Tuesday, February 25th, 2020

बैंक पूरी तरह से सहयोग करे तो भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सकता है - नितीश कुमार

आई.एन.वी.सी, पटना, बैंक पूरी तरह से सहयोग करे तो भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सकता है और आर्थिक समृद्धि लाए जाने की योजना सफल हो सकती है। आज मुख्यमंत्री सचिवालय के संवाद सभा भवन में बिहार सरकार एवं सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित बिहार राज्य के सरकारी कर्मियों को वेस रेट पर गृह निर्माण ऋण योजना का शुभारंभ कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दस राज्यकर्मियों के बीच संकेतिक ऋण का वितरण किया एवं उन्हें ऋण का चेक दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा राज्य कर्मियों को गृह निर्माण के लिए जो ऋण व्यवस्था की गई है, उससे राज्य कर्मी लाभािन्वत होंगे और उन्हें गृह निर्माण करने के लिए नए अवसर मिलेंगे। इस योजना को प्रारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री ने सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया को बधाई भी दी और कहा कि इसके अलावा सरकार की ऋण व्यवस्था भी चालू रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गृह निर्माण के लिए साढ़े सात लाख रूपए तक की ऋण सुलभ कराए जाने की योजना है, जो राशि गृह निर्माण के लिए इस महंगाई के दौर में पर्याप्त नहीं है। नई योजना के तहत गृह निर्माण के लिए 30 लाख रूपए तक का ऋण बैंक से राज्यकर्मी ले सकेंगे और उनके तनख्वाह से हर माह ई0एम0आई0 कटा करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में बैंकों के माध्यम से सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को लागू कराने का प्रयास किया। पोशाक योजना और साइकिल योजना के लिए राशि सीधे बैकों के माध्यम से लाभार्थियों को देना चाहते थे किंतु बैंकों का इन योजनाओं के कार्यान्वयन में उत्साहपूर्ण सहयोग नहीं मिला। जिस कारण लाभार्थियों को सीधे नगद राशि दिए जाने की व्यवस्था की गई। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय बैंकर सलाहकार समिति की बैठकों में भी उनके द्वारा सुझाव दिए गए। उन्होंने कहा कि वे ऐसी व्यवस्था चाहते हैं कि राज्य की कल्याणकारी योजनाओं से बिचौलियों को पूरी तरह से हटाकर राज्य सहायता की राशि सीधे लाभार्थियों के खाते में बैंकों के माध्यम से दी जाय। छात्रवृति की रिाश को भी सीधे बैंक खाते में जमा किए जाएं और छात्रवृति की राशि ए0टी0एम0 के माध्यम से छात्र निकालें। मुख्यमंत्री ने सेन्ट्रल बैंक द्वारा ग्रामीण स्तर पर बैंकों की शाखा को विकसित करने के लिए जो कार्य किए जा रहे हैं, उससे उन्हें प्रसन्नता हुयी है। बैंक ठीक ढ़ंग से कार्य करने लगे और सकारात्मक सहयोग दें तो विकास के कार्यों में तेजी आएगी और आर्थिक समृद्धि लाए जाने का प्रयास सफल होगा। लोगों का शोषण भी बंद हो जाएगा। मनरेगा योजना के तहत मजदूरों को मजदूरी का भुगतान भी बैंक खाते के माध्यम से कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के साथ-साथ अन्य बैंकों से अपील किया है कि विकास की अन्य दूसरी योजनाओं के कार्यान्वयन में भी सहयोग करें। असंगठित क्षेत्र के लोगों को भी बैंक सहयोग दे। किसान, बुनकर, गरीबी रेखा के नीचे के लोगों को भी अपना घर बने, इसके लिए भी बैंक सोंचे और योजना बनाए। सरकार भी इसमें सहयोग करेगी। उप मुख्यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि मनुष्य की प्राथमिक आवश्यकताओं में खाना, कपड़ा और मकान है। खाना, कपड़े का तो इंतजाम तो किसी तरह पूरा हो जाता है, मगर मकान का सपना पूरा नहीं हो पाता है। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि सेन्ट्रल बैंक द्वारा राज्यकर्मियों के लिए गृह निर्माण अिग्रम की योजना चलाए जाने से बैंकों के बीच स्पद्धाZ बढ़ेगी और लोगों को अधिक से अधिक रोजगार मिलेंगे। उन्होंने कहा कि गृह निर्माण में रोजगार की संभावनाएं अत्यधिक हैं। इससे अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। उप मुख्यमंत्री ने राज्यकर्मियों से अपील किया कि वे इस नए योजना से लाभािन्वत हों और मकान बनाने के सपना को पूरा करें। उन्होंने सेन्ट्रल बैंक से अपील किया कि वे विधायकों के गृह निर्माण के लिए भी कोई ऋण योजना बनाए। उन्होंने बैंकों से अपील किया कि इिंदरा आवास निर्माण के लिए भी लाभार्थियों को छोटी पूंजी ऋण के रूप में सस्ते दर पर सुलभ कराने की योजना बनायी जाय। साथ ही राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन में भी बैंक सहयोग करे। उन्होंने कहा कि सेन्ट्रल बैंक द्वारा जो गृह निर्माण के लिए जो ऋण दी जा रही है, वह वेस रेट पर दी जाएगी, जो सबसे कम ब्याज दर पर लोगों को सुलभ होगी। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सेन्ट्रल बैंक ने गृह निर्माण के लिए इस योजना के तहत 39 करोड़ रूपए का ऋण स्वीकृत किया है। सेन्ट्रल बैंक के कार्यपालक निदेशक श्री आर0के0 दुबे ने विस्तार से योजना पर प्रकाश डाला तथा राज्य में सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा चलायी जा रही गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सेन्ट्रल बैंक द्वारा शिक्षा, कृषि के क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऋण दिए गए हैं। साथ ही जीविका के स्वयं सहायता समूहों को भी ऋण सुलभ कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि बैंक का प्रयास है कि सभी के चेहरे पर मुस्कान आए। श्री दुबे ने मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार एवं उप मुख्यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी को प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। प्रधान सचिव वित विभाग ने स्वागत भाषण किया और सेन्ट्रल बैंक से अनुरोध किया कि वे मार्जिंग मणि को कम करें। साथ ही इस योजना के व्यापक प्रचार प्रसार के लिए हेल्पलाइन की व्यवस्था करें ताकि अधिक से अधिक लोगों को योजना की जानकारी मिले और वे इससे लाभािन्वत हो पाएं। मंच का संचालन वित विभाग के सचिव व्यय श्री मिहिर कुमार सिंह ने की एवं इस अवसर पर बिहार सरकार एवं सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के बीच एक एम0ओ0यू0 पर हस्ताक्षर भी किए गए।

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