अमर वर्मा

नई दिल्ली। लोकसभा की विशेषाधिकार समिति ने ‘नोट फॉर वोट’  प्रकरण में भारतीय जनता पार्टी के तीन सांसदों को सदन की अवमानना को दोषी क़रार दिया है। इन सांसदों ने पिछले साल जुलाई में यूपीए सरकार के विश्वास प्रस्ताव के दौरान संसद में नोटों के बंडल दिखाकर खासा हंगामा किया था। उन्होंने यूपीए सरकार पर नोट के बदले वोट खरीदने का आरोप लगाया था। इस प्रकरण को लेकर विदेशों भारतीय संसद की छवि धूमिल हुई थी.

गौरतलब है कि भाजपा सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, अशोक अर्गल और महावीर भगोरा ने विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सदन में नोटों के बंडल दिखाते हुए आरोप लगाया था कि यह पैसा उन्हें यूपीए सरकार के पक्ष में वोट डालने के लिए दिया गया था. इस मामले को लेकर उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं पर भी गंभीर आरोप लगाए थे.

संसद विशेषाधिकार समिति ने भाजपा सांसदों की खिंचाई करते हुए कहा है कि उनके इस कृत्य से हमारी राजनीतिक व्यवस्था की विश्वसनीयता को ठेस पहुंची है. इन सांसदों की कार्रवाई सदन की अवमानना का मामला है। समिति ने कहा है कि इस तरह के कार्यो का निश्चित तौर पर पर्दाफाश होना चाहिए, लेकिन उन्होंने जो तरीका अपनाया वो सही नहीं था, क्योंकि उससे संसद की गरिमा धूमिल हुई है.  

समिति ने एक अन्य रिपोर्ट में अडवानी के सलाहकार सुधींद्र कुलकर्णी को विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का दोषी पाया है.

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