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रायपुर,
शिक्षा राज्य मंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी ने कहा है कि भारतीय संस्कृति अध्यात्म के साथ ही गणीतीय ज्ञान से ओतप्रोत रही है। उन्हाेंने प्राचीन भारतीय ज्ञान को आधुनिक संदर्भों में व्यापक स्तर पर प्रसारित किए जाने पर जोर दिया है। उन्होंने भारत को गणित में शून्य के संयोग से अनंत गणनाएं करने की क्षमता करने वाला बताते हुए कहा कि विश्व के वैज्ञानिक विकास में भारत की गणितीय पद्धति ने ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रो.देवनानी ने गुरूवार को यहां बिड़ला सभागार में राजस्थान रत्न अवार्ड प्राप्त करने वाले सुप्रसिद्ध गणितज्ञ डॉ. मंजुल भार्गव के विशेष व्याख्यान कार्यक्रम में भारतीय गणित की परम्परा पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आर्यभट्ट द्वारा निकाले गए पाई के मान, भास्कराचार्य द्वारा  बीजगणित,ज्यामिति, त्रिकोणमिति आदि में दिए योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि गणित में शून्य की संकल्पना, स्थिति और सिद्धान्त और आज तक प्रयुक्त संख्याएं भारत की ही पूरे विश्व को देन है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति को उदार बनाकर संस्कारित करती है। हमारा प्राचीन ज्ञान गणित और विज्ञान की जानकारियों का समृद्ध है। उसका जितना अधिक आधुनिक संदर्भों में प्रसार होगा, उतना ही नवीन पीढी का भला होगा। उन्होंने सुप्रसिद्ध गणितज्ञ डॉ. मंजुल भार्गव द्वार रामानुजन की गणितीय परम्परा को आगे बढ़ाना वाला बताते हुए कहा कि उनके गणितीय ज्ञान से प्रेरणा लेने की जरूरत है। ‘रामानुजन जो अनंत के बारे में जानते थे’ व्याख्यान इस अवसर पर ‘रामानुजन जो अनन्त के बारे में जानते थे’ विषयक अपने व्याख्यान में सुप्रसिद्व गणितज्ञ डॉ. मंजुल भार्गव ने कहा कि प्रतिभा कहीं भी हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि प्रतिभा को अवसर मिले। उन्होंने बच्चों को रामानुजन के जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि बगैर औपचारिक शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद उनके गणितीय ज्ञान के कारण ही उन्हें कैम्बि्रज विश्वविद्यालय आमंत्रित किया गया। उन्होंने  रामानुजन के गणित के क्षेत्र में दिए योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि गणित में अनंत की संभावनाओ की तलाश रामानुजन ने सूत्रों और सिद्धान्तों से की। डॉ. भार्गव ने कहा कि जीएच हार्डी ने रामानुजन की गणितीय प्रतिभा को पहचाना और उनके गणित के सूत्र देखे तो कहा कि एक जीवन भी उनके प्रतिपादित गणित सूत्रो ंको समझने के लिए कम है। रामानुजन के जीवन पर हॉलीवुड में बनाई गई फिल्म ‘द मैन हू न्यू इनफिनिटी’ के अंशों का भी उन्होंने व्याख्यान में प्रदर्शन किया। इस फिल्म में रामानुजन के बचपन के जीवन के साथ ही हार्डी को लिखे उनके पत्र और फिर कैम्बि्रज यूनिवर्सिटी उन्हें बुलाए जाने के प्रसंग है। फिल्म 29 अप्रेल को प्रदर्शित होगी और इससे पूरी दुनिया रामानुजन के बारे में और अधिक जान सकेगी। इससे पहले डॉ. भार्गव ने राजस्थान से अपने जुड़ाव के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि मेरे लिए राजस्थान दुनिया का रत्न है। मैने जो कुछ सीखा, उसकी नींव राजस्थान में ही तैयार हुई। संगीत और संस्कृत ने मुझे बहुत कुछ दिया और गणित की मेरी जानकारी का विस्तार इसी से हुआ। उन्होंने बच्चों को अच्छी से अच्छी शिक्षा प्राप्त करने और आगे बढ़ने के लिए अपने व्याख्यान से प्रेरित किया। शासन सचिव, स्कूल शिक्षा श्री नरेशपाल गंगवार, सर्व शिक्षा अभियान के आयुक्त श्री महावीर स्वामी, अतिरिक्त आयुक्त डॉ. प्रियाबलराम शर्मा ने रामानुजन के गणित ज्ञान और डॉ. भार्गव के इस विषय पर उद्बोधन की सराहना करते हुए कहा कि इससे बच्चों को प्रेरणा मिलेगी।

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