राजीव जैन

नई दिल्ली.  इस साल पहली बार मई से जुलाई 2009 के दौरान यूरोप में भारतीय कार्य दल की तैनाती के हिस्से के रूप में भारतीय तट से दूर ब्रिट्टानी के तट पर 27 जून से 4 जुलाई के बीच वरुण अभ्यास आयोजित की जाएगी।

पिछले सात वर्षों से भारत और फ्रांस ने लगातार अपने द्विपक्षीय नौसेना रिश्तों को मजबूत किया है, जिसके तहत हमने वरुण नामक वार्षिक द्विपक्षीय अभ्यास आयोजित किया। युध्द में बढ़ती जटिल प्रक्रियाओं को देखते हुए इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों नौ सेनाओं के बीच बढ़ती हुई जटिलताओं के साथ अंतर भ्रमणशीलता को बढ़ाना है।
 
दोनों देशों के बीच नौ सेना के बीच यह भागीदारी वर्ष 2006 में भारतीय प्रधानमंत्री तथा फ्रांस के राष्ट्रपति के बीच हस्ताक्षरित व्यापक रक्षा समझौते पर आधारित है। भारत और फ्रांस दोनों ही अपने नौसेना सहयोग को मजबूत करना चाहते हैं कि जो कि पहले ही काफी मजबूत साबित हो चुका है और यह मात्र वरुण शृंखला तक ही सीमित  नहीं है जैसा कि अभी भारतीय महासागर मे चल रही गतिविधियों से दिखता है। यहां दोनों नौ सेनाएं सोमाली लुटेरों पर काबू पाने की दिशा में मिलकर सहयोग कर रहे हैं।

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