Wednesday, October 23rd, 2019
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बढ़ेगी व्यपार सुगमता

​आई एन वी सी न्यूज़
रांची,
मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी ने झारखंड में रेलवे प्रोजेक्टों के लंबित मामलों की समीक्षा की तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। उन्होंने राज्य में रेल विस्तार की योजनाओं के लिए अब तक रेलवे को दी गई जमीन के संबंध में कहा कि हमने कई केंद्रीय संस्थानों और संगठनों को जमीन दी जाती रही है। इसका आकलन भी होना चाहिए कि उसके उपयोग की वास्तविक स्थिति क्या है। उन्होंने राजस्व सचिव को निर्देश दिया कि रेलवे व अन्य संस्थानों को दी गई जमीन के उपयोग की वर्तमान स्थिति का डाटाबेस बनाएं। साथ ही डाटाबेस में यह उल्लेख करें कि अब तक कितनी जमीन दी गई है, और उसका कितना उपयोग हुआ है। मुख्य सचिव झारखंड मंत्रालय स्थित अपने सभा कक्ष में झारखंड में लंबित रेलवे प्रोजेक्ट को धरातल पर लाने के लिए आयोजित बैठक मंप बोल रहे थे। 

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से बढ़ेगी व्यापार सुगमता
मुख्य सचिव ने कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर रेल पथ हैं, जो केवल माल ढुलाई के लिए निर्धारित किए जाते हैं। भारत में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि अपने निर्दिष्ट बंदरगाहों के लिए उद्योगों के बीच माल की आपूर्ति आसानी से की जा सके। बैठक में राजस्व सचिव के के सोन ने बताया कि अब तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर अंतर्गत आवश्यकता के अनुरूप चार जिलों में 90 फीसदी जमीन रेलवे को दी जा चुकी है। बाकी बची जमीन भी एक माह के भीतर रेलवे को देने की प्रक्रिया जारी है। वन विभाग की ओर से बताया गया कि उनकी तरफ से भी वन भूमि के उपयोग के लिए जरूरी कार्यवाही की जा रही है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि सारी कार्रवाई को ऑनलाइन करें। साथ ही जो भी कार्यवाही कर रहे हैं, उसकी सूचना राजस्व सचिव को भी दें, ताकि तालमेल बना रहे। वहीं ऊर्जा सचिव श्रीमती वंदना डाडेल ने विद्युत टावर लगाने के कार्यों का विस्तृत ब्योरा दिया। मुख्य सचिव ने बाकी बचे काम को ससमय पूरा करने का निर्देश दिया। 

बैठक में ये थे मौजूद
झारखंड में रेलवे प्रोजेक्टों के लंबित मामलों की मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में राजस्व सचिव श्री के के सोन, परिवहन सचिव श्री प्रवीण टोप्पो, ऊर्जा सचिव श्रीमती वंदना डाडेल, वन विभाग के विशेष सचिव श्री ए के रस्तोगी समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।



 

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