें भर-भर कर आती रहीं। श्री भार्गव ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ इस कानून का विरोध कर रहे एक समाज विशेष के लोगों को साथ लेकर 25 दिसम्बर आंदोलन करने जा रहे हैं, ऐसे मुख्यमंत्री पर धिक्कार है। श्री भार्गव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और नड्डा जी ने ऐसे लोगों को रोकने का काम किया है, जो बाहरी देशों से आकर, यहां के संसाधनों का उपयोग कर इसी देश के विरोध में गतिविधियां चलाते हैं, आतंकवाद फैलाते हैं और जासूसी करते हैं।    
इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेता विक्रम वर्मा, कृष्णमुरारी मौघे, सुश्री ऊषा ठाकुर, जीतू जिराती, सुदर्शन गुप्ता, श्रीमती कविता पाटीदार, आकाश विजयवर्गीय, श्रीमती मालनी गौढ, गोपीकृष्ण नेमा, अशोक सोमानी, रमेश मेंदोला, मधु वर्मा, महेंद्र हार्डिया, जयपालसिंह छावड़ा सहित जिले के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे। मंच का संचालन सांसद शंकर लालवानी ने किया। PLC

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