Monday, December 9th, 2019

भारत ने ब्रि‍क्‍स देशों के लि‍ए वि‍शेष वि‍ज्ञान, प्रौद्योगि‍की और नवपरि‍वर्तन (एसटीआई) कोष का प्रस्‍ताव दि‍या : अश्‍वनी कुमार

आई.एन.वी.सी,, दिल्ली,,

भारत ने ब्राजील, भारत, चीन और दक्षि‍ण अफ्रीका (ब्रि‍क्‍स) देशों के लि‍ए 20 लाख अमरीकी डॉलर तक की राशि‍के वि‍शेष वि‍ज्ञान, प्रौद्योगि‍की और नवपरि‍वर्तन (एसटीआई) कोष का प्रस्‍ताव दि‍या। वि‍ज्ञान व प्रौद्योगि‍की, भू-वि‍ज्ञान और योजना आयोग के राज्‍य मंत्री डॉ. अश्‍वनी कुमार ने आज चीन के दलि‍यान में ग्रीष्‍मकालीन दवास सम्‍मेलन में भारत के सहयोग की घोषणा की। इस सम्‍मेलन का आयोजन वि‍श्‍व आर्थि‍क मंच और भारतीय उद्योग परि‍संघ (सीआईआई) द्वारा कि‍या गया था। डॉ. अश्‍वनी ने कहा कि‍भारत ब्रि‍क्‍स एसटीआई कोष के प्रस्‍तावि‍त एक करोड़ अमरीकी डॉलर में अपने योगदान के हि‍स्‍से के रूप में 20 लाख अमरीकी डॉलर की प्रारंभि‍क राशि‍देने का इच्‍छुक है। उन्‍होंने इस बैठक में 3 महत्‍वपूर्ण प्रस्‍ताव भी पेश कि‍ए। इस बैठक में अपने संबोधन में डॉ. अश्‍वनी कुमार ने भूख, कुपोषण, महामारी, जलवायु परि‍वर्तन, ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और ऐसी ही इस सदी की कई अन्‍य चुनौति‍यों का सामना करने के लि‍ए वैज्ञानि‍क और तकनीकी ज्ञान के सामूहि‍क दोहन की आवश्‍यकता पर जोर दि‍या। डॉ. अश्‍वनी कुमार ने जलवायु परि‍वर्तन पर राष्‍ट्रीय योजना के तहत भारत के 8 अभि‍यानों की भी जानकारी दी और इस बात पर जोर दि‍या कि‍अपने सकल घरेलू उत्‍पाद के वि‍कास को बनाए रखते हुए ग्रीन हाउस गैसों के उत्‍सर्जन में कमी लाने की जि‍म्‍मेदारि‍यों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती का सामना सभी ब्रि‍क्‍स देश कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि‍यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां ब्रि‍क्‍स देश आपस में सहयोग कर सकते हैं और सामूहि‍क उत्‍कृष्‍टता के माध्‍यम से वैश्‍वि‍क समस्‍याओं का बेहतर तरीके से सामना कर सकते हैं। डॉ. अश्‍वनी कुमार ने कहा कि‍तीन महत्‍वपूर्ण प्रस्‍तावों में से एक के तहत भारत ऊर्जा, जल, स्‍वास्‍थ्‍य, प्राकृति‍क आपदा प्रबंधन, आईसीटी, वि‍ज्ञान व प्रौद्योगि‍की के उभरते क्षेत्रों में बुनि‍यादी अनुसंधान, औद्योगि‍क समूहों खासतौर पर सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यमों के क्षेत्रों में ब्रि‍क्‍स एसटीआई सहयोग की गति‍वि‍धि‍यों का अनुसरण करेगा। दूसरे प्रस्‍ताव के तहत भारत ने कहा कि‍वह एसटीआई सहयोग के लि‍ए ब्रि‍क्‍स के दि‍शा-नि‍र्देश तैयार करने के पक्ष में है। तीसरा प्रस्‍ताव ब्रि‍क्‍स एसटीआई कोष के नि‍र्माण से संबंधि‍त है, जि‍समें प्रत्‍येक सदस्‍य राष्‍ट्र एसटीआई दि‍शा-नि‍र्देश के तहत सहयोगी गति‍वि‍धि‍यों को बढ़ावा देने के लि‍ए वार्षि‍क योगदान करेगा।

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